गोरक्षपीठ में गूंजा ‘नंद के आनंद भयो’: सीएम योगी ने झुलाया लड्डू गोपाल का पालना, भजनों में रमे श्रद्धालु

गोरखपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गोरक्षपीठ में भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव को विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मनाया। मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मुख्यमंत्री ने गर्भगृह में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीकृष्ण से लोककल्याण की कामना की।

गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में CM योगी ने की विधि-विधान से पूजा

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा संपन्न होने के बाद भगवान के बाल स्वरूप का प्राकट्य हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में डूबा नजर आया।

प्राकट्य के बाद मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीकृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप को पालने में झुलाया। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन और जन्मोत्सव की इस धार्मिक परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे।

बाल गोपाल को दुलारकर भजनों का आनंद लेते दिखे योगी

प्राकट्योत्सव के बाद महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में भी भक्तिमय माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाल गोपाल को दुलार किया और वहां प्रस्तुत किए गए भजनों का आनंद लिया।

भक्तिमय गीतों और भजनों के बीच पूरा वातावरण कृष्णमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।

‘नंद के आनंद भयो’ से गूंजा गोरक्षपीठ

भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ ही गोरक्षपीठ में जन्माष्टमी की

खुशियां चरम पर पहुंच गईं। भजनों और धार्मिक जयघोष से मंदिर परिसर का

वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए।

लड्डू गोपाल के पालने को झुलाने की परंपरा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

मथुरा से गोरखपुर तक कृष्ण भक्ति में रमे रहे CM योगी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की धार्मिक यात्रा और

कार्यक्रमों में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आस्था और साधना की झलक देखने को मिली। मथुरा से लेकर

गोरखपुर तक योगेश्वर श्रीकृष्ण की साधना और जन्मोत्सव की परंपरा से जुड़े कार्यक्रमों में वह सहभागी बने।

गोरक्षपीठ में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में भी मुख्यमंत्री ने धार्मिक

अनुष्ठानों में हिस्सा लिया और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का पूजन किया।

गोरक्षपीठ में दिखा श्रद्धा और भक्ति का माहौल

गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं।

मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर

आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के समय धार्मिक परंपराओं के

अनुसार पूजा-अर्चना और अन्य कार्यक्रम संपन्न हुए।

जैसे ही भगवान के बाल स्वरूप का प्राकट्य हुआ, श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल बन गया।

लोककल्याण की भावना से जुड़ा है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का संदेश

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और

उनके संदेशों को स्मरण करने का अवसर भी है। गोरक्षपीठ में आयोजित प्राकट्योत्सव के दौरान भी श्रद्धा,

भक्ति और लोककल्याण की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा की और जन्मोत्सव में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

read this post : जाति-धर्म का भेद मनुष्य में नहीं, मन के अंदर है: नफरत की जड़ जाति नहीं, बुरे कर्म और स्वार्थ हैं