फर्रुखाबाद स्कूल हादसा
फर्रुखाबाद जिले में एक बड़ा हादसा सामने आया है। मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के गांव राठौर मोहिद्दीनपुर स्थित एक प्राइमरी स्कूल में मंगलवार दोपहर दवा वितरण के दौरान 100 से अधिक बच्चे अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गए। बच्चों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत हुई। सूचना मिलते ही गांव में अफरातफरी मच गई और परिजन स्कूल पहुंचकर हंगामा करने लगे। स्थिति को देखते हुए जिले भर से एंबुलेंस बुलाई गईं और बच्चों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। यह घटना फर्रुखाबाद न्यूज में तेजी से सुर्खियां बटोर रही है और स्कूलों में दवा वितरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ स्कूल में?
मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे राठौर मोहिद्दीनपुर प्राइमरी स्कूल में बच्चों को सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत दवा दी गई। दवा खाने के महज 15-20 मिनट बाद ही दर्जनों बच्चे उल्टी-दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत करने लगे। कुछ बच्चे बेहोश होने लगे। स्कूल स्टाफ ने तुरंत अभिभावकों को सूचना दी। परिजन स्कूल पहुंचे और शिक्षकों से हिसाब मांगने लगे। हंगामे के बीच बच्चों की हालत बिगड़ती गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दवा खाने के बाद बच्चे जमीन पर गिरने लगे। गांव में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही मोहम्मदाबाद थाना पुलिस, सीएमओ और जिला प्रशासन अलर्ट हो गया। जिले भर से 20 से अधिक एंबुलेंस बुलाई गईं। बच्चों को फर्रुखाबाद जिला अस्पताल, सदर अस्पताल और नजदीकी प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचाया गया।
अस्पताल में भर्ती और बच्चों की स्थिति
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चों को पेट की सफाई, इंजेक्शन और IV फ्लूइड दिए। अधिकांश बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन कुछ की स्थिति गंभीर है। जिला अस्पताल में 40 से अधिक बच्चे भर्ती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह फूड पॉइजनिंग या दवा में मिलावट का मामला लग रहा है। फॉरेंसिक जांच के लिए दवा के सैंपल लिए गए हैं।
परिजनों ने आरोप लगाया कि दवा खराब या एक्सपायरी थी। एक मां ने कहा,
“हमारे बच्चे दवा खाकर बीमार हो गए। सरकार की दवा से ऐसा हो रहा है तो भरोसा कैसे करें?”
कई अभिभावक अस्पताल में धरने पर बैठ गए और जांच की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
फर्रुखाबाद के सीएमओ ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सभी बच्चों को
बेहतर इलाज दिया जा रहा है। दवा के बैच की जांच शुरू कर दी गई है। अगर मिलावट या
एक्सपायरी साबित हुई तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
डीएम ने जांच कमेटी गठित करने का आदेश दिया है।
प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन और दवा वितरण करने वाली एजेंसी से रिपोर्ट मांगी है।
बच्चों के माता-पिता को आश्वासन दिया गया है कि जांच पूरी होने तक कोई दोषी नहीं बचेगा।
फर्रुखाबाद में बढ़ते स्कूल हादसे: चिंता का विषय
फर्रुखाबाद में सरकारी स्कूलों में दवा वितरण और मिड-डे मील से जुड़े हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं
। विशेषज्ञों का कहना है कि दवा वितरण से पहले क्वालिटी चेक और स्टोरेज की जांच जरूरी है।
अभिभावक अब दवा देने से पहले सावधानी बरतने की बात कह रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और स्कूलों में सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है।
फर्रुखाबाद जिला प्रशासन पर अब जांच पूरी कर कार्रवाई का दबाव है।
Read this post:आंखों के उपचार में चली गई आंखें: संक्रमण ऐसा कि दो मरीजों की निकालनी पड़ी आंख, एक की रोशनी गई