मेरठ में पहली बार भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम हवाई प्रदर्शन करने जा रही है। 19 और 20 सितंबर को परतापुर क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में होने वाले एयर शो में नौ हॉक एमके-132 विमान अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। प्रदर्शन के दौरान विमान करीब 100 फीट की ऊंचाई तक नीचे आकर करतब दिखाएंगे और आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें नजर आएंगी।
यह मेरठ में सूर्य किरण टीम का पहला एयर शो होगा। करीब 35 मिनट के प्रदर्शन में लूप, हार्ट, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैनूवर जैसे एरोबैटिक मूव देखने को मिलेंगे।
100 फीट की ऊंचाई पर दिखेगा हवाई प्रदर्शन
सूर्य किरण टीम के पायलटों के अनुसार सामान्य उड़ान के दौरान विमान 500 फीट से नीचे नहीं आते, लेकिन एयर शो में हॉक विमान लगभग 100 फीट की ऊंचाई तक आ सकते हैं। प्रदर्शन के दौरान विमानों की गति करीब 600 से 800 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई गई है। नौ विमानों का बेहद कम अंतर पर एक साथ उड़ना और निर्धारित समय पर फॉर्मेशन बदलना शो का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
नौ हॉक एमके-132 विमान भरेंगे उड़ान
मेरठ एयर शो में सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के नौ हॉक एमके-132 विमान हिस्सा लेंगे। यह विमान जेट ट्रेनर एयरक्राफ्ट है और इसमें दो सीट तथा दोहरे नियंत्रण की व्यवस्था होती है।
टीम के प्रदर्शन में पायलटों के बीच सटीक तालमेल की विशेष भूमिका होती है। एक साथ उड़ान भरते समय प्रत्येक पायलट को अपने विमान की स्थिति के साथ आसपास उड़ रहे विमानों की स्थिति का भी ध्यान रखना पड़ता है।
आसमान में बनेगी तिरंगे की तस्वीर
एयर शो का एक खास आकर्षण विमानों से निकलने वाला रंगीन धुआं होगा। हॉक विमानों में स्वदेशी स्मोक पॉड्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिनसे केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें आसमान में दिखाई देंगी। इन स्मोक पॉड्स को नासिक स्थित वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो में विकसित किया गया है।
इससे प्रदर्शन के दौरान मेरठ के आसमान में तिरंगे के रंगों की आकृतियां नजर आएंगी।
सूर्य किरण टीम में चयन की प्रक्रिया कठिन
सूर्य किरण एरोबैटिक टीम में शामिल होना पायलटों के लिए लंबी तैयारी और प्रशिक्षण के बाद मिलने वाला अवसर है। टीम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार करीब 20 से 25 फाइटर पायलट आवेदन करते हैं, लेकिन इनमें से केवल दो-तीन का चयन हो पाता है।
पायलट को पहले करीब 1,200 घंटे की उड़ान का अनुभव हासिल करना होता है। इसके बाद टीम में शामिल होने के लिए आवेदन की प्रक्रिया आती है। एयर शो के लिए चयनित पायलटों को छह से आठ महीने की विशेष ट्रेनिंग से भी गुजरना पड़ता है।
टीम वर्क और अनुशासन सबसे अहम
सूर्य किरण के हवाई प्रदर्शन में केवल विमान उड़ाना ही पर्याप्त नहीं होता। नौ विमानों को बेहद कम दूरी पर एक साथ निर्धारित दिशा और गति में उड़ाना पड़ता है। इसके लिए पायलटों के बीच भरोसा, एकाग्रता और टीमवर्क जरूरी होता है।
टीम के पायलटों ने अभ्यास को लेकर एक सिद्धांत भी साझा किया है—हर अभ्यास को प्रदर्शन की तरह और हर प्रदर्शन को अभ्यास की गंभीरता के साथ करना।
मेरठ के तीन पायलट भी टीम का हिस्सा
मेरठ के लिए इस एयर शो की खास वजह यह भी है कि सूर्य किरण टीम में शहर से जुड़े तीन स्क्वाड्रन लीडर शामिल हैं। इनमें अमन गोयल, राहुल सिंह और शरद गोयल के नाम बताए गए हैं।
इनमें अमन गोयल मेरठ के बागपत रोड क्षेत्र से जुड़े बताए गए हैं। एयर शो के दौरान मेरठ के आसमान में अपने शहर से जुड़े पायलटों को प्रदर्शन करते देखना स्थानीय लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
19 और 20 सितंबर को होगा एयर शो
मेरठ में एयर शो का आयोजन 19 और 20 सितंबर 2026 को किया जाएगा। कार्यक्रम परतापुर क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्यक्रम का समय सुबह करीब 9 बजे से 11:30 बजे तक रखा गया है।
आयोजन स्थल पर दर्शकों के लिए बैठने की व्यवस्था, प्रवेश मार्ग, खुले पंडाल और अन्य सुविधाओं की तैयारी की गई है।
एयर शो देखने के लिए जरूरी जानकारी
प्रशासन ने बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 19 और 20 सितंबर दोनों दिन कार्यक्रम आयोजित होगा।
साथ ही एयर शो की सुरक्षा को देखते हुए 18 से 21 सितंबर तक मोहिउद्दीनपुर के
आसपास करीब 18.5 किलोमीटर क्षेत्र को अस्थायी नो-फ्लाइंग जोन
घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस क्षेत्र में अनधिकृत ड्रोन,
यूएवी और अन्य मानवरहित उड़ने वाले उपकरणों पर प्रतिबंध रहेगा।
सूर्य किरण टीम की शुरुआत 1996 में हुई
सूर्य किरण एरोबैटिक टीम की स्थापना 1996 में हुई थी। टीम
भारतीय वायुसेना के एरोबेटिक प्रदर्शन के लिए जानी जाती है। किसी शहर में एयर
शो से पहले टीम नजदीकी एयरबेस पर पहुंचकर अभ्यास करती है।
वर्तमान कार्यक्रम से पहले टीम के हिंडन एयरबेस पर रहने की जानकारी भी सामने आई है।
युवाओं को वायुसेना से जोड़ने पर जोर
सूर्य किरण के पायलटों के अनुसार ऐसे एयर शो का उद्देश्य केवल हवाई करतब दिखाना नहीं है।
इस तरह के आयोजन युवाओं को भारतीय वायुसेना और
सशस्त्र बलों के बारे में जानने तथा उनके कार्यों को करीब से देखने का अवसर भी देते हैं।
निष्कर्ष
मेरठ में 19 और 20 सितंबर को होने वाला सूर्य किरण एयर शो शहर के लिए पहली ऐसी बड़ी
एरोबेटिक प्रस्तुति होगी। नौ हॉक एमके-132 विमान करीब 100 फीट की ऊंचाई तक आकर
अलग-अलग फॉर्मेशन में प्रदर्शन करेंगे। लगभग 35 मिनट के शो में लूप, बैरल रोल,
उल्टी उड़ान और डीएनए मैनूवर जैसे करतब दिखाए जाने हैं।
वहीं स्वदेशी स्मोक पॉड्स से आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की लकीरें दिखाई देंगी।
मेरठ से जुड़े तीन स्क्वाड्रन लीडरों की मौजूदगी इस आयोजन को स्थानीय स्तर पर भी खास बनाती है।
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FAQ
Q1. मेरठ में सूर्य किरण एयर शो कब होगा?
उत्तर: एयर शो 19 और 20 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
Q2. मेरठ एयर शो कहां आयोजित होगा?
उत्तर: कार्यक्रम परतापुर क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में होगा।
Q3. एयर शो में कितने विमान शामिल होंगे?
उत्तर: सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के नौ हॉक एमके-132 विमान प्रदर्शन करेंगे।
Q4. विमान कितनी ऊंचाई तक नीचे आएंगे?
उत्तर: पायलटों के अनुसार एयर शो के दौरान विमान करीब 100 फीट की ऊंचाई तक आ सकते हैं।
Q5. एयर शो में कौन-कौन से करतब दिखेंगे?
उत्तर: लूप, हार्ट, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैनूवर जैसे एरोबैटिक प्रदर्शन शामिल हैं।
Q6. क्या आसमान में तिरंगे के रंग दिखाई देंगे?
उत्तर: हां। विमानों में स्वदेशी स्मोक पॉड्स के जरिए केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें बनाई जाएंगी।
Q7. सूर्य किरण टीम की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर: सूर्य किरण एरोबैटिक टीम की स्थापना 1996 में हुई थी।
Q8. क्या मेरठ के पायलट भी एयर शो में शामिल होंगे?
उत्तर: हां। अमन गोयल, राहुल सिंह और शरद गोयल सहित मेरठ से जुड़े
तीन स्क्वाड्रन लीडर टीम का हिस्सा बताए गए हैं।
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