लखनऊ में डेंगू के 75 नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता

लखनऊ, 31 अक्टूबर 2026।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 72 घंटों के दौरान जिले में 75 नए डेंगू मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही इस साल कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 698 पहुंच गई है। लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

मुख्य समाचार

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन दिनों यानी 72 घंटों के दौरान डेंगू के 75 नए मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। नए मामलों के साथ ही वर्ष 2026 में अब तक डेंगू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 698 हो गई है। अक्टूबर महीने में संक्रमण के बढ़ते मामलों ने शहर में मच्छर जनित बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

स्वास्थ्य से जुड़ी इस स्थिति को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। डेंगू मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है। इसका संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से होता है। ये मच्छर सामान्यतः दिन के समय अधिक सक्रिय रहते हैं और घरों के आसपास जमा साफ पानी में पनपते हैं। यही वजह है कि घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा होने से रोकना बेहद जरूरी है।

72 घंटे में 75 नए मरीज मिलने से बढ़ी चिंता

पिछले 72 घंटों में 75 नए मरीजों का सामने आना राजधानी में डेंगू संक्रमण की गंभीरता की ओर संकेत करता है। इस साल अब तक 698 मामले दर्ज होने से साफ है कि संक्रमण का खतरा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

डेंगू के मामलों में वृद्धि के पीछे मौसम में बदलाव, जगह-जगह जलभराव, साफ पानी का खुले बर्तनों में जमा होना और मच्छरों के प्रजनन के अनुकूल परिस्थितियां प्रमुख कारण हो सकती हैं। हालांकि, नए मामलों के वास्तविक कारणों का पता संबंधित स्वास्थ्य विभाग की जांच और निगरानी से ही लगाया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती

डेंगू के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करना स्वास्थ्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है। संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावित इलाकों में निगरानी, मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान, साफ-सफाई और जागरूकता अभियान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

इसके साथ ही घरों, स्कूलों, अस्पतालों, निर्माणाधीन भवनों और खाली प्लॉटों में पानी जमा होने की स्थिति को समाप्त करना जरूरी है। कूलर, गमले, टायर, छतों पर रखे पुराने बर्तन और पानी की टंकियों में मच्छर पनप सकते हैं। इसलिए इन स्थानों की नियमित सफाई आवश्यक है।

डेंगू के लक्षणों को न करें नजरअंदाज

डेंगू होने पर सामान्यतः तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते तथा कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

कुछ मरीजों में बीमारी गंभीर रूप भी ले सकती है। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, असामान्य थकान और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

विशेष रूप से एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाओं का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं करना चाहिए,

क्योंकि इससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।

आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील

डेंगू पर नियंत्रण के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।

इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।

प्रत्येक परिवार को अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।

पानी की टंकियों को ढककर रखें और कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें।

पूरी बांह के कपड़े पहनना, मच्छरदानी का इस्तेमाल करना और मच्छर भगाने वाले सुरक्षित उपाय अपनाना भी संक्रमण से बचाव में मददगार हो सकता है।

लखनऊ में लगातार बढ़ते डेंगू के मामलों को देखते हुए लोगों को बुखार होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

समय पर जांच और उचित उपचार से गंभीर स्थिति से बचाव संभव है।

Facts/Details

लखनऊ में डेंगू संक्रमण से जुड़े प्रमुख आंकड़े और जरूरी जानकारियां:

  • नए मरीज: पिछले 72 घंटों में 75।कुल मरीज: वर्ष 2026 में अब तक 698।
  • प्रभावित क्षेत्र: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ।
  • बीमारी का कारण: संक्रमित एडीज मच्छर का काटना।
  • प्रमुख लक्षण: तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और त्वचा पर चकत्ते।
  • बचाव: घरों में पानी जमा न होने दें और मच्छरों से सुरक्षा के उपाय अपनाएं।
  • जरूरी सलाह: बुखार होने पर चिकित्सकीय जांच कराएं और गंभीर लक्षणों में तत्काल अस्पताल पहुंचें।
  • ये आंकड़े उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। नए मामलों और कुल संक्रमितों के आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है।

Statement

डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग बुखार को सामान्य मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर चिकित्सकीय जांच और उचित उपचार बेहद जरूरी है। घरों तथा आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छरों से बचाव करना और स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण को रोकने के महत्वपूर्ण उपाय हैं।

गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल में उपचार कराना चाहिए।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: लखनऊ में पिछले 72 घंटों में डेंगू के कितने मरीज मिले हैं?

उत्तर: पिछले 72 घंटों में लखनऊ में डेंगू के 75 नए मरीज सामने आए हैं।

प्रश्न 2: वर्ष 2026 में लखनऊ में डेंगू के कुल कितने मामले सामने आए हैं?

उत्तर: उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक कुल 698 मामले दर्ज किए गए हैं।

प्रश्न 3: डेंगू किस मच्छर के काटने से होता है?

उत्तर: डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है।

प्रश्न 4: डेंगू के प्रमुख लक्षण क्या हैं?

उत्तर: तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते इसके प्रमुख लक्षण हैं।

प्रश्न 5: डेंगू से बचाव कैसे किया जा सकता है?

उत्तर: घर और आसपास पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियां ढककर रखें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।

Conclusion

लखनऊ में डेंगू के 698 मामलों तक पहुंचना स्वास्थ्य व्यवस्था और आम नागरिकों के लिए सतर्कता का संकेत है।

संक्रमण रोकने के लिए साफ-सफाई, मच्छरों पर नियंत्रण और समय पर उपचार बेहद जरूरी है।

लापरवाही से बचें और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक र