गोरखपुर | 4 अक्टूबर 2026
राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर की गोला तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की आठ सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को लेखपालों ने कार्य बहिष्कार किया। तहसील अध्यक्ष अजय पाठक के नेतृत्व में लेखपालों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई। तहसील दिवस में पहुंचे जिलाधिकारी दीपक मीणा को संघ की ओर से ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई।
आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों ने किया कार्य बहिष्कार
गोला तहसील में शनिवार को लेखपाल संघ की ओर से आठ सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया गया। इस दौरान तहसील अध्यक्ष अजय पाठक के नेतृत्व में लेखपालों ने अपनी समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को प्रशासन के सामने रखा। लेखपालों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है।
लेखपालों ने कार्य बहिष्कार के माध्यम से अपनी समस्याओं की ओर शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया। इसी दौरान तहसील दिवस में पहुंचे जिलाधिकारी दीपक मीणा को लेखपाल संघ की ओर से मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने सभी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने और लंबित मामलों का निस्तारण कराने की मांग की।
लेखपाल संघ की मांगों में वेतनमान और वेतन विसंगति से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। संघ ने लेखपालों के प्रारंभिक वेतनमान को 2800 ग्रेड-पे किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को दूर करने की मांग भी रखी गई है। लेखपालों का कहना है कि वेतन संबंधी विसंगतियों के समाधान से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सकेगी।
स्थानांतरण और पदोन्नति प्रक्रिया पूरी कराने की मांग
ज्ञापन में आठ वर्ष से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग भी शामिल है। लेखपाल संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने और विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग उठाई है।
संघ की ओर से चयन वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित करने की मांग भी की गई।नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण करने की मांग रखी गई है।लेखपालों का कहना है कि इन प्रक्रियाओं के लंबे समय से लंबित रहने से संबंधित कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पदोन्नति और स्थानांतरण कर्मचारियों की सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। इसलिए संघ चाहता है कि इन मामलों में निर्धारित प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए।इससे पात्र कर्मचारियों को उनके अधिकार और सेवा संबंधी लाभ समय पर मिल सकेंगे।
भत्तों में वृद्धि की मांग
लेखपाल संघ ने अपने ज्ञापन में विभिन्न भत्तों में वृद्धि की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। संघ के अनुसार पिछले 16 वर्षों से भत्तों में पर्याप्त वृद्धि नहीं हुई है। इस कारण वर्तमान समय में कार्य से जुड़े खर्चों को लेकर कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है।
लेखपालों ने स्टेशनरी भत्ते को 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की है।मोटरसाइकिल अथवा वाहन भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है।भत्ते को भी बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग ज्ञापन में शामिल है।
लेखपालों का कार्य विभिन्न क्षेत्रों और गांवों से जुड़ा रहता है।
क्षेत्रीय भ्रमण,दस्तावेजी कार्य और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान होने वाले खर्चों को देखते हुए संघ ने भत्तों में वृद्धि की मांग रखी है।
ग्राम सचिवालयों में सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था की मांग
लेखपाल संघ ने सहायक अथवा प्रभारी राजस्व निरीक्षक से संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने की मांग भी की है।
इसके अलावा ग्राम सचिवालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
लेखपालों ने ग्राम स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त कार्यस्थल, आवश्यक संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व संबंधी कार्यों के दौरान कर्मचारियों को कई प्रकार की व्यावहारिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
पर्याप्त सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध होना जरूरी है।
ज्ञापन में लेखपाल पद को टेक्निकल पद घोषित करने की मांग भी रखी गई है।
संघ का मानना है कि वर्तमान समय में लेखपालों के कार्य का स्वरूप लगातार बदल रहा है। राजस्व संबंधी कार्यों में तकनीकी संसाधनों का उपयोग बढ़ा है।
पद की प्रकृति को देखते हुए इसे टेक्निकल पद घोषित करने की मांग की गई है।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
कार्य बहिष्कार के दौरान लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी दीपक मीणा को ज्ञापन सौंपा।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में आठ सूत्री मांगों का उल्लेख करते हुए उनके शीघ्र निस्तारण की मांग की गई।
तहसील अध्यक्ष अजय पाठक ने कहा कि लेखपालों की कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं।
शनिवार को कार्य बहिष्कार के माध्यम से शासन और प्रशासन का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित कराया गया है।
उन्होंने कहा कि संघ की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद है।
लेखपाल संघ का कहना है कि मांगों का समाधान होने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी।अपने विभागीय दायित्वों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे। संघ ने प्रशासन से लंबित मामलों पर जल्द निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।
लेखपालों की आठ प्रमुख मांगेंलेखपालों का प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड-पे किए जाने की मांग।
वेतन विसंगति को दूर करने की मांग।
आठ वर्ष से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कराने की मांग।
चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी कर डीपीसी प्रक्रिया पूरी कराने की मांग।
चयन वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित कर नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण कराने की मांग।
स्टेशनरी भत्ता 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग।
सहायक/प्रभारी राजस्व निरीक्षक से संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने तथा ग्राम सचिवालयों में सुविधाएं और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग।
लेखपाल पद को टेक्निकल पद घोषित करने की मांग।
गोला तहसील में लेखपालों ने उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की आठ सूत्री मांगों के समर्थन में कार्य बहिष्कार किया।
तहसील अध्यक्ष अजय पाठक के नेतृत्व में लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है।जिलाधिकारी दीपक मीणा को संघ की ओर से ज्ञापन सौंपा गया है। वेतन विसंगति, अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति, विभागीय परीक्षा, स्थायीकरण, भत्तों में वृद्धि,
कार्य सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और लेखपाल पद को टेक्निकल पद घोषित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष अजय पाठक ने कहा कि संघ की आठ सूत्री मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य बहिष्कार कर शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा को ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई है।
FAQ
1. गोला तहसील में लेखपालों ने कार्य बहिष्कार क्यों किया?
लेखपालों ने उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की आठ सूत्री मांगों के समर्थन में कार्य बहिष्कार किया।
2. लेखपालों ने किसे ज्ञापन सौंपा?
लेखपाल संघ ने तहसील दिवस में पहुंचे जिलाधिकारी दीपक मीणा को ज्ञापन सौंपा।
3. लेखपालों की प्रमुख वेतन संबंधी मांग क्या है?
लेखपालों ने प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड-पे किए जाने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग की है।
4. भत्तों को लेकर क्या मांग की गई है?
स्टेशनरी भत्ता 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है।
5. लेखपाल पद को लेकर संघ की क्या मांग है?
संघ ने लेखपाल पद को टेक्निकल पद घोषित करने की मांग की है।
गोला तहसील में लेखपालों का कार्य बहिष्कार उनकी आठ सूत्री मांगों को लेकर किया गया।
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वेतन, पदोन्नति, की मांग की गई है। स्थानांतरण, भत्तों और कार्य सुविधाओं से जुड़े है।लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग की गई।
अब लेखपाल संघ को प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद है।