📍स्थान: भैंसा बाजार, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)रिपोर्ट: परशुराम यादव
गोरखपुर के खजनी क्षेत्र के अंतर्गत हरनहीं पुलिस चौकी क्षेत्र में स्थित भैंसा बाजार का “कोले बाबा अखाड़ा” एक बार फिर सुर्खियों में है। इस पारंपरिक अखाड़े और ग्राउंड से प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं ने अपनी कड़ी मेहनत से पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। कुश्ती और नियमित ग्राउंड ट्रेनिंग से फिट होकर 12 युवाओं ने भारतीय सेना में भर्ती होकर गांव और जिले का नाम रोशन किया है।
ये सफल युवा हैं: सर्वेश यादव, आदित्य यादव, आदित्य पाल, गोलू मौर्य, परमानंद, विवेक, सोनू, आदर्श, राम रतन, नमन यादव, आकाश, कृष्णानंद, ध्यानचंद, उत्कर्ष और अर्जुन यादव और एक अन्य। ये सभी पिछले 15 दिनों में आयोजित भर्ती प्रक्रिया में चयनित हुए और अब सेना के अभिन्न अंग बन चुके हैं। यह उपलब्धि अखाड़े की गौरवशाली परंपरा को और मजबूत करती है।
अखाड़े की गौरवशाली परंपरा: फिटनेस और अनुशासन का प्रतीक
भैंसा बाजार का कोले बाबा अखाड़ा वर्षों से फिटनेस और अनुशासन के प्रतीक के रूप में जाना जाता है।
यहां के गुरुमुख पहलवान बलवंत यादव और संदीप यादव बताते हैं
कि यह अखाड़ा कई दशकों से युवाओं को शारीरिक रूप
से मजबूत बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास और देशसेवा की भावना जगाता है।
मिट्टी के अखाड़े में दंड-बैठक, कुश्ती दांव-पेच और ग्राउंड पर दौड़ जैसी ट्रेनिंग यहां की रूटीन है।
सरकार को ऐसे पारंपरिक अखाड़ों को प्रोत्साहन देना चाहिए – मैट, उपकरण और कोचिंग सुविधा प्रदान कर।
इससे अधिक युवा फिटनेस अपनाएंगे और देशसेवा में योगदान देंगे।
निष्कर्ष: परंपरा को जीवित रखें, युवाओं को प्रेरित करें
कोले बाबा अखाड़ा गोरखपुर के भैंसा बाजार में युवाओं की फिटनेस की पहचान बन चुका है।
12 पहलवानों का भारतीय सेना में चयन इसकी जीती-जागती मिसाल है।
ऐसे अखाड़े न केवल स्वास्थ्य बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
युवाओं से अपील – देसी पहलवानी अपनाएं और देश के लिए मजबूत बनें। शेयर करें और प्रेरणा फैलाएं!
