बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बीए-एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र परवेज अली की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, परवेज को ड्रग्स से जुड़ी रकम की वसूली के लिए बुलाया गया था और बाद में उसके साथ कार में मारपीट की गई। गंभीर हालत में उसे झांसी के नगरा हाट मैदान के पास छोड़ दिया गया, जहां से अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में प्रेमनगर थाने में तैनात सिपाही आशीष सिंह समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। सिपाही को निलंबित भी किया गया है। मामले में तीन अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई छात्र की मौत
पुलिस के मुताबिक, 21 वर्षीय परवेज अली रविवार रात घर से निकला था। बाद में वह घायल हालत में मिला। उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शुरुआत में घटना को लेकर अलग-अलग आशंकाएं सामने आई थीं। पोस्टमार्टम में चोटों के निशान मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला।
150 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
मामले की जांच में पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े रास्तों पर लगे 150 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज देखी। इसके साथ ही संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल फोन की भी जांच की गई।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान कई लोगों की भूमिका सामने आई। इसके बाद सात आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल तीन कारें और सात मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
ड्रग्स के सैंपल के बहाने बुलाने का आरोप
पुलिस की जांच के अनुसार, परवेज आरोपियों में से कुछ लोगों को पहले से जानता था।
आरोप है कि उसे ड्रग्स के सैंपल से संबंधित बातचीत के बहाने बुलाया गया था।
पुलिस का कहना है कि इसके बाद उसे कार में बैठाया गया। उसके साथ
दो अन्य कारें भी चल रही थीं। इसी दौरान विवाद बढ़ा और मारपीट की स्थिति बन गई।
गंभीर चोट लगने के बाद परवेज की हालत बिगड़ गई।
यह पूरा घटनाक्रम पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों और आरोपियों से पूछताछ पर आधारित है।
मामले की विवेचना अभी जारी है।
पूछताछ में सामने आया सिपाही का नाम
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान प्रेमनगर थाने में तैनात
सिपाही आशीष सिंह का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने सिपाही को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का आरोप है कि सिपाही को परवेज के ड्रग्स से जुड़े होने की जानकारी थी और
वह कथित वसूली की योजना में शामिल था। भूमिका
सामने आने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। इन आरोपों पर अंतिम स्थिति जा
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