जौनपुर में 1.50 करोड़ रुपये के सरकारी ऋण गबन मामले में EOW वाराणसी ने आरोपी जोगेन्द्र उर्फ योगेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया है। मामला वर्ष 2012-13 में सरकारी ऋण योजनाओं के तहत लाभार्थियों के कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी धन के गबन से जुड़ा है। वर्ष 2015 में मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई थी। EOW की कार्रवाई के बाद आरोपी को वाराणसी कोर्ट में पेश किया गया।
1.50 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले में आरोपी गिरफ्तार, EOW वाराणसी की कार्रवाई
फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी ऋण योजनाओं में गबन का आरोप, आरोपी को वाराणसी कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई
सरकारी ऋण योजनाओं में गबन का आरोप
जौनपुर में वर्ष 2012-13 के दौरान सरकारी ऋण योजनाओं से जुड़े करीब 1.50 करोड़ रुपये के गबन
मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) वाराणसी ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी की पहचान जोगेन्द्र उर्फ योगेंद्र प्रसाद, पुत्र इंद्रजीत, निवासी प्रेमापुर, थाना गौरा बादशाहपुर, जौनपुर के रूप में हुई है।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऋण दिलाने का आरोप
मामले के अनुसार, काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की डी समिति चौकिया शाखा, जौनपुर से संचालित विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं में लाभार्थियों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने और सरकारी धन के गबन का आरोप है।
जांच में आरोपी की भूमिका एजेंट/जमानतदार के रूप में सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।
2015 में दर्ज हुआ था मुकदमा
इस मामले में वर्ष 2015 में तत्कालीन बैंक प्रबंधक राम कृपाल मौर्या की ओर से थाना लाइन बाजार,
जौनपुर में शाखा प्रबंधक और एजेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
सरकारी ऋण में कथित फर्जीवाड़े और गबन से जुड़े इस मामले की जांच बाद में शासन स्तर से EOW वाराणसी को सौंपी गई।
जेसीज चौराहा के पास से गिरफ्तारी
जांच के दौरान आरोपी के संबंध में जानकारी जुटाने के बाद EOW वाराणसी की टीम ने उसे जेसीज चौराहा, जौनपुर के पास से सुबह करीब 11 बजे गिरफ्तार किया गया है।
बताया गया कि आरोपी वहां स्थित यशवंत कटरा में चांदनी सोलर ऊर्जा के नाम से एजेंसी चलाता था।
उसका एक ठिकाना ग्राम इब्राहिमाबाद में भी बताया गया है।
वाराणसी कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजने की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत उसे वाराणसी कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया की गई।
वाराणसी कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजने की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत उसे वाराणसी कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया की गई।