रोम, 24 सितंबर 2026। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार की ओर से प्रस्ताव कैबिनेट में लाने की घोषणा की है। यह घोषणा 20 सितंबर को रोम में आयोजित एक युवा कार्यक्रम के दौरान की गई। प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है और इसे आगे संसदीय प्रक्रिया से गुजरना होगा।
स्कूलों में चेहरा ढकने वाले परिधानों पर प्रस्ताव
मेलोनी ने कहा है कि सरकार जल्द ही ऐसा कानूनी प्रावधान कैबिनेट के समक्ष रखेगी, जिसके तहत स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर रोक लगाने का प्रावधान होगा। बुर्का आम तौर पर पूरे शरीर और चेहरे को ढकता है, जबकि नकाब चेहरे को ढकता है और आंखों का हिस्सा खुला रहता है। यह प्रस्ताव सामान्य हिजाब से अलग है, जिसमें चेहरा खुला रहता है।
घोषित पैकेज केवल चेहरे को ढकने वाले परिधानों तक सीमित नहीं है। सरकार स्कूलों में विदेशी विद्यार्थियों की संख्या को लेकर भी कानूनी सीमा तय करने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा, ऐसे विदेशी विद्यार्थियों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखने की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जिनके बच्चों को स्कूल व्यवस्था में गंभीर एकीकरण संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विदेशी विद्यार्थियों की संख्या सीमित करने की योजना
मेलोनी ने कक्षाओं में विदेशी विद्यार्थियों की संख्या को सीमित करने की बात भी कही है। हालांकि प्रस्तावित नई सीमा का अंतिम स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं किया गया है। इटली में पहले से ही विदेशी विद्यार्थियों की संख्या को लेकर 30 प्रतिशत की सीमा से संबंधित नियम मौजूद हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसका लचीले ढंग से इस्तेमाल किया जाता रहा है।
मेलोनी के अनुसार, सरकार का उद्देश्य स्कूलों में भाषा सीखने और सामाजिक एकीकरण को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि इटली में भविष्य बनाने वाले लोगों को इतालवी भाषा सीखने, स्थानीय संस्कृति को समझने और देश के नियमों का सम्मान करने की आवश्यकता है। ये उनके द्वारा प्रस्ताव के समर्थन में दिए गए सार्वजनिक तर्क हैं।
प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना
बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध को लेकर फिलहाल अंतिम कानून लागू नहीं हुआ है। सरकार द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद इसे संसद की स्वीकृति की आवश्यकता होगी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सरकार की मंजूरी के बाद प्रस्तावित उपायों को कानून का रूप देने के लिए संसद की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इस प्रस्ताव को लेकर इटली में राजनीतिक और कानूनी चर्चा भी शुरू हो गई है।
कुछ विपक्षी नेताओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने विदेशी विद्यार्थियों की संख्या सीमित करने की योजना के व्यावहारिक पहलुओं पर सवाल उठाए हैं।
इसलिए अंतिम नियम क्या होंगे, यह कैबिनेट और संसद की आगामी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा
Facts/Details

Statement
मेलोनी ने स्कूलों में एकीकरण, भाषा और राष्ट्रीय नियमों के पालन को प्रस्ताव का प्रमुख आधार बताया है।
वहीं, प्रस्ताव के आलोचकों ने विशेष रूप से विदेशी विद्यार्थियों की संख्या सीमित करने वाले प्रावधान बताया है।
व्यावहारिक और संवैधानिक पहलुओं पर सवाल उठाए हैं।
अंतिम प्रावधान संसदीय प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होंगे।
FAQ
1. क्या इटली में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लागू हो गया है?
नहीं। प्रधानमंत्री ने प्रतिबंध का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने की घोषणा की है।
इसे कानून बनने के लिए आगे की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
2. प्रस्ताव किन परिधानों से संबंधित है?
प्रस्ताव मुख्य रूप से बुर्का और नकाब जैसे चेहरे को ढकने वाले परिधानों से संबंधित है।
3. क्या विदेशी विद्यार्थियों की संख्या भी सीमित होगी?
सरकार ने प्रत्येक कक्षा में विदेशी विद्यार्थियों की संख्या के लिए कानूनी सीमा तय करने की योजना की घोषणा की है।
अंतिम सीमा और नियम अभी स्पष्ट नहीं हैं।
4. क्या हिजाब पर भी यही प्रतिबंध है?
उपलब्ध प्रमुख रिपोर्टों में घोषित प्रस्ताव बुर्का और नकाब जैसे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर केंद्रित बताया गया है;
सामान्य हिजाब में चेहरा खुला रहता है।
इटली में स्कूलों के लिए प्रस्तावित बुर्का-नकाब प्रतिबंध अभी कानून नहीं है।
कैबिनेट और संसद की आगामी प्रक्रिया के बाद ही इसकी अंतिम शर्तें और लागू होने की स्थिति स्पष्ट होगी।