
ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में लड़कियों के स्कूल पर 28 फरवरी 2026 को हुए हमले में 160 से अधिक छात्राओं की मौत के बाद बीबीसी ने अमेरिका से सवाल किया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट इनकार करते हुए कहा कि सेना जानबूझकर स्कूलों को निशाना नहीं बनाती। पेंटागन जांच की बात कही, जबकि ईरान ने अमेरिका-इजरायल पर आरोप लगाया।
घटना का पूरा विवरण
दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मिनाब शहर में प्राइमरी गर्ल्स स्कूल पर हवाई हमला हुआ, जिसमें कम से कम 153-168 बच्चियां और स्टाफ मारे गए। ईरानी मीडिया IRNA ने इसे अमेरिका-इजरायल का संयुक्त एयरस्ट्राइक बताया, जबकि अमेरिका ने हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया। संयुक्त राष्ट्र ने भी मौतों की रिपोर्ट्स पर जांच शुरू की, और इजरायल ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड पर काउंटर आरोप लगाए।
अमेरिका की आधिकारिक प्रतिक्रिया
2 मार्च 2026 को पत्रकारों से बातचीत में मार्को रुबियो ने कहा, “अमेरिकी सेना ने जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाया।” उन्होंने ईरान पर निर्दोषों को टारगेट करने का आरोप लगाया और पेंटागन की जांच का हवाला दिया। यूएस सेंट्रल कमांड ने नागरिक हानि की रिपोर्ट्स की पड़ताल की बात कही, लेकिन कोई पुष्टि नहीं की।
बीबीसी के सवाल का संदर्भ
बीबीसी हिंदी ने स्पष्ट रूप से पूछा कि स्कूल हमले पर अमेरिका का स्टैंड क्या है, जिस पर रुबियो ने दोहराया कि अमेरिका स्कूलों पर हमला नहीं करता। ईरानी अधिकारियों ने 153 मौतों का दावा किया, जिसमें बच्चे शामिल थे, लेकिन अमेरिका ने इसे प्रोपगैंडा करार दिया। ट्रंप प्रशासन ने ईरानी जनता से शासन परिवर्तन का आह्वान भी किया।
ईरान का जवाब और क्षेत्रीय तनाव
ईरान ने जवाबी मिसाइलें दागीं, जिसमें इजरायल, बहरीन, कुवैत और अमेरिकी ठिकाने निशाने बने। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए, और विदेश मंत्रालय ने कहा कि युद्ध नहीं चाहते लेकिन रक्षा करेंगे। सोशल मीडिया पर शोक और निंदा की लहर है, जबकि यूएन की रोजमेरी डिकार्लो ने जांच का समर्थन किया।