इंटरनेट और मोबाइल में लखनऊ की महिलाएं आगे, बैंकिंग में पीछे; यूपी में 52वें स्थान पर शहर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महिलाओं की डिजिटल पहुंच पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। इंटरनेट और मोबाइल फोन के इस्तेमाल में राजधानी की महिलाएं प्रदेश के औसत से आगे निकल गई हैं, लेकिन बैंक या बचत खाते के इस्तेमाल के मामले में लखनऊ की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) के आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ में 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 79.9 फीसदी महिलाएं इंटरनेट का इस्तेमाल कर चुकी हैं। वहीं 66.7 फीसदी महिलाओं के पास अपना मोबाइल फोन है, जिसका वे खुद इस्तेमाल करती हैं। दूसरी तरफ अपने इस्तेमाल का बैंक या बचत खाता रखने वाली महिलाओं का अनुपात 81.6 फीसदी है।

इंटरनेट इस्तेमाल में लखनऊ की महिलाओं की स्थिति

पांच साल पहले की तुलना में लखनऊ की महिलाओं के इंटरनेट इस्तेमाल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। NFHS-5 में यह आंकड़ा 45.7 फीसदी था, जो NFHS-6 में बढ़कर 79.9 फीसदी हो गया।

यानी इस अवधि में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली महिलाओं के अनुपात में 34.2 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रदेश के औसत 70 फीसदी की तुलना में भी लखनऊ का आंकड़ा 9.9 प्रतिशत अंक अधिक है।

मोबाइल फोन के इस्तेमाल में भी बढ़ी पहुंच

महिलाओं के अपने मोबाइल फोन तक पहुंच में भी वृद्धि हुई है। NFHS-5 के दौरान लखनऊ में 57.7 फीसदी महिलाएं अपने इस्तेमाल के लिए मोबाइल फोन रखती थीं। NFHS-6 में यह आंकड़ा बढ़कर 66.7 फीसदी हो गया।

इस तरह करीब पांच साल में 9 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। उत्तर प्रदेश के 56.4 फीसदी औसत के मुकाबले लखनऊ की स्थिति 10.3 प्रतिशत अंक ऊपर है।

बैंक खाते के मामले में तस्वीर अलग

डिजिटल पहुंच बढ़ने के बावजूद बैंक खाते के इस्तेमाल में लखनऊ प्रदेश के कई जिलों से पीछे है।

NFHS-6 के मुताबिक लखनऊ में 81.6 फीसदी महिलाएं अपने इस्तेमाल का बैंक या बचत खाता रखती हैं। यह प्रदेश के 83.5 फीसदी औसत से 1.9 प्रतिशत अंक कम है।

इसी वजह से बैंक खाते के इस्तेमाल के मामले में लखनऊ की रैंकिंग प्रदेश में 52वें स्थान पर बताई गई है।

पांच साल में बैंकिंग पहुंच भी बढ़ी

हालांकि बैंकिंग क्षेत्र में लखनऊ की महिलाओं की स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं रही है। NFHS-5 में अपने इस्तेमाल का बैंक या बचत खाता रखने वाली महिलाओं का अनुपात 73.7 फीसदी था।

NFHS-6 में यह बढ़कर 81.6 फीसदी हो गया। यानी करीब पांच साल की अवधि में 7.9 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई।

कौन सा जिला बैंक खाते में सबसे आगे?

उत्तर प्रदेश में महिलाओं के अपने इस्तेमाल के बैंक या बचत खाते के मामले में अंबेडकरनगर सबसे आगे बताया गया है। वहां यह अनुपात 91.6 फीसदी है।

वहीं इस संकेतक में सबसे कम आंकड़ा बलरामपुर का 75.4 फीसदी बताया गया है।

अंबेडकरनगर में भी पिछले सर्वेक्षण की तुलना में महिलाओं के बैंक खाते के इस्तेमाल में वृद्धि हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वहां NFHS-5 में यह आंकड़ा 81 फीसदी था, जो NFHS-6 में बढ़कर 91.6 फीसदी हो गया।

इंटरनेट में वाराणसी, मोबाइल में गाजियाबाद आगे

पूरे उत्तर प्रदेश के जिलों की तुलना करें तो महिलाओं के इंटरनेट इस्तेमाल में वाराणसी 84.2 फीसदी के साथ सबसे ऊपर है। इस श्रेणी में रायबरेली का आंकड़ा 54.8 फीसदी बताया गया है।

मोबाइल फोन के मामले में गाजियाबाद 72.6 फीसदी के साथ पहले स्थान पर है, जबकि खीरी में यह आंकड़ा 36.4 फीसदी है।

योजनाओं से भी जुड़ा है बैंक खाता

समाजशास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं के बैंक खाते के इस्तेमाल को बढ़ाने में सरकारी योजनाओं की भी भूमिका हो सकती है। कई सरकारी योजनाओं में लाभ सीधे बैंक खाते के माध्यम से पहुंचाया जाता है।

इससे महिलाओं के नाम बैंक खाता खुलने और खाते के इस्तेमाल की जरूरत बढ़ती है। उपलब्ध रिपोर्ट में

लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. पवन मिश्रा ने भी योजनाओं के लाभ और

जागरूकता को बैंक खाते के इस्तेमाल से जुड़ा महत्वपूर्ण कारण बताया है।

डिजिटल पहुंच और वित्तीय इस्तेमाल के बीच अंतर

लखनऊ के आंकड़े महिलाओं की बदलती डिजिटल तस्वीर को दिखाते हैं। इंटरनेट और

मोबाइल तक पहुंच में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन बैंकिंग के क्षेत्र में वही गति दिखाई नहीं देती।

इस अंतर का एक अर्थ यह भी है कि सिर्फ इंटरनेट या मोबाइल तक पहुंच होना और

वित्तीय सेवाओं का नियमित इस्तेमाल करना दो

अलग-अलग पहलू हैं। डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ महिलाओं में बैंकिंग,

ऑनलाइन भुगतान और वित्तीय सुरक्षा से संबंधित जागरूकता बढ़ाना भी महत्वपूर्ण रहेगा।

पांच साल में कितना बदलाव आया?

लखनऊ की महिलाओं से जुड़े तीन प्रमुख संकेतकों में NFHS-5 और NFHS-6 के बीच बदलाव इस प्रकार रहा:

संकेतकNFHS-5NFHS-6बदलाव
इंटरनेट इस्तेमाल45.7%79.9%+34.2 अंक
अपने इस्तेमाल का बैंक/बचत खाता73.7%81.6%+7.9 अंक
अपने इस्तेमाल का मोबाइल फोन57.7%66.7%+9 अंक

ये आंकड़े NFHS-5 और NFHS-6 से संबंधित रिपोर्ट में दिए गए हैं।

निष्कर्ष

लखनऊ की महिलाओं के बीच डिजिटल बदलाव की तस्वीर तेजी से बदल रही है।

इंटरनेट इस्तेमाल में करीब 80 फीसदी तक पहुंच और मोबाइल फोन के इस्तेमाल में

66.7 फीसदी का आंकड़ा डिजिटल पहुंच के विस्तार को दर्शाता है।

वहीं बैंक खाते के इस्तेमाल में 81.6 फीसदी का आंकड़ा बताता है कि वित्तीय पहुंच भी बढ़ी है,

हालांकि प्रदेश के औसत से लखनऊ अभी थोड़ा पीछे है।

आने वाले समय में डिजिटल साक्षरता के साथ वित्तीय साक्षरता, सुरक्षित ऑनलाइन बैंकिंग और

डिजिटल भुगतान की जानकारी महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को और प्रभावित कर सकती है।

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