इंफोसिस Q2 Results 2026: देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। सितंबर 2026 में समाप्त तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर लगभग 6.2 प्रतिशत बढ़कर ₹7,823 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹7,364 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। वहीं, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू करीब 10.7 प्रतिशत बढ़कर ₹49,244 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹44,490 करोड़ था।
कंपनी के नतीजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेवाओं की बढ़ती मांग और बड़े कारोबारी सौदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इंफोसिस के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए ₹26 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड की भी घोषणा की है। हालांकि, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान में कटौती की है। इससे निवेशकों का ध्यान कंपनी की कमाई के साथ-साथ भविष्य की कारोबारी संभावनाओं पर भी रहेगा।
इंफोसिस के मुनाफे और रेवेन्यू में कितनी बढ़ोतरी हुई?
इंफोसिस के वित्तीय नतीजों के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹7,823 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा ₹7,364 करोड़ था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर लगभग 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कंपनी की परिचालन आय भी बढ़कर ₹49,244 करोड़ हो गई। पिछले साल सितंबर तिमाही में यह ₹44,490 करोड़ थी। इस आधार पर रेवेन्यू में करीब 10.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई।
वित्तीय नतीजों में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 21 प्रतिशत रहा। इससे पता चलता है कि राजस्व में बढ़ोतरी के बीच कंपनी ने अपने परिचालन मार्जिन को भी स्थिर बनाए रखा। आईटी क्षेत्र में वैश्विक कंपनियों के खर्च, तकनीकी निवेश और ग्राहकों की मांग का असर आने वाली तिमाहियों में भी महत्वपूर्ण रहेगा।
AI सेवाओं और बड़े ऑर्डर से मिला कारोबार को सहारा
इंफोसिस के कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी के प्रबंधन के अनुसार, दूसरी तिमाही में AI से जुड़ा राजस्व कुल रेवेन्यू का लगभग 10.5 प्रतिशत रहा और इसमें पिछली तिमाही की तुलना में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
दुनियाभर में कंपनियां अपने कारोबारी कामकाज को डिजिटल बनाने, डेटा विश्लेषण में सुधार करने और AI तकनीक अपनाने पर खर्च कर रही हैं। ऐसे में आईटी कंपनियों को नई सेवाएं विकसित करने और मौजूदा ग्राहकों के साथ कारोबार बढ़ाने के अवसर मिल रहे हैं।
इंफोसिस ने दूसरी तिमाही में लगभग 5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदे हासिल किए। इनमें 2 अरब डॉलर से अधिक मूल्य का एक बड़ा सौदा भी शामिल था। भारतीय मुद्रा में इन सौदों का कुल मूल्य विनिमय दर के अनुसार लगभग ₹45,000 से ₹50,000 करोड़ के आसपास बैठता है।
हालांकि, बड़े सौदों की पूरी राशि तत्काल राजस्व के रूप में दर्ज नहीं होती। इन अनुबंधों से मिलने वाली आय काम पूरा होने, सेवाओं की आपूर्ति और अनुबंध की शर्तों के अनुसार अलग-अलग समय पर दर्ज की जाती है।
शेयरधारकों को मिलेगा ₹26 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड
इंफोसिस ने अपने निवेशकों के लिए ₹26 प्रति इक्विटी शेयर अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने डिविडेंड के लिए 3 नवंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की है, जबकि भुगतान 11 नवंबर 2026 को किया जाना है।
रिकॉर्ड डेट का महत्व उन निवेशकों के लिए होता है जो निर्धारित तारीख के अनुसार कंपनी के पात्र शेयरधारकों में शामिल होते हैं। डिविडेंड पाने की
पात्रता और शेयर खरीदने के समय से जुड़े नियमों को समझने के लिए
निवेशकों को कंपनी की आधिकारिक घोषणा और स्टॉक एक्सचेंज के निर्देश देखने चाहिए।
पिछले वर्ष की समान तिमाही में घोषित ₹23 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड के मुकाबले
इस बार की राशि अधिक है। यह कंपनी की ओर से
शेयरधारकों को नकद लाभ देने के फैसले को दर्शाता है।
रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटा, निवेशकों की नजर आगे के प्रदर्शन पर
तिमाही नतीजों में बढ़ोतरी के बावजूद इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्थिर
मुद्रा यानी कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाकर
1 से 2 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले कंपनी का अनुमान 1.5 से 3 प्रतिशत था।
यह बदलाव बताता है कि कंपनी भविष्य की कारोबारी परिस्थितियों को लेकर सतर्क है।
वैश्विक ग्राहकों के आईटी बजट, नई तकनीकों पर खर्च, बड़े अनुबंधों के
क्रियान्वयन और अंतरराष्ट्रीय कारोबारी माहौल का असर कंपनी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए केवल मुनाफे और डिविडेंड को देखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें कंपनी के भविष्य के विकास अनुमान,
ऑपरेटिंग मार्जिन, नए ऑर्डर और AI सेवाओं से होने वाली आय पर भी ध्यान देना चाहिए।
कुल मिलाकर, इंफोसिस की सितंबर तिमाही में मुनाफे और रेवेन्यू में वृद्धि दर्ज की गई है।
AI कारोबार में तेजी और बड़े सौदों ने सकारात्मक संकेत दिए हैं,
लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटने से आगे की तिमाहियों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण हो गया है।
नोट: यह खबर कंपनी के घोषित वित्तीय नतीजों पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है;
निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. इंफोसिस का दूसरी तिमाही में मुनाफा कितना रहा?
सितंबर 2026 में समाप्त दूसरी तिमाही में इंफोसिस का शुद्ध मुनाफा ₹7,823 करोड़ रहा,
जो पिछले वर्ष की समान अवधि से लगभग 6.2 प्रतिशत अधिक है।
2. इंफोसिस का रेवेन्यू कितना बढ़ा?
कंपनी का परिचालन रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 10.7 प्रतिशत बढ़कर ₹49,244 करोड़ हो गया।
3. इंफोसिस ने कितना डिविडेंड घोषित किया है?
कंपनी ने ₹26 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। रिकॉर्ड डेट 3 नवंबर
2026 और भुगतान की तारीख 11 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
4. इंफोसिस के AI कारोबार का प्रदर्शन कैसा रहा?
कंपनी के अनुसार, दूसरी तिमाही में AI से जुड़ा राजस्व कुल रेवेन्यू का लगभग 10.5
प्रतिशत रहा और पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
5. क्या इंफोसिस के शेयर खरीदना अभी फायदेमंद है?
केवल तिमाही नतीजों के आधार पर शेयर खरीदने का निर्णय नहीं लेना चाहिए। निवेश से पहले शेयर का मौजूदा मूल्य,
कंपनी के भविष्य के अनुमान, बाजार की स्थिति और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करें।
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