IND vs PAK: प्रवीण कुमार बोले
मेरठ में अमर उजाला कार्यालय पहुंचे पूर्व भारतीय क्रिकेटर और उत्तर प्रदेश सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने IND vs PAK मैचों को लेकर बेबाक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मैं भारतीय टीम का कप्तान होता तो पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाता। वजह बताते हुए प्रवीण ने कहा, “वह हमारे सैनिकों और लोगों पर हमला करते हैं।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैचों में हैंडशेक और स्पोर्ट्समैनशिप पर बहस छिड़ी हुई है। प्रवीण कुमार का यह खुलासा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्रिकेट फैंस के बीच गर्मागर्म चर्चा का विषय बन गया है।
प्रवीण कुमार का बयान: पूरा विवरण
मेरठ में अमर उजाला के दफ्तर में पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में IND vs PAK मैचों की भावनात्मक पक्ष पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “क्रिकेट खेलते समय सम्मान जरूरी है, लेकिन जब बात हमारे देश के सैनिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा की हो तो भावनाएं अलग होती हैं। पाकिस्तान की ओर से कई बार आतंकी हमले हुए हैं, जिसमें हमारे जवान शहीद हुए। ऐसे में मैदान पर हाथ मिलाना मेरे लिए मुश्किल होता। अगर मैं कप्तान होता तो मैं भी वैसा ही करता जैसा कुछ खिलाड़ी करते हैं—हाथ नहीं मिलाता।”
प्रवीण ने आगे कहा कि यह उनकी निजी राय है और वे स्पोर्ट्स को देशप्रेम से अलग नहीं देखते। उन्होंने याद दिलाया कि भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा से ज्यादा भावुक होते हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव लंबे समय से है। प्रवीण कुमार ने यह भी कहा कि खिलाड़ी मैदान पर अपना 100% देते हैं, लेकिन ऑफ-फील्ड व्यवहार में देश की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए।
प्रवीण कुमार का क्रिकेट करियर: एक नजर
*प्रवीण कुमार उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रहने वाले हैं और भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 2011 वर्ल्ड कप विजेता स्क्वॉड का हिस्सा रहे। उन्होंने 13 टेस्ट, 68 वनडे और 10 टी20 मैच खेले। उनकी स्विंग और सीम गेंदबाजी ने कई बड़े बल्लेबाजों को परेशान किया। IPL में वे रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, किंग्स इलेवन पंजाब और गुजरात लायंस जैसी टीमों के लिए खेले। रिटायरमेंट के बाद वे उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष हैं और युवा खिलाड़ियों को गाइड कर रहे हैं।
IND vs PAK मैचों में हैंडशेक विवाद: पुरानी बहस
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैचों में हैंडशेक का मुद्दा नया नहीं है। 2019 विश्व कप में विराट कोहली ने पाकिस्तानी
खिलाड़ियों से हाथ मिलाया था, लेकिन कुछ मैचों में खिलाड़ी सिर्फ सलाम या नोड से गुजर गए।
2022 टी20 विश्व कप में भी इसी तरह की चर्चा हुई थी। प्रवीण कुमार का बयान
इस बहस को फिर से जीवंत कर रहा है। कई पूर्व खिलाड़ी और फैंस इसे सपोर्ट कर रहे हैं,
जबकि कुछ इसे स्पोर्ट्समैनशिप के खिलाफ मानते हैं।
फैंस और सोशल मीडिया पर रिएक्शन
प्रवीण कुमार के बयान के बाद सोशल मीडिया पर #PraveenKumar #INDvsPAK ट्रेंड कर रहा है।
एक यूजर ने लिखा, “प्रवीण भाई ने दिल की बात कही, देश पहले है।”
वहीं दूसरे ने कहा, “क्रिकेट में राजनीति नहीं लानी चाहिए।” यह बयान ऐसे समय में आया है
जब दोनों टीमों के बीच किसी बड़े टूर्नामेंट में मुकाबला होने की संभावना चर्चा में है।
प्रवीण कुमार का यह बेबाक बयान क्रिकेट और राष्ट्रवाद के बीच की पतली रेखा को दर्शाता है।
क्या IND vs PAK मैचों में हैंडशेक जरूरी है या भावनाओं को
प्राथमिकता मिलनी चाहिए—यह सवाल अब फैंस के बीच गूंज रहा है।