लखनऊ में बीएसपी के घर इनकम टैक्स
लखनऊ, 25 फरवरी 2026 – उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई हुई। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम ने छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, छापे में 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, जिनके साथ पुलिस बल भी मौजूद है। यह छापा सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ और अभी भी जारी है।
उमाशंकर सिंह विधानसभा में बीएसपी के एकमात्र विधायक हैं। वे कैंसर से गंभीर रूप से पीड़ित हैं और दो बार उनका ऑपरेशन हो चुका है। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित अपने आवास पर आइसोलेशन में रह रहे हैं। परिवार के सदस्यों और सहयोगियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान विधायक स्वास्थ्य की वजह से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, लेकिन टीम उनके घर में गहन जांच कर रही है। दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य सामग्री की तलाशी ली जा रही है।
छापेमारी का कारण और संभावित जांच के दायरे
आयकर विभाग ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह छापा आयकर चोरी, बेनामी संपत्ति और असंगत आय के स्रोतों की जांच के सिलसिले में किया गया है। पिछले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश में कई राजनीतिक व्यक्तियों और नेताओं के खिलाफ आयकर विभाग ने समान कार्रवाई की है। बीएसपी के इस विधायक के मामले में भी कथित तौर पर संपत्ति के स्रोत, बैंक ट्रांजेक्शन और राजनीतिक फंडिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच हो रही है।
छापेमारी के दौरान घर के सभी कमरों, लॉकर, अलमारी और वाहनों की तलाशी ली जा रही है। टीम ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस की मौजूदगी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए है।
बीएसपी और राजनीतिक प्रतिक्रिया
बीएसपी प्रमुख मायावती ने अभी तक इस छापे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। एक बीएसपी प्रवक्ता ने कहा, “यह छापा कैंसर पीड़ित विधायक के घर पर किया गया है, जो उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए बहुत दुखद है। यह लोकतंत्र पर सवाल उठाता है।” वहीं, विपक्षी दल इसे जांच का हिस्सा बताकर चुप्पी साधे हुए हैं।
उमाशंकर सिंह का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। वे पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े थे और बाद में
बीएसपी में शामिल हुए। वर्तमान में वे विधानसभा में बीएसपी की आवाज हैं और
दलित-बहुजन मुद्दों पर मुखर रहते हैं। उनकी बीमारी के कारण वे पिछले
कुछ समय से सक्रिय राजनीति से दूर हैं, लेकिन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
स्वास्थ्य स्थिति और परिवार की चिंता
परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि विधायक की हालत नाजुक है।
छापेमारी से उन्हें मानसिक तनाव हुआ है, जिसका असर
उनकी सेहत पर पड़ सकता है। डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण विश्राम की सलाह दी है।
परिवार ने प्रशासन से अपील की है
कि जांच संवेदनशील तरीके से की जाए।
आगे क्या होगा?
आयकर विभाग की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
छापे के बाद विभाग संभावित रूप से दस्तावेजों की
जांच करेगा और अगर कोई अनियमितता मिली तो आगे की कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल टीम जांच में जुटी हुई है और शाम तक कोई बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
यह घटना राजनीतिक और आर्थिक जांच के दौर में एक और उदाहरण है,
जहां सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पक्षों पर नजर रखी जा रही है। हम लगातार अपडेट्स लाते रहेंगे।