कारोबारी हत्याकांड: चीत्कारों के बीच हुआ मानवेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार, भतीजे ने दी मुखाग्नि; बेटे ने ही की हत्या

लखनऊ: चीत्कारों के बीच हुआ कारोबारी मानवेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार

लखनऊ, 25 फरवरी 2026 – राजधानी लखनऊ में कारोबारी मानवेंद्र सिंह की बेटे द्वारा गोली मारकर की गई क्रूर हत्या ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। बुधवार को पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद जब उनका शव घर पहुंचा, तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां-बहनें, पत्नी और अन्य रिश्तेदार लाश से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे। बेटे द्वारा ही पिता की हत्या करने की बात सुनकर पूरा परिवार टूट चुका है। किसी तरह खुद को संभालकर अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं।

अंतिम संस्कार: भतीजे ने दी मुखाग्नि

मानवेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार वीआईपी रोड स्थित बैकुंठ धाम में संपन्न हुआ। अंतिम यात्रा में सैकड़ों रिश्तेदार, व्यापारी मित्र और स्थानीय लोग शामिल हुए। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मुखाग्नि मानवेंद्र सिंह के भतीजे कृत सिंह ने दी। कृत सिंह ने पिता के समान मानवेंद्र को बहुत सम्मान दिया था और इस सदमे में वे भी पूरी तरह टूटे नजर आए। अंतिम संस्कार के बाद परिजन अभी भी सदमे में हैं और बार-बार बेटे की हरकत पर आंसू बहा रहे हैं।

हत्या का पूरा विवरण

मानवेंद्र सिंह एक प्रतिष्ठित कारोबारी थे, जो लखनऊ में रियल एस्टेट और अन्य व्यवसाय से जुड़े थे। पुलिस जांच के अनुसार, उनके बड़े बेटे ने ही पिता पर गोली चलाई। घटना के बाद बेटा फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे कुछ घंटों में ही गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में बेटे ने संपत्ति विवाद और पारिवारिक कलह को हत्या का कारण बताया है। मानवेंद्र सिंह की मौत मौके पर ही हो गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जहां से बुधवार को घर लाया गया।

परिवार का सदमा और समाज में आक्रोश

परिजनों का कहना है कि बेटे द्वारा पिता की हत्या करना उनके लिए कल्पना से परे है। मां ने कहा, “मेरा बेटा मेरे सामने से चला गया, लेकिन उसने खुद ही मेरे पति को मार डाला।” बहनों और पत्नी का रोना थम नहीं रहा। पड़ोसी और व्यापारी मित्र भी सदमे में हैं। कई लोगों ने कहा कि आजकल पैसों और संपत्ति के लालच में रिश्ते टूट रहे हैं, लेकिन पिता-पुत्र का रिश्ता इतना गिर सकता है, यह सोचकर भी डर लगता है।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने हत्या के मामले में आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी बेटे से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच में

मोबाइल कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और संपत्ति के दस्तावेजों की जांच हो रही है।

पुलिस का कहना है कि जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

परिजनों ने न्याय की मांग की है और कहा है कि बेटे को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

समाज में बढ़ती पारिवारिक हिंसा पर चिंता

यह घटना उत्तर प्रदेश में बढ़ती पारिवारिक हिंसा और

संपत्ति विवाद के कारण होने वाली हत्याओं का एक और उदाहरण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पैसों के लालच में रिश्ते कमजोर हो रहे हैं। काउंसलिंग,

परिवार में संवाद और कानूनी जागरूकता की कमी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।

लखनऊ जैसे शहर में जहां शिक्षा और जागरूकता अधिक है, वहां भी ऐसी घटनाएं होना चिंताजनक है।

हम सभी शोक संतप्त परिवार के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और

परिवार को इस दुख से उबरने की शक्ति दें। न्याय की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो, यही उम्मीद है।