हिमाचल के मंडी में
मंडी जिले के गोपालपुर क्षेत्र के बैंजी गांव में कॉलेज छात्रा की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि अभिभावकों में बेटियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है।
वारदात के बाद आरोपी ने भागकर छिपने की कोशिश की
हत्या के बाद आरोपी ने मौके से फरार होकर अपनी पहचान छिपाने की पूरी कोशिश की। उसने लोगों की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की, लेकिन तकनीक से बच नहीं पाया।
पास के एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में उसकी गतिविधियां कैद हो गईं, जिससे उसकी पहचान सामने आ गई।
सीसीटीवी बना सुराग, ग्रामीणों ने घेरकर पकड़ा
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीण तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की और कुछ दूरी पर नगला नाले के पास झाड़ियों में छिपे आरोपी को ढूंढ निकाला।
करीब दो घंटे की तलाश के बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
गांव बना छावनी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पूरा बैंजी गांव छावनी में तब्दील हो गया।
संजीव कुमार गौतम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
इसके अलावा विनोद कुमार और अभिमन्यु वर्मा ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
गुस्साए ग्रामीणों को शांत करवाने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया।
मां का विलाप, हर आंख हुई नम
घटना की सबसे मार्मिक तस्वीर तब सामने आई जब मृतक छात्रा की मां मौके पर पहुंचीं।
खून से लथपथ अपनी बेटी को देखकर वह बेसुध हो गईं और जोर-जोर से बिलखने लगीं। उनकी चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया।
कुछ ही मिनट पहले घर से मुस्कुराते हुए निकली बेटी की इस तरह मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक छात्रा एक साधारण परिवार से थी।
उसके पिता बद्दी में ट्रक चालक हैं
बड़ी बहन पिता के साथ नौकरी करती है
छोटी बहन ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है
इस होनहार बेटी की हत्या से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
इलाके में डर और गुस्सा
इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। लोग दोषी को सख्त सजा देने की
मांग कर रहे हैं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
मंडी की यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज को भी झकझोर देती है।
अब सभी की नजर पुलिस जांच और न्याय प्रक्रिया पर टिकी है, ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।
