महाराजगंज क्राइम
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में एक ऐसी क्रूर घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बासपार कोठी टोला पिपरा में सोमवार की देर शाम पत्नी सुमित्रा ने अपने पति रामपत पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। रामपत कमरे में चिल्लाता रहा, बचने की कोशिश करता रहा, लेकिन दरवाजा बाहर से बंद होने के कारण उसकी आवाज किसी तक नहीं पहुंची। आखिरकार वह कमरे के कोने में बैठकर दम तोड़ गया।
घटना की पूरी कहानी
ग्रामीणों के अनुसार, पति-पत्नी दोनों शराब के आदी थे। सोमवार शाम किसी छोटी-मोटी बात पर दोनों के बीच तीखी कहासुनी हो गई। विवाद के बाद रामपत कमरे में रखी खाट पर सो गया। इसी दौरान सुमित्रा ने कमरे में रखे पेट्रोल को उसके ऊपर छिड़क दिया और आग लगा दी। फिर वह बाहर से दरवाजा बंद करके चली गई। रामपत आग की लपटों में जलने लगा। वह जोर-जोर से चिल्लाता रहा, मदद मांगता रहा, लेकिन गांव में उस समय कोई नहीं था जो उसकी आवाज सुन सके या दरवाजा खोल सके। बचने की सारी उम्मीद टूटने पर वह कमरे के एक कोने में जाकर बैठ गया और वहीं उसकी मौत हो गई।
सुबह जब लोगों को इसकी भनक लगी, तो कमरे में जाकर देखा तो रामपत का जला हुआ शव मिला। पूरे गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
2 साल पहले भी चाकू से हमला
यह पहली घटना नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 2 साल पहले भी सुमित्रा ने रामपत पर चाकू से हमला किया था। उस समय भी दोनों के बीच शराब को लेकर विवाद हुआ था। रामपत घायल हुए थे, लेकिन जान बच गई थी।
इस बार घटना इतनी भयानक थी कि रामपत की मौत हो गई। पड़ोसियों का कहना है कि
दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे, और शराब इसकी मुख्य वजह थी।
पुलिस जांच और सामाजिक प्रभाव
पुलिस ने सुमित्रा की तलाश शुरू कर दी है।
घटना के बाद वह फरार हो गई है। पुलिस का कहना है कि
मामले की गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और
ग्रामीणों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
यह घटना घरेलू हिंसा, शराब की लत और पारिवारिक विवादों के खतरनाक परिणामों को दर्शाती है।
ऐसी घटनाएं समाज में चिंता का विषय हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शराब की लत से
पारिवारिक रिश्ते बिगड़ते हैं और छोटे-छोटे विवाद हिंसक रूप ले लेते हैं। गांव वालों ने भी कहा कि
ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप जरूरी है, ताकि जानें बचाई जा सकें।
घरेलू हिंसा रोकने की जरूरत
यह घटना हमें याद दिलाती है कि घरेलू हिंसा कितनी खतरनाक हो सकती है।
शराब और झगड़ों से उपजी नफरत कभी-कभी जानलेवा साबित हो जाती है।
समाज, परिवार और प्रशासन को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने होंगे।
रामपत जैसी मौतें न हों, इसके लिए जागरूकता और सहायता जरूरी है।