Greater Noida Accident News: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। महागुन मायवुड्स सोसायटी की 23वीं मंजिल की बालकनी से गिरकर 40 वर्षीय पिता और उनके 11 वर्षीय बेटे की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों सुबह पूजा के लिए बालकनी में लगे पौधे से फूल तोड़ रहे थे। इसी दौरान बेटे का संतुलन बिगड़ गया। उसे बचाने की कोशिश में पिता भी अपना संतुलन खो बैठे और नीचे गिर गए। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार और सोसायटी में शोक का माहौल है।
Greater Noida Accident: फूल तोड़ने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक रिहायशी सोसायटी में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की सुबह ऐसा हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। बिसरख थाना क्षेत्र स्थित महागुन मायवुड्स सोसायटी के टावर-23 की 23वीं मंजिल से गिरकर एक पिता और उनके 11 वर्षीय बेटे की जान चली गई।
मृतकों की पहचान 40 वर्षीय रंदीप पात्रा और उनके 11 वर्षीय बेटे आरव के रूप में हुई है। दोनों इसी सोसायटी में रहते थे। रंदीप दिल्ली के केंद्रीय सचिवालय में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे।
प्रारंभिक पुलिस जांच के मुताबिक, सुबह करीब चार बजे पिता और बेटा पूजा के लिए फूल तोड़ने बालकनी में गए थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ।
बेटे को बचाने की कोशिश में पिता ने भी गंवाई जान
पुलिस के अनुसार, परिवार को सुबह राजस्थान स्थित खाटू श्याम मंदिर के दर्शन के लिए निकलना था। इसी तैयारी के दौरान पिता और बेटा पूजा के लिए फूल इकट्ठा करने बालकनी में पहुंचे थे।
बताया गया कि बालकनी के पीछे की तरफ लगे पौधे से फूल तोड़ने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया जा रहा था। फूल तोड़ते समय बच्चे का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिरने लगा।
अपने बेटे को बचाने के लिए पिता ने तत्काल उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उनका भी संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते दोनों 23वीं मंजिल से नीचे गिर गए।
प्रारंभिक जांच में बारिश के कारण बालकनी का फर्श गीला होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, हादसे की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सुबह करीब चार बजे पुलिस को मिली सूचना
घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह करीब चार बजे पुलिस को मिली। सूचना मिलने के बाद बिसरख थाने की पुलिस टीम तत्काल महागुन मायवुड्स सोसायटी पहुंची।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को अस्पताल भिजवाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में किसी संदिग्ध परिस्थिति के संकेत नहीं मिले हैं। मामले की जांच जारी है।
परिवार खाटू श्याम मंदिर जाने की कर रहा था तैयारी
इस घटना का सबसे भावुक पहलू यह है कि परिवार सुबह राजस्थान के
प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर जाने की तैयारी कर रहा था।
मंदिर में पूजा के लिए फूल तोड़ने के उद्देश्य से पिता और बेटा बालकनी में पहुंचे थे।
परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में खुशियों से भरी सुबह
एक ऐसी त्रासदी में बदल जाएगी, जिसका दर्द जीवनभर रहेगा।
पिता और बेटे की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ऊंची इमारतों में बालकनी की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
ग्रेटर नोएडा की इस घटना ने ऊंची आवासीय इमारतों में बालकनी की
सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले परिवारों के लिए बालकनी का सुरक्षित होना बेहद जरूरी है।
खासकर छोटे बच्चों की मौजूदगी में रेलिंग, सुरक्षा ग्रिल और
फर्श की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
इस घटना के बाद रिहायशी सोसायटियों में बालकनी की बनावट, सुरक्षा व्यवस्था और
खुले हिस्सों की जांच को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए किन बातों का रखें ध्यान?
बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले परिवार कुछ सावधानियां अपनाकर दुर्घटनाओं का खतरा कम कर सकते हैं।
- छोटे बच्चों को ऊंची बालकनी में अकेला न छोड़ें।
- बालकनी की रेलिंग और सुरक्षा ग्रिल मजबूत रखें।
- रेलिंग के पास सीढ़ी, कुर्सी या अन्य चढ़ने योग्य सामान न रखें।
- गीले फर्श पर फिसलने से बचने के लिए उचित व्यवस्था करें।
- ऊंचाई पर लगे पौधों से फूल या सामान तोड़ने के लिए असुरक्षित तरीके न अपनाएं।
- बालकनी में बच्चों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखें।
निष्कर्ष
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसायटी में हुई यह घटना बेहद दुखद है। पूजा के लिए
फूल तोड़ने के दौरान पिता और बेटे की 23वीं मंजिल से गिरकर मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
एक छोटी-सी घरेलू गतिविधि के दौरान हुआ यह हादसा बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा के महत्व को
फिर सामने लाता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना से सबक लेते हुए परिवारों और
आवासीय सोसायटियों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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