गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | 11 अक्टूबर 2026
परिचय
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर इंद्र विक्रम सिंह ने प्रत्याशियों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के साथ बैठक कर आदर्श आचार संहिता, प्रचार सामग्री के नियमों और मतपत्र पर प्राथमिकता दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
मुख्य खबर
शिक्षक एमएलसी चुनाव में आचार संहिता का सख्ती से होगा पालन, नियम तोड़ने पर कार्रवाई
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने चुनावी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर इंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार को आयुक्त सभागार में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, आदर्श आचार संहिता और मतदान से संबंधित महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। निर्वाचन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रचार, मतदान और मतगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं को नियमानुसार पूरा करना आवश्यक है। नियमों की अनदेखी होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
प्रचार सामग्री पर प्रिंटर का नाम-पता लिखना अनिवार्य
मंडलायुक्त ने प्रचार सामग्री के प्रकाशन को लेकर प्रत्याशियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए प्रकाशित होने वाले पंपलेट और पोस्टर पर प्रिंटर का नाम, पता तथा मुद्रित प्रतियों की संख्या स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए। प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को भी मुद्रण से जुड़ी निर्धारित जानकारी संबंधित सहायक रिटर्निंग ऑफिसर अथवा जिलाधिकारी को नियमानुसार उपलब्ध करानी होगी।
प्रचार सामग्री तैयार कराने वाले प्रत्याशियों और प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को निर्धारित प्रक्रिया एवं समयसीमा का ध्यान रखना होगा।
इन नियमों का उद्देश्य चुनाव प्रचार में पारदर्शिता बनाए रखना और प्रचार सामग्री के प्रकाशन से संबंधित जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
मंडलायुक्त ने यह भी कहा कि प्रचार अभियान शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करना जरूरी है।
चुनाव प्रचार की अनुमति निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी।
इसलिए प्रत्याशियों को किसी भी प्रचार गतिविधि से पहले संबंधित अनुमति और नियमों की जानकारी लेनी चाहिए।
मतपत्र पर प्राथमिकता दर्ज करने के लिए आयोग का पेन जरूरी
बैठक में मतपत्र पर अधिमानता यानी प्राथमिकता अंकित करने की प्रक्रिया को भी समझाया गया। मंडलायुक्त ने बताया कि मतदाता को निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए पेन का ही इस्तेमाल करना होगा।
प्रत्याशियों के सामने अपनी पसंद के अनुसार प्राथमिकता दर्ज करने के लिए अंतरराष्ट्रीय अंकों में 1, 2, 3 आदि या रोमन अंकों में प्राथमिकता लिखी जा सकती है,
जैसा कि निर्धारित प्रक्रिया में स्वीकार्य है।
मतदाताओं को मतदान के समय निर्धारित निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करना चाहिए।
मतपत्र पर गलत तरीके से प्राथमिकता दर्ज करने या निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन करने से मतपत्र की वैधता प्रभावित हो सकती है।
इसलिए प्रत्याशियों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को मतदाताओं तक सही जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
मतदान और मतगणना अभिकर्ताओं की नियुक्ति पर जोर
मंडलायुक्त ने प्रत्याशियों से मतदान अभिकर्ता और मतगणना अभिकर्ता नियुक्त करने के लिए निर्धारित प्रारूप में आवश्यक सूचनाएं जल्द उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने बताया कि संबंधित औपचारिकताओं को समय से पूरा करने से मतदान और मतगणना के दौरान प्रतिनिधियों की भूमिका स्पष्ट रहेगी तथा चुनावी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सकेगी।
बैठक में मतदेय स्थलों, मतदाताओं से संबंधित जरूरी जानकारियों, निर्वाचन प्रेक्षक के ठहरने की व्यवस्था और आदर्श आचार संहिता के अनुपालन जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
प्रशासन का उद्देश्य निर्वाचन के प्रत्येक चरण में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी पक्षों से सहयोग की अपेक्षा
मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर इंद्र विक्रम सिंह ने प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों से चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करने की अपेक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है। प्रचार से लेकर मतगणना तक प्रत्येक चरण में नियमों का पालन होने से चुनाव की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन को लेकर आयोजित इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों को नियमों की जानकारी देना जरूरी है।
तथा संभावित गलतियों से बचाना था। बैठक में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी और उनके निर्वाचन अभिकर्ता उपस्थित रहे।
Facts/Details
- निर्वाचन: उत्तर प्रदेश विधान परिषद का गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन।
- बैठक की अध्यक्षता: मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर इंद्र विक्रम सिंह।
- बैठक स्थल: आयुक्त सभागार, गोरखपुर।
- प्रचार सामग्री: पंपलेट और पोस्टर पर प्रिंटर का नाम, पता और मुद्रित प्रतियों की संख्या लिखना अनिवार्य।
- प्रचार अनुमति: निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर।
- मतपत्र: निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए पेन का इस्तेमाल करने के निर्देश।
- अभिकर्ता नियुक्ति: मतदान और मतगणना अभिकर्ताओं की जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करानी होगी।
- प्रमुख उद्देश्य: निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण निर्वाचन सुनिश्चित करना।
मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर इंद्र विक्रम सिंह ने प्रत्याशियों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रचार सामग्री के प्रकाशन, आवश्यक अनुमतियां लेने, मतदान अभिकर्ताओं की नियुक्ति और मतपत्र पर प्राथमिकता दर्ज करने की प्रक्रिया को गंभीरता से लेने को कहा। प्रशासन का उद्देश्य चुनाव के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना और निर्धारित नियमों के अनुरूप मतदान एवं मतगणना संपन्न कराना है।
FAQ
प्रश्न 1: शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर बैठक कहां हुई?
उत्तर: बैठक गोरखपुर स्थित आयुक्त सभागार में आयोजित की गई।
प्रश्न 2: बैठक की अध्यक्षता किसने की?
उत्तर: मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर इंद्र विक्रम सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की।
प्रश्न 3: चुनाव प्रचार के पोस्टर और पंपलेट पर क्या लिखना अनिवार्य है?
उत्तर: प्रचार सामग्री पर प्रिंटर का नाम, पता और मुद्रित प्रतियों की संख्या स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।
प्रश्न 4: मतपत्र पर प्राथमिकता दर्ज करने के लिए किस पेन का इस्तेमाल करना होगा?
उत्तर: मतदाता को निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए पेन का इस्तेमाल करना होगा।
प्रश्न 5: क्या चुनाव प्रचार के लिए अनुमति लेना जरूरी है?
उत्तर: हां, प्रत्याशियों को प्रचार गतिविधियां शुरू करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक अनुमति प्राप्त करनी होगी।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में प्रशासन ने आचार संहिता और निर्वाचन संबंधी नियमों के पालन पर जोर दिया है।
प्रचार सामग्री से लेकर मतपत्र भरने तक निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना प्रत्याशियों और मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण होगा।