गोरखपुर में नितिन नवीन की अगुवाई में निकलेगी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, सीएम योगी भी होंगे शामिल

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में भाजपा की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत गोरखपुर में विशाल पदयात्रा आयोजित करने की तैयारी की गई है। इस पदयात्रा का नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के भी शामिल होने का कार्यक्रम है।

भाजपा की यह पदयात्रा 4 नवंबर 2026 को गोरखपुर में निकाली जाएगी। पार्टी का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से आम जनता तक अपना राजनीतिक पक्ष पहुंचाना और विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देना है। गोरखपुर में इस कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठन के बीच तैयारियां तेज हो गई हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस दौरे को पूर्वांचल में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गोरखपुर में 4 नवंबर को निकलेगी लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा

भाजपा के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 4 नवंबर को गोरखपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत पदयात्रा निकाली जाएगी। इसकी शुरुआत महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से होगी और यात्रा सरदार पटेल की प्रतिमा के निकट स्थित माता काली मंदिर तक पहुंचेगी।

इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन प्रमुख भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के भी पदयात्रा में शामिल होने की जानकारी दी गई है।

पार्टी इस आयोजन को केवल एक सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि अपने विचारों और अभियान को जनता के बीच पहुंचाने के अवसर के रूप में देख रही है।

भाजपा संगठन की ओर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है। पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अलग-अलग स्तर पर संपर्क और समन्वय कर रहे हैं। Jagran+1

कांग्रेस और विपक्ष के आरोपों के जवाब में भाजपा का अभियान

‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है, जब देश की राजनीति में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

विपक्षी दलों की ओर से चुनावी अनियमितताओं और कथित वोट चोरी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगा रही है।

इसी राजनीतिक टकराव के बीच भाजपा ने पदयात्राओं के माध्यम से जनता के बीच अपना पक्ष रखने की रणनीति बनाई है।

गोरखपुर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास मजबूत रहना चाहिए।

दूसरी तरफ विपक्ष लगातार चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। The Week+1

नितिन नवीन के दौरे में संगठनात्मक बैठकें भी होंगी

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का गोरखपुर दौरा केवल पदयात्रा तक सीमित नहीं रहेगा।

उनका दो दिवसीय संगठनात्मक दौरा 4 और 5 नवंबर को प्रस्तावित है। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं,

जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी।

पदयात्रा के बाद 4 नवंबर को तारामंडल स्थित एनेक्सी भवन में प्रबुद्ध वर्ग के लोगों के साथ

संवाद का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद पार्टी के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी।

शाम को उत्तर प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक में भी राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल होंगे।

दौरे के दूसरे दिन यानी 5 नवंबर को नितिन नवीन बाबा गोरखनाथ मंदिर में दर्शन और

पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद पार्टी के पूर्व पदाधिकारियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे।

इन बैठकों में पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व विधान परिषद सदस्य,

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और स्थानीय निकायों के पूर्व पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ विस्तृत संगठनात्मक बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें आगामी राजनीतिक अभियानों,

संगठन की सक्रियता और विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। The Week+1

2027 विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल में भाजपा की सक्रियता बढ़ी

उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दल

अपनी-अपनी रणनीतियों को मजबूत करने में जुटे हैं। पूर्वांचल की राजनीति में गोरखपुर का विशेष महत्व है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक और संगठनात्मक आधार भी इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।

ऐसे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का गोरखपुर दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पार्टी की कोशिश है कि बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को सक्रिय रखा जाए और कार्यकर्ताओं के

बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए। पुराने पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का

उद्देश्य संगठन के अनुभव का उपयोग करना भी माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से यह दौरा भाजपा की आगामी चुनावी तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हालांकि, चुनाव में जनता का समर्थन किस पार्टी को मिलेगा, इसका फैसला मतदाता ही करेंगे।

फिलहाल गोरखपुर में 4 नवंबर को प्रस्तावित पदयात्रा पर राजनीतिक और

स्थानीय स्तर पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से

भाजपा पूर्वांचल में अपनी राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन करना चाहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. गोरखपुर में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा कब निकलेगी?

यह पदयात्रा 4 नवंबर 2026 को गोरखपुर में आयोजित करने का कार्यक्रम है।

2. पदयात्रा का नेतृत्व कौन करेंगे?

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे।

3. पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे?

जी हां, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के भी इसमें शामिल होने का कार्यक्रम है।

4. पदयात्रा कहां से शुरू होकर कहां समाप्त होगी?

पदयात्रा महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होकर सरदार पटेल की प्रतिमा के पास स्थित माता काली मंदिर तक पहुंचेगी।

5. नितिन नवीन का गोरखपुर दौरा कितने दिनों का है?

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का गोरखपुर दौरा 4 और 5 नवंबर 2026 को

दो दिवसीय संगठनात्मक दौरे के रूप में निर्धारित है।

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