गोरखपुर में कांशीराम साहब को श्रद्धांजलि, बहुजन समाज के अधिकारों और शिक्षा पर जोर

एडवोकेट चंद्रिका भारती का रिपोर्ट

परिचय

गोरखपुर में शुक्रवार को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर चौराहे पर राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के तत्वावधान में मान्यवर कांशीराम साहब का 20वां महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए बहुजन समाज की शिक्षा, रोजगार और अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए।

मुख्य खबर

गोरखपुर में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर चौराहे पर राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के तत्वावधान में मान्यवर कांशीराम साहब का 20वां महापरिनिर्वाण दिवस श्रद्धांजलि सभा के रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अधिवक्ता चंद्रिका प्रसाद भारती ने की। कार्यक्रम का संचालन महासभा के राष्ट्रीय विधि सलाहकार अधिवक्ता रामानुज ने किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के पूर्व न्यायाधीश एवं अधिवक्ता राम सजीवन प्रसाद उपस्थित रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में गोरखपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता गुणाकेश भारती ने भाग लिया। सभा में उपस्थित लोगों ने मान्यवर कांशीराम साहब के सामाजिक, राजनीतिक और वैचारिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कांशीराम साहब के संघर्ष और योगदान को किया याद

सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद भारती ने कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब ने दबे-कुचले, वंचित और पिछड़े समाज के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया। उन्होंने उन्हें बहुजन समाज का महानायक बताते हुए कहा कि उनका जीवन सामाजिक जागरूकता, संगठन और अधिकारों की लड़ाई के लिए प्रेरणास्रोत है।

वक्ताओं ने कहा कि कांशीराम साहब ने समाज के वंचित वर्गों को राजनीतिक रूप से जागरूक और संगठित करने का प्रयास किया। उनके विचारों और संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, सामाजिक एकता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता जरूरी है।

नौकरी छोड़कर सामाजिक आंदोलन को समर्पित किया जीवन

मुख्य अतिथि राम सजीवन प्रसाद ने अपने संबोधन में कांशीराम साहब के जीवन के उस दौर का उल्लेख किया, जब उन्होंने नौकरी छोड़कर सामाजिक आंदोलन को अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि कांशीराम साहब ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उनके अनुसार, वंचित समुदायों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर शिक्षा और संगठन के माध्यम से आगे बढ़ना चाहिए।

बामसेफ और बहुजन आंदोलन पर हुई चर्चा

विशिष्ट अतिथि गुणाकेश भारती ने बहुजन आंदोलन के विकास तथा बामसेफ के संगठनात्मक योगदान पर चर्चा की।

उन्होंने कांशीराम साहब और डी.के. खापर्डे के योगदान का उल्लेख करते हुए सामाजिक संगठन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

सभा में मंडल आयोग की सिफारिशों, पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व और शासन-प्रशासन में भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

शिक्षा और रोजगार में समान अवसर देने की मांग

कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता रामानुज राव ने कहा कि बहुजन समाज के सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए लगातार जनजागरण की आवश्यकता है।

उन्होंने पिछड़े और वंचित वर्गों की शिक्षा, रोजगार तथा शासन-प्रशासन में भागीदारी से जुड़े सवाल उठाए।

वक्ताओं ने सामाजिक असमानता को दूर करने, संवैधानिक अधिकारों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और युवाओं को शिक्षित करने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि सामाजिक परिवर्तन के लिए संगठित प्रयास और जागरूकता आवश्यक हैं।

कई सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता रहे मौजूद

श्रद्धांजलि सभा में राधेश्याम, गुड़ाकेश्वर भारती, राम सजीवन प्रसाद, राम बहाल, राम भजन पासवान, दीपक प्रिय, सोनू पासवान, राजेंद्र निषाद, अजय मिश्रा, स्मृति गौतम, नेहा पासवान, रेनमा भारती, पिंटू साहनी, चंदू भाई, संतोष कुमार सिंह और सुनील निषाद सहित कई लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने मान्यवर कांशीराम साहब के विचारों को याद करते हुए सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

Headings

  • कांशीराम साहब के सामाजिक योगदान को किया याद
  • बहुजन आंदोलन और बामसेफ की भूमिका पर चर्चा
  • शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय पर जोर

Facts/Details

  • कार्यक्रम: मान्यवर कांशीराम साहब का 20वां महापरिनिर्वाण दिवस
  • तिथि: 9 अक्टूबर 2026समय: शाम 3 बजे
  • स्थान: बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर चौराहा, गोरखपुर
  • आयोजक: राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा
  • अध्यक्षता: अधिवक्ता चंद्रिका प्रसाद भारती, राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • मुख्य अतिथि: अधिवक्ता राम सजीवन प्रसाद, बिहार के पूर्व न्यायाधीश
  • विशिष्ट अतिथि: अधिवक्ता गुणाकेश भारती, सिविल कोर्ट गोरखपुर
  • संचालन: अधिवक्ता रामानुज, राष्ट्रीय विधि सलाहकार
  • प्रमुख विषय: सामाजिक न्याय, बहुजन आंदोलन, शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकार।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कांशीराम साहब के संघर्ष को याद करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद भारती ने सभा में मान्यवर कांशीराम साहब को बहुजन समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाला महान नेता बताया।

मुख्य अतिथि राम सजीवन प्रसाद ने उनके सामाजिक आंदोलन के योगदान को याद किया।

अन्य वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समानता और शासन-प्रशासन में वंचित वर्गों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सवाल

प्रश्न 1: गोरखपुर में कांशीराम साहब का महापरिनिर्वाण दिवस कब मनाया गया?

उत्तर: 9 अक्टूबर 2026 को शाम 3 बजे श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।

प्रश्न 2: कार्यक्रम का आयोजन किसने किया?

उत्तर: कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के तत्वावधान में किया गया।

प्रश्न 3: कार्यक्रम की अध्यक्षता किसने की?

उत्तर: राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता चंद्रिका प्रसाद भारती ने अध्यक्षता की।

प्रश्न 4: सभा में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

उत्तर: शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, बहुजन आंदोलन और वंचित वर्गों के अधिकारों पर चर्चा हुई।

प्रश्न 5: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौन थे?

उत्तर: मुख्य अतिथि अधिवक्ता राम सजीवन प्रसाद, बिहार के पूर्व न्यायाधीश थे।

गोरखपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मान्यवर कांशीराम साहब के संघर्ष और बहुजन आंदोलन में उनके योगदान को याद किया गया।

वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, समानता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।