गोरखपुर में ग्रीन चौपाल का आयोजन, पांच पौधे रोपकर लिया हरियाली बढ़ाने का संकल्प

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

ग्रीन चौपाल: गोरखपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसा उर्फ अगिलगहवा में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पांच पौधे लगाए गए। वन विभाग के कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया।

स्थान/तिथि: गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

गोरखपुर में पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित हुई ग्रीन चौपाल

गोरखपुर में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसा उर्फ अगिलगहवा में ग्रीन चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पांच पौधे रोपे गए। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाने, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने और गांव में हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में वन विभाग के कर्मचारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विद्यालय के शिक्षकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी ने पौधारोपण को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए पौधों को सुरक्षित रखने और उनकी देखभाल करने पर जोर दिया।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए पांच पौधे

ग्रीन चौपाल के दौरान पांच पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर लोगों को बताया गया कि पौधे लगाने से पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। पेड़-पौधे प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने, जीव-जंतुओं को आश्रय देने और आसपास के वातावरण को हरा-भरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित करना भी था। पौधारोपण के साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल को आवश्यक बताया गया, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े होकर वृक्ष बन सकें।

वन दरोगा विनय कुमार गौड़ ने पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

कार्यक्रम में वन दरोगा विनय कुमार गौड़ ने कहा कि पेड़-पौधे प्रकृति की अनमोल धरोहर हैं और इनका संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें नियमित रूप से पानी देना, सुरक्षित रखना और उनके विकास पर ध्यान देना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएंगे, तभी पौधारोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। उन्होंने लोगों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने और पौधे लगाने के साथ उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने की अपील की।

वन दरोगा ने ग्रीन चौपाल को ग्रामीण स्तर पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उपयोगी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से गांवों में हरियाली बढ़ाई जा सकती है और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में योगदान दिया जा सकता है।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने लिया हरित भविष्य का संकल्प

ग्रीन चौपाल में वन विभाग के कर्मचारियों, ग्राम पंचायत से जुड़े प्रतिनिधियों, विद्यालय के प्रधानाध्यापक और ग्रामीणों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर वन दरोगा विनय कुमार गौड़, वन कांस्टेबल अरविंद, वृक्षारोपण सहकर्मी मुन्नीलाल तथा अन्य वनकर्मी उपस्थित रहे।

इनके अलावा प्रधान प्रतिनिधि जाकिर हुसैन, सेक्रेटरी रविंद्र गौड़, ग्राम रोजगार सेवक आशीष मिश्रा जी।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक सूर्य प्रताप राय सहित अन्य ग्रामीण भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है।

इसमें प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।

लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की तैयारियां जरूरी है।

तो यह पहल आने वाले समय में गांव को अधिक हरा-भरा बनाने में सहायक हो सकती है।

पौधारोपण के साथ पौधों की सुरक्षा भी जरूरी

पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को सफल बनाने के लिए पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

पौधों को समय पर पानी देना, पशुओं से उनकी सुरक्षा करना और सूखने से बचाने के लिए उचित व्यवस्था करना जरूरी होता है।

ग्रीन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को इसी जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया है।

सामुदायिक स्तर पर पौधों की देखभाल की व्यवस्था होने से उनके जीवित रहने और विकसित होने की संभावना बढ़ती है।

कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।

निष्कर्ष

गोरखपुर के परसा उर्फ अगिलगहवा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम।

ग्रीन चौपाल के दौरान पांच पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

वन विभाग और ग्रामीणों की सहभागिता वाली यह पहल हरियाली बढ़ाने तथा पौधों की देखभाल

जागरूकता फैलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. गोरखपुर में ग्रीन चौपाल का आयोजन कहां हुआ?

ग्रीन चौपाल का आयोजन पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसा उर्फ अगिलगहवा में किया गया।

2. ग्रीन चौपाल के दौरान कितने पौधे लगाए गए?

कार्यक्रम में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पांच पौधों का रोपण किया गया।

3. ग्रीन चौपाल का मुख्य उद्देश्य क्या था?

कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करना और गांव में हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था।

4. कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश किसने दिया?

वन दरोगा विनय कुमार गौड़ ने पेड़-पौधों के महत्व और उनकी नियमित देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया।

5. पौधारोपण के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

पौधों को नियमित पानी देना, उनकी सुरक्षा करना और समय-समय पर उनकी वृद्धि की देखभाल करना जरूरी है।

गोरखपुर के परसा उर्फ अगिलगहवा में ग्रीन चौपाल, एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत रोपे पांच पौधे