गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | 14 अक्टूबर 2026
परिचय
गोरखपुर में जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ तिवारीपुर पुलिस ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। थाना क्षेत्र के प्रमुख चौराहों, गलियों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पोस्टर-बैनर लगाए गए हैं। पुलिस ने लोगों से प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल की सूचना देने की अपील की है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है।
मुख्य खबर
गोरखपुर। पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल होने वाला चाइनीज मांझा आम लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसकी तेज धार से सड़क पर चल रहे लोगों के गले, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोट लगने की आशंका रहती है। इसी खतरे को देखते हुए गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटिल और क्षेत्राधिकारी कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। थाना प्रभारी विकास कुमार सिंह के नेतृत्व में तिवारीपुर क्षेत्र के प्रमुख चौराहों, गलियों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगभग दो दर्जन जगहों पर जागरूकता संबंधी पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को चाइनीज मांझे के खतरों के प्रति सचेत करना और इसकी बिक्री तथा इस्तेमाल को रोकने में जनसहयोग प्राप्त करना है। पुलिस का संदेश है कि कुछ समय की मौज-मस्ती किसी राहगीर, वाहन चालक या बेजुबान पक्षी के लिए गंभीर दुर्घटना का कारण नहीं बननी चाहिए।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा
चाइनीज मांझे का सबसे बड़ा खतरा सड़क पर चलने वाले बाइक और स्कूटर चालकों को रहता है। सड़क के ऊपर या आसपास उलझा हुआ मांझा अचानक चालक के गले, चेहरे या हाथों से टकरा सकता है। इसकी तेज धार के कारण गंभीर कट लगने और दुर्घटना होने की आशंका रहती है। कई बार ऐसी चोटें जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।
इसीलिए वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, सड़क पर सावधानी बरतने और रास्ते में लटकते या उलझे हुए मांझे को देखकर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। यदि सड़क पर मांझा दिखाई दे, तो उसे हटाने के लिए जल्दबाजी में हाथ लगाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सूचना देना सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
पक्षियों और पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक
चाइनीज मांझा केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षियों के लिए भी खतरनाक है। उड़ान के दौरान पक्षी इसमें उलझ सकते हैं। मांझे में फंसने से उनके पंख और शरीर घायल हो सकते हैं। कई मामलों में पक्षियों की जान तक चली जाती है।
बिजली के तारों में मांझा उलझने से विद्युत आपूर्ति में बाधा, शॉर्ट सर्किट और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा भी पैदा हो सकता है। इसलिए पतंगबाजी के दौरान सुरक्षित विकल्पों का इस्तेमाल करना और प्रतिबंधित मांझे से दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
बिक्री और इस्तेमाल करने वालों पर पुलिस की नजर
तिवारीपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे चाइनीज मांझे की खरीदारी न करें और न ही इसकी बिक्री या इस्तेमाल को बढ़ावा दें। यदि किसी दुकान, बाजार या अन्य स्थान पर इसकी बिक्री की जानकारी मिलती है, तो पुलिस को सूचित किया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य लोगों को बिना किसी अनावश्यक भय के पुलिस तक जानकारी पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है।
अपने परिवार, बच्चों और आसपास के लोगों को भी इसके खतरों के बारे में जागरूक करें।
सूचना देने के लिए जारी किया गया नंबर
चाइनीज मांझे की बिक्री या इस्तेमाल से संबंधित जानकारी देने के लिए तिवारीपुर थाने का संपर्क नंबर 9454403525 बताया गया है।
किसी भी सूचना को साझा करते समय घटना का स्थान और उपलब्ध जानकारी स्पष्ट रूप से बताना उपयोगी रहेगा।
आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस की सहायता लें।
पुलिस का संदेश स्पष्ट है—जिंदगी अनमोल है और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से चाइनीज मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
Heading
1: चाइनीज मांझे से बचाव के लिए क्या करें?
पतंग उड़ाने के लिए सुरक्षित और कानूनी रूप से अनुमत साधनों का इस्तेमाल करें।
प्रतिबंधित मांझे की खरीद-बिक्री या इस्तेमाल से दूर रहें।
बाइक और स्कूटर चलाते समय हेलमेट पहनें और सड़क पर विशेष सावधानी बरतें।
बिजली के तारों में फंसे मांझे को स्वयं हटाने का प्रयास न करें।
घायल पक्षी या व्यक्ति दिखाई देने पर उचित सहायता उपलब्ध कराएं।
चाइनीज मांझे की बिक्री की जानकारी पुलिस को दें।
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2: तिवारीपुर पुलिस की अपीलतिवारीपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे जानलेवा मांझे के खिलाफ जागरूकता अभियान में सहयोग करें।
यदि कहीं इसकी बिक्री या इस्तेमाल की जानकारी मिले, तो थाना तिवारीपुर के नंबर 9454403525 पर संपर्क करें।
पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
Facts/Details
- स्थान: तिवारीपुर थाना क्षेत्र, गोरखपुर।
- अभियान: चाइनीज मांझे के खतरों के प्रति जनजागरूकता।
- नेतृत्व: थाना प्रभारी विकास कुमार सिंह।
- मार्गदर्शन: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटिल और सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी।
- जागरूकता सामग्री: लगभग दो दर्जन स्थानों पर पोस्टर और बैनर लगाए जाने की जानकारी।
- मुख्य खतरे: दोपहिया वाहन चालकों को चोट, पक्षियों के घायल होने और बिजली के तारों में मांझा उलझने से दुर्घटना की आशंका।
- संपर्क नंबर: 9454403525।
- पुलिस की अपील: चाइनीज मांझे की बिक्री या इस्तेमाल की जानकारी दें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें।
Statement
पुलिस की अपील है कि नागरिक चाइनीज मांझे के इस्तेमाल से बचें और इसकी बिक्री की जानकारी मिलने पर संबंधित थाने को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है। जागरूकता और जनसहयोग के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं, पक्षियों को होने वाली क्षति और अन्य संभावित हादसों को रोकने में मदद मिल सकती है।
FAQ
1. गोरखपुर में चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान कहां चलाया जा रहा है?
तिवारीपुर थाना क्षेत्र में प्रमुख चौराहों, गलियों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जागरूकता पोस्टर-बैनर लगाए जाने की जानकारी है।
2. चाइनीज मांझे की सूचना किस नंबर पर दें?
दी गई जानकारी के अनुसार, थाना तिवारीपुर के संपर्क नंबर 9454403525 पर सूचना दी जा सकती है।
3. क्या सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी?
पुलिस की ओर से सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है।
4. चाइनीज मांझा खतरनाक क्यों है?
इसकी तेज धार से वाहन चालकों और राहगीरों को गंभीर चोट लग सकती है। पक्षियों के घायल होने और बिजली के तारों में उलझने से दुर्घटना का खतरा भी रहता है।
5. नागरिक इस अभियान में कैसे सहयोग कर सकते हैं?
प्रतिबंधित मांझे की खरीद-बिक्री और इस्तेमाल से बचकर, दूसरों को जागरूक करके और इसकी बिक्री की जानकारी पुलिस को देकर सहयोग कर सकते हैं।
गोरखपुर में तिवारीपुर पुलिस का जागरूकता अभियान
चाइनीज मांझे से होने वाले संभावित हादसों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
नागरिकों की सतर्कता, सुरक्षित पतंगबाजी और पुलिस को समय पर सूचना देने का कष्ट करे।
कई दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।