अवैध असलहा तस्करी के एक मामले में गोरखपुर पुलिस को बड़ी कार्रवाई में सफलता मिली है। कैंट थाना पुलिस ने बुधवार सुबह चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में 10 हजार रुपये का इनामी बीरू साहनी भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से .32 बोर की दो अवैध ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद की गई हैं।
पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी है।
चार आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुलायम निषाद उर्फ नितेश, शैलेंद्र निषाद, बीरू साहनी और चंदन जायसवाल उर्फ लकी के रूप में हुई है।
इनमें मुलायम निषाद चौरीचौरा क्षेत्र के डुमरी खास, शैलेंद्र निषाद रामगढ़ताल क्षेत्र के लहसड़ी खैरा टोला, बीरू साहनी लहसड़ी क्षेत्र और चंदन जायसवाल डुमरी खास क्षेत्र से संबंधित बताया गया है।
दो ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से .32 बोर की दो अवैध ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद करने का दावा किया है। हथियारों के स्रोत और उनकी खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि बरामद हथियार कहां से आए और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
21 सितंबर की कार्रवाई से जुड़ा है मामला
यह कार्रवाई उसी असलहा तस्करी मामले की आगे बढ़ी जांच का हिस्सा बताई जा रही है, जिसमें 21 सितंबर की रात विंध्यवासिनी पार्क के पास पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और अलग-अलग स्थानों पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
अब तक 10 आरोपी जेल भेजे गए
ताजा चार गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में जेल भेजे गए आरोपियों की संख्या 10 हो गई है। इससे पहले कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि दो आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद 21 अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है। इन आरोपियों से जुड़े संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
कई राज्यों तक जुड़े होने की जांच
जांच में सामने आए आरोपियों के संपर्क गोरखपुर और आसपास के जिलों के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा तक बताए गए हैं। पुलिस इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपियों के संपर्क,
गतिविधियों और कथित हथियार सप्लाई से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही
असलहा तस्करी के पूरे नेटवर्क के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।
बीरू साहनी पर था 10 हजार रुपये का इनाम
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल बीरू साहनी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
उसकी गिरफ्तारी को इस मामले में पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, मामले में किसी आरोपी की भूमिका और आरोपों का अंतिम
निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ हथियारों की सप्लाई चेन और
मामले से जुड़े अन्य संपर्कों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार,
जिन लोगों के नाम जांच में सामने आए हैं, उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
गोरखपुर असलहा तस्करी केस: मुख्य बातें
- कैंट थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तार आरोपियों में 10 हजार रुपये का इनामी बीरू साहनी शामिल है।
- पुलिस ने .32 बोर की दो अवैध ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद करने का दावा किया।
- चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया।
- इस मामले में अब तक 10 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
- पुलिस 21 अन्य नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है।
- जांच में गोरखपुर के अलावा कई अन्य राज्यों से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं।
FAQ
गोरखपुर में बीरू साहनी की गिरफ्तारी क्यों हुई?
बीरू साहनी की गिरफ्तारी अवैध असलहा तस्करी से जुड़े मामले की जांच के दौरान हुई है।
पुलिस के अनुसार, वह इस मामले में नामजद आरोपियों में शामिल था।
बीरू साहनी पर कितना इनाम था?
पुलिस के अनुसार, बीरू साहनी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से .32 बोर की दो अवैध ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद करने का दावा किया है।
कितने आरोपी अब तक जेल भेजे गए हैं?
ताजा चार गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में 10 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
क्या मामले में और आरोपी फरार हैं?
हां। पुलिस के अनुसार मामले में नामजद 21 अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
क्या मामला अभी जांच के अधीन है?
हां। पुलिस हथियारों के स्रोत, कथित सप्लाई नेटवर्क और आरोपियों के संपर्कों की जांच कर रही है
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