गोरखपुर के पीएमश्री स्कूल सेमरी में बच्चों ने खुद जांचीं अपनी आदतें, स्वच्छता जाँच कार्ड से लिया बेहतर दिनचर्या का संकल्प

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर। स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत गोला तहसील क्षेत्र स्थित पीएमश्री स्कूल सेमरी में शुक्रवार को “व्यक्तिगत स्वच्छता दिवस” के अवसर पर बच्चों को स्वच्छता और स्वस्थ दिनचर्या से जोड़ने के लिए अनोखी गतिविधि आयोजित की गई। “मेरी स्वच्छता की आदतें—स्वच्छता जाँच कार्ड” नाम से कराई गई इस पहल में विद्यार्थियों ने किसी शिक्षक के मूल्यांकन के बजाय स्वयं अपनी रोजमर्रा की आदतों को परखा।

बच्चों ने खुद किया अपनी दिनचर्या का मूल्यांकन

गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों को विशेष स्वच्छता जाँच कार्ड उपलब्ध कराए गए। इसमें दैनिक जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण आदतों को शामिल किया गया था। बच्चों से स्नान करने, दांतों की नियमित सफाई, नाखून काटने, बालों को साफ रखने, भोजन से पहले और शौचालय के बाद हाथ धोने जैसी आदतों पर स्वयं विचार करने को कहा गया।

इसके साथ ही स्वच्छ कपड़े पहनना, शौचालय की साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालना और अपनी व्यक्तिगत वस्तुओं को साफ रखना जैसे बिंदु भी जाँच कार्ड में शामिल किए गए थे।

विद्यार्थियों ने प्रत्येक बिंदु को ध्यान से पढ़कर अपनी वास्तविक दिनचर्या के अनुसार उसके सामने ‘सही’ या ‘गलत’ का निशान लगाया। इस तरह बच्चों ने पहली बार अपनी आदतों को बाहरी निगरानी के बजाय स्वयं की नजर से परखने का प्रयास किया।

जहां कमी दिखी, वहीं सुधार का लिया संकल्प

इस गतिविधि की खास बात यह रही कि बच्चों को केवल स्वच्छता के नियम बताने तक सीमित नहीं रखा गया। जाँच कार्ड भरते समय विद्यार्थियों ने खुद यह पहचानने की कोशिश की कि उनकी दिनचर्या में किन आदतों पर और ध्यान देने की जरूरत है।

जिन बिंदुओं पर बच्चों ने ‘गलत’ का निशान लगाया, उन्हें सुधारने का संकल्प भी लिया गया। विद्यार्थियों ने बेहतर व्यक्तिगत स्वच्छता को अपनी रोजाना की दिनचर्या में शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई।

विद्यालय की इस पहल ने बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया कि साफ-सफाई केवल किसी अभियान या विशेष दिवस तक सीमित रहने वाली गतिविधि नहीं है। इसका वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब स्वच्छता रोजमर्रा की आदत और व्यक्तिगत अनुशासन का हिस्सा बने।

स्वयं की जांच से बढ़ी जिम्मेदारी की भावना

बच्चों के लिए यह गतिविधि इसलिए भी उपयोगी रही क्योंकि इसमें उन्हें अपनी गलतियों और

अच्छी आदतों को पहचानने का अवसर मिला। स्वयं मूल्यांकन की प्रक्रिया ने विद्यार्थियों में

जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ उन्हें अपनी दिनचर्या पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षकों की ओर से भी बच्चों को समझाया गया कि व्यक्तिगत स्वच्छता का

सीधा संबंध स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और बेहतर जीवनशैली से है।

छोटी-छोटी अच्छी आदतों को नियमित रूप से अपनाकर कई समस्याओं से बचा जा सकता है।

“जाँच से जागरूकता और जागरूकता से आदत”

इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि श्री सदन तिवारी ने विद्यालय में आयोजित गतिविधि की सराहना की।

उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल स्वच्छता के बारे में जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि

उन्हें अपनी आदतों को स्वयं पहचानने और उनमें सुधार करने के लिए प्रेरित करना भी जरूरी है।

उन्होंने इस पहल को “जाँच से जागरूकता और जागरूकता से आदत” की

दिशा में सार्थक कदम बताया। उनके अनुसार, बचपन में विकसित की गई

अच्छी आदतें आगे चलकर बच्चों के व्यक्तित्व और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं।

स्वच्छता पखवाड़े में बच्चों की भागीदारी बनी खास

पीएमश्री स्कूल सेमरी में आयोजित यह गतिविधि स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के

उद्देश्यों से जुड़ी एक प्रभावी पहल रही। इसमें बच्चों को केवल दर्शक या

श्रोता बनाने के बजाय उन्हें पूरी प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बनाया गया।

स्वच्छता जाँच कार्ड के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी आदतों को समझा, कमियों को पहचाना और

उनमें सुधार का संकल्प लिया। विद्यालय की यह पहल बच्चों में व्यक्तिगत जिम्मेदारी,

अनुशासन और स्वच्छ जीवनशैली की समझ विकसित करने की दिशा में उपयोगी कदम साबित हुई।

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