गोरखनाथ पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ की सख्त कार्रवाई

परिचय

गोरखपुर में त्योहारों के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने वालों पर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। गोरखनाथ थाना पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में दो डीजे संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

मुख्य खबर

त्योहारों के दौरान गोरखपुर शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर गोरखनाथ थाना पुलिस ने तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले में दो संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की है।

यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस के अनुसार, गोरखनाथ थाना क्षेत्र में त्योहारों और अन्य आयोजनों के दौरान कुछ डीजे संचालकों द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों की अनदेखी की जा रही थी। वाहनों पर क्षमता से अधिक बड़े-बड़े साउंड बॉक्स लगाए गए थे और काफी तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था।

पुलिस की जांच में सामने आया कि अत्यधिक तेज आवाज के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। तेज आवाज से बच्चों, बुजुर्गों, बीमार लोगों और सामान्य नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा देर रात तक तेज ध्वनि में डीजे बजाए जाने से क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है।

पुलिस ने डीजे संचालकों को ध्वनि प्रदूषण से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी किए जाने पर पुलिस ने दो संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तेज आवाज में डीजे बजाने वाले संचालकों में हड़कंप की स्थिति है।

ध्वनि मानकों को लेकर पुलिस सख्त

पुलिस प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन पर कोई रोक नहीं है, लेकिन कार्यक्रमों में ध्वनि की निर्धारित सीमा और अन्य नियमों का पालन करना आवश्यक है। पुलिस की टीमें क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं।

गोरखनाथ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी आयोजन में निर्धारित मानकों से अधिक तेज आवाज में डीजे या साउंड सिस्टम बजाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है।

आयोजकों से सहयोग की अपील

पुलिस ने डीजे संचालकों और कार्यक्रम आयोजकों से अपील की है कि वे ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करें। पुलिस का कहना है कि तेज आवाज में डीजे बजाने से आसपास के लोगों को परेशानी होती है।

कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद है।

आयोजक और डीजे संचालक निर्धारित मानकों के अनुसार ही साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करेंगे। पुलिस ने संकेत दिया है।

आने वाले दिनों में भी चेकिंग अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

ध्वनि प्रदूषण पर पुलिस की बढ़ी निगरानी

दो डीजे संचालकों पर दर्ज हुआ मुकदमा

आयोजकों को नियमों का पालन करने की हिदायत

Facts/Details

पुलिस के अनुसार, त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।

धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है।

तेज आवाज में डीजे बजाकर आम लोगों को परेशानी पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

FAQ:

Q1. गोरखपुर में डीजे संचालकों पर कार्रवाई क्यों हुई?

निर्धारित मानकों से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाने के आरोप में कार्रवाई हुई।

Q2. कार्रवाई किस थाना क्षेत्र में हुई?

गोरखनाथ थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई की।

Q3. कितने डीजे संचालकों पर मुकदमा दर्ज हुआ?

दो डीजे संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

Q4. कार्रवाई किसके नेतृत्व में हुई?

प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई की।

Q5. क्या आगे भी चेकिंग होगी?

हां, पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही है।

गोरखपुर में तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्ती बढ़ गई है।

गोरखनाथ पुलिस की कार्रवाई से साफ है कि त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।