गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना पुलिस
गोरखपुर में ऑनलाइन ठगी का एक बड़ा गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। रामगढ़ताल थाना पुलिस ने सोमवार को कृष्णा होटल के एक कमरे से दो ठगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर दोगुना मुनाफा देने के झांसे में लोगों से करोड़ों रुपये ठगे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी होटल के कमरे में बैठकर अपनी अगली ठगी की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार ठगों की पहचान देवरिया जिले के खामपार बहोरवा निवासी संजीव कुमार कुशवाहा और गौरीबाजार बन्सहिया निवासी अंकित श्रीवास्तव के रूप में हुई है।
फर्जी वेबिनार के जरिए की जा रही थी ठगी
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी वेबिनार आयोजित कर निवेशकों को लुभाया था। वे दावा करते थे कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने पर कुछ ही दिनों में दोगुना या उससे अधिक मुनाफा मिलेगा। इस झांसे में कई लोग फंस गए और लाखों-करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोपी लोगों को फेक स्क्रीनशॉट, फर्जी प्रॉफिट ग्राफ और बनावटी वॉलेट बैलेंस दिखाकर भरोसा दिलाते थे। जब निवेशक पैसे मांगते तो वे बहाने बनाकर टालते या ब्लॉक कर देते थे।
अब तक की जांच में यह सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने करोड़ों रुपये की ठगी की है। कई पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर रामगढ़ताल थाना ने कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली कि दोनों ठग गोरखपुर के एक होटल में छिपे हुए हैं और नई ठगी की साजिश रच रहे हैं।
होटल से गिरफ्तारी और बरामदगी
सोमवार को पुलिस ने कृष्णा होटल में छापेमारी की। कमरे में मौजूद संजीव कुमार कुशवाहा और अंकित श्रीवास्तव को दबोच लिया गया। उनके पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज बरामद हुए। लैपटॉप में फर्जी वेबिनार के रिकॉर्डिंग, निवेशकों की लिस्ट, बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स और फेक प्रॉफिट स्क्रीनशॉट मिले हैं। मोबाइल फोन में भी ठगी से जुड़े मैसेज, व्हाट्सएप ग्रुप और कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है।
जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि
ठगी का पैसा कहां ट्रांसफर किया गया,
कितने बैंक खाते इस्तेमाल हुए और क्या कोई बड़ा नेटवर्क इसमें शामिल है। आरोपियों के खिलाफ
आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (फर्जीवाड़ा), 468 (धोखाधड़ी के लिए दस्तावेज बनाना) और
आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ितों की बढ़ती संख्या, पुलिस की अपील
पुलिस को अब तक दर्जनों शिकायतें मिल चुकी हैं।
कई लोग अभी भी सामने आ रहे हैं। ठगी का पैमाना बहुत बड़ा है,
इसलिए पुलिस ने पीड़ितों से अपील की है कि वे तुरंत रामगढ़ताल थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
साथ ही लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है कि कोई भी क्रिप्टो या निवेश स्कीम में
पैसे लगाने से पहले पूरी जांच करें और फर्जी वेबिनार या प्रॉफिट के वादे से सावधान रहें।
यह गिरफ्तारी गोरखपुर पुलिस की साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड के खिलाफ बड़ी सफलता है।
जांच आगे बढ़ने पर और भी खुलासे होने की संभावना है।
ठगों के इस गिरोह को पूरी तरह खत्म करने का अभियान जारी रहेगा।