गोरखपुर के बेलीपार क्षेत्र में
बेलीपार के मलाव गांव में फूड पॉइजनिंग का मामला
गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र स्थित मलाव गांव में फूड पॉइजनिंग का बड़ा मामला सामने आया है। मैगी और तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 10 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी, दस्त और सांस लेने में परेशानी होने पर परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
हालत गंभीर होने पर सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
शाम को खाई थी मैगी और तरबूज
जानकारी के अनुसार गांव निवासी बैजनाथ पांडेय (78), उनके भाई अमरनाथ पांडेय (65) और परिवार के अन्य सदस्यों ने बुधवार शाम गांव की दुकान से मंगाकर मैगी खाई थी।
इसके कुछ देर बाद परिवार ने साइकिल से तरबूज बेचने आए एक व्यक्ति से तरबूज खरीदकर भी खाया। देर रात तक सब सामान्य रहा, लेकिन गुरुवार भोर में अचानक सभी की तबीयत बिगड़ने लगी।
उल्टी-दस्त और सांस लेने में हुई परेशानी
परिजनों के मुताबिक सुबह करीब तीन बजे परिवार के कई लोगों को अचानक उल्टी और दस्त शुरू हो गया। कुछ लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी।
एक साथ इतने लोगों की हालत बिगड़ने से घर में हड़कंप मच गया। पहले गांव के एक झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया गया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली।
निजी अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर
इसके बाद सभी मरीजों को कौड़ीराम स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां भी हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
फिलहाल सभी मरीज जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं।
ये लोग हुए बीमार
फूड पॉइजनिंग से बीमार होने वालों में बैजनाथ पांडेय, अमरनाथ पांडेय, शैल कुमारी,
अंशु पांडेय, पूर्णिमा पांडेय, वेदांत पांडेय, हन्नू, नेहा पांडेय,
जगदीश दुबे और खजनी क्षेत्र के पिपरा बनवारी निवासी सौरभ त्रिपाठी शामिल हैं।
इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई।
डॉक्टर बोले- सभी खतरे से बाहर
डॉ. बीके सुमन ने बताया कि सभी मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर है और
दो दिनों के भीतर मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
फूड सेफ्टी को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद गांव में खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि
आखिर मैगी या तरबूज में ऐसी क्या गड़बड़ी थी, जिससे पूरा परिवार बीमार हो गया।
स्वास्थ्य विभाग अब मामले की जांच कर सकता है ताकि फूड पॉइजनिंग की असली वजह पता चल सके।
गांव में मचा हड़कंप
एक ही परिवार के 10 लोगों के बीमार पड़ने की खबर से गांव में दहशत और चिंता का माहौल है।
आसपास के लोग लगातार अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हालचाल ले रहे हैं।
बेलीपार के मलाव गांव में हुई यह घटना खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही फूड पॉइजनिंग की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
