राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए तहसील प्रशासन ने निगरानी और बचाव गतिविधियां तेज कर दी हैं। घाघरा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही जिन इलाकों में बाढ़ का पानी कम हो चुका है, वहां फॉगिंग, साफ-सफाई और दवा के छिड़काव का काम कराया जा रहा है।
तहसील प्रशासन का पूरा जोर बाढ़ के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नियंत्रित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने पर है। प्रशासनिक टीमें प्रभावित इलाकों में कैंप कर स्थिति का जायजा ले रही हैं और ग्रामीणों की जरूरतों की जानकारी जुटा रही हैं।
घाघरा नदी के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
गुरुवार को तहसीलदार गोला सत्येंद्र मौर्य और नायब तहसीलदार जयप्रकाश ने घाघरा नदी के जलस्तर की स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद अधिकारियों ने नदी से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली और संबंधित टीमों को आवश्यक कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

पानी उतरने के बाद इन गांवों में शुरू हुआ छिड़काव
बाढ़ का पानी उतर चुके क्षेत्रों में संक्रमण की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। तहसील प्रशासन की देखरेख में गोला क्षेत्र के रकौली और कोहना तथा बड़हलगंज विकासखंड के अजयपुरा और डेरवा में फॉगिंग, साफ-सफाई और दवा के छिड़काव का कार्य कराया जा रहा है।
बाढ़ के बाद जलभराव वाले स्थानों में गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सफाई और दवा छिड़काव को प्राथमिकता दी है।
प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर रही प्रशासनिक टीमें
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमें लगातार सक्रिय हैं। टीमें मौके पर रहकर
स्थानीय लोगों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ले रही हैं।
आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव से जुड़ी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
राजस्व विभाग के साथ-साथ संबंधित विभागों की टीमें भी क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं,
ताकि बाढ़ के बाद किसी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
एसडीएम बोले- स्थिति पर लगातार रखी जा रही नजर
एसडीएम मनीष कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।
प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के
अनुसार संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों से बाढ़ का पानी उतर चुका है, वहां संक्रमण से बचाव के लिए
फॉगिंग, साफ-सफाई और दवा के छिड़काव को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रशासनिक टीमें ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर सुन रही हैं और
आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
गोरखपुर में बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रशासन ने संक्रमण से बचाव के लिए अभियान तेज कर दिया है।
घाघरा नदी के जलस्तर पर निगरानी के साथ रकौली, कोहना, अजयपुरा और डेरवा में फॉगिंग, सफाई और
दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। प्रशासनिक टीमें प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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