हरनही, गोरखपुर | 25 सितंबर 2026
परिचय
गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने वाला करीब 150 मीटर संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाल है। बारिश में बड़े गड्ढों में पानी भरने से मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
मुख्य खबर
गोरखपुर-खजनी मुख्य मार्ग पर कटघर चौराहे से आगे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खजनी की ओर जाने वाला करीब 150 मीटर लंबा संपर्क मार्ग वर्षों से जर्जर हालत में है। खड़ंजा मार्ग जगह-जगह टूट चुका है और सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह रास्ता पीएचसी तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार, स्वास्थ्यकर्मी तथा ग्रामीण इसका इस्तेमाल करते हैं। सड़क की खराब हालत के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और गंभीर मरीजों को होती है।
बारिश में गड्ढों में भर जाता है पानी
बारिश होने के बाद संपर्क मार्ग के कई हिस्सों में पानी जमा हो जाता है। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण बाइक और पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार दोपहिया वाहन सवार गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
पीएचसी में इलाज कराने पहुंचे प्रभुनाथ निषाद ने बताया कि बारिश में सड़क के गड्ढे पानी से भर जाते हैं।
ऐसे में लोगों को रास्ता देखकर चलना मुश्किल हो जाता है।
अधिवक्ता दीपक मिश्रा के मुताबिक बाइक से इस रास्ते से गुजरते समय लगातार झटके लगते हैं और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
एंबुलेंस और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशानी
जर्जर मार्ग की समस्या उस समय और गंभीर हो जाती है जब एंबुलेंस से गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं या गंभीर मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना पड़ता है।
गड्ढों और जलभराव के कारण एंबुलेंस को काफी सावधानी से आगे बढ़ना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि कई बार एंबुलेंस और चारपहिया वाहन गड्ढों में फंस चुके हैं।
ऐसी स्थिति में आसपास के लोगों की मदद से वाहनों को बाहर निकालना पड़ा।
बाइक से महिलाओं को अस्पताल ले जाते समय भी गिरने की घटनाओं की बात स्थानीय लोगों ने कही है।
दस साल से पुनर्निर्माण की मांग
स्थानीय जवाहर और बालमुकुंद का कहना है कि आसपास के कई गांवों के रास्ते इस संपर्क मार्ग से बेहतर स्थिति में हैं, जबकि यह सड़क सीधे स्वास्थ्य केंद्र को जोड़ती है। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं कुसुम, मीरा, नीलम, चंदा, गीता, रंभा, संध्या और वंदना ने भी रास्ते की खराब स्थिति को रोज की परेशानी बताया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मार्ग के पुनर्निर्माण की मांग करीब दस वर्षों से की जा रही है।
लोगों ने क्षेत्रीय विधायक प्रदीप शुक्ला, पूर्व विधायक शीतल पांडेय और ग्राम प्रधान आलोक सिंह से भी मार्ग की मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग किए जाने की बात कही है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप तिवारी ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक प्रदीप शुक्ला की ओर से मार्ग का जल्द पुनर्निर्माण कराने की बात कही गई है।
अब स्थानीय लोगों को इंतजार है कि अस्पताल तक पहुंचने वाले इस जर्जर मार्ग का स्थायी समाधान कब होता है।
बारिश में गड्ढों और जलभराव से बढ़ी परेशानी
एंबुलेंस और मरीजों के लिए बना जोखिम
दस साल से पुनर्निर्माण का इंतजार
Facts/Details:
संपर्क मार्ग की लंबाई करीब 150 मीटर बताई गई है।
मार्ग पीएचसी खजनी को मुख्य सड़क से जोड़ता है।सड़क पर कई बड़े गड्ढे मौजूद हैं।
बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है।
मरीजों और तीमारदारों को आवागमन में परेशानी होती है।
एंबुलेंस और चारपहिया वाहनों के फंसने की शिकायत सामने आई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दस वर्षों से पुनर्निर्माण की मांग की जा रही है।
विस्तार
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप तिवारी के अनुसार, क्षेत्रीय विधायक की ओर से मार्ग का जल्द पुनर्निर्माण कराने की बात कही गई है।
स्थानीय लोगों को अब इस आश्वासन के अमल में आने का इंतजार है।
FAQ:
1. पीएचसी खजनी का जर्जर मार्ग कितना लंबा है?पीएचसी को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला संपर्क रास्ता करीब 150 मीटर लंबा बताया गया है।
2. बारिश में रास्ते की स्थिति कैसी हो जाती है? बारिश के दौरान बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन मुश्किल हो जाता है।
3. सबसे ज्यादा परेशानी किन लोगों को होती है? मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, तीमारदारों और एंबुलेंस से आने वाले गंभीर मरीजों को अधिक परेशानी होती है।
4. रास्ते के पुनर्निर्माण की मांग कब से है? स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दस वर्षों से मार्ग के पुनर्निर्माण की मांग की जा रही है।
5. मार्ग को लेकर क्या आश्वासन मिला है? प्रभारी चिकित्साधिकारी के अनुसार क्षेत्रीय विधायक ने जल्द पुनर्निर्माण कराने की बात कही है।
पीएचसी खजनी तक पहुंचने वाले महज 150 मीटर रास्ते की बदहाली मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए रोज की समस्या बनी हुई है।
अब स्थानीय लोगों की नजर मार्ग के वास्तविक पुनर्निर्माण और स्थायी समाधान पर है।