लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद पलिया, भीरा और बिजुआ क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई स्थानों पर सड़कों और रास्तों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
बाढ़ के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों के घरों में पानी पहुंच गया है, जबकि कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित रहने के लिए घरों की छतों का सहारा लेना पड़ रहा है।
शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर
बनबसा बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। बुधवार शाम नदी खतरे के निशान से करीब 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। इसके बाद नदी से सटे इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा।
पलिया तहसील क्षेत्र के शाहपुर ग्राम पंचायत के मजरे ढकिया, कुंवरपुर, नारायनपुरवा और बझेड़ा सहित कई गांवों में पानी पहुंच गया। कुंवरपुर खुर्द में कई घर जलभराव से प्रभावित बताए गए हैं।
कई परिवार घरों की छतों पर रहने को मजबूर
बाढ़ का पानी गांवों में दाखिल होने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई घरों में पानी भरने के कारण ग्रामीणों को ऊंचे स्थानों और घरों की छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के दौरान हर साल आसपास के गांव प्रभावित होते हैं। लोगों ने बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की मांग की है।
कई गांवों में सड़कें और रास्ते जलमग्न
बिजुआ ब्लॉक के भी कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बझेड़ा, करसौर, गुजरा, कोरियाना, सिंघिया, बेचेपुरवा, मिस्त्रीपुरवा, ढकिया कलां, रेवतीपुरवा, दौलतापुर, रड़ा देवरिया, रामपुर और जंगल नंबर सात सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
पानी भरने के कारण ग्रामीणों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना मुश्किल हो गया है। छात्रों के आवागमन पर भी इसका असर पड़ा है।
बाढ़ के कारण स्कूलों पर भी असर
जिले में भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया था। यह आदेश परिषदीय विद्यालयों के साथ मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और विभिन्न बोर्डों के विद्यालयों पर भी लागू किया गया था।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल तक पहुंचना मुश्किल होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। हालांकि शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को आवश्यक विभागीय कार्यों के लिए विद्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।
मैलानी-नानपारा रेलखंड पर भी असर
बढ़ते जलस्तर का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। भीरा और पलिया के बीच रेलवे लाइन के नीचे
पानी का रिसाव होने के कारण रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। रेलवे विभाग ने स्थिति पर निगरानी बढ़ाई है।
इसके अलावा तिकुनिया क्षेत्र में मोहाना नदी और धौरहरा इलाके में
घाघरा नदी के कटान ने भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारी की
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से नदी के किनारे नहीं जाने और
पानी बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में नाव की व्यवस्था और जरूरी सुविधाएं
उपलब्ध कराने की बात कही गई है। वहीं तिकुनिया क्षेत्र में कटान के खतरे को देखते हुए प्रभावित परिवारों को
सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की
बाढ़ की समस्या से परेशान ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश और
नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ गांवों में पानी भर जाता है। उनका आरोप है कि
समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पर्याप्त काम नहीं हुआ है।
फिलहाल प्रशासन की नजर शारदा समेत अन्य नदियों के जलस्तर पर बनी हुई है।
जलस्तर और बढ़ने की स्थिति में प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव अभियान तेज किया जा सकता है
FAQ:
1. लखीमपुर खीरी में बाढ़ की स्थिति क्यों बनी है?
बनबसा बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और खतरे के
निशान से ऊपर पहुंच गया। इसके बाद नदी के आसपास के कई गांवों में पानी घुस गया।
2. लखीमपुर खीरी के किन इलाकों में बाढ़ का असर है?
पलिया, भीरा और बिजुआ क्षेत्र के कई गांव बाढ़ और जलभराव से प्रभावित हुए हैं।
इनमें शाहपुर पंचायत के कई मजरे तथा बिजुआ ब्लॉक के अनेक गांव शामिल हैं।
3. क्या बाढ़ के कारण स्कूल बंद किए गए हैं?
भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिले में कक्षा
एक से आठ तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया था।
4. शारदा नदी कितने ऊपर बह रही है?
रिपोर्ट के अनुसार बुधवार शाम शारदा नदी खतरे के निशान से करीब 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।
5. क्या बाढ़ से यातायात भी प्रभावित हुआ है?
हां। कई ग्रामीण रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा भीरा-पलिया के बीच रेलवे लाइन के नीचे पानी के रिसाव के कारण रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
6. प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए क्या व्यवस्था की है?
प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है।
जरूरत पड़ने पर नाव और राहत-बचाव की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं।
7. क्या लखीमपुर खीरी में बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है?
हां। शारदा नदी के बढ़े हुए जलस्तर और आसपास के इलाकों में जलभराव को देखते हुए
प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
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