फर्जी इंस्पेक्टर गोरखपुर के इस मामले ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है। सिकरीगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद सिकरीगंज पुलिस ने महज कुछ घंटों में आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की पहचान 55 वर्षीय दिग्विजय नाथ पुत्र रामलाल निवासी ग्राम लखवापाकड़, थाना बेलघाट, गोरखपुर के रूप में हुई। वह फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर दर्जनों लोगों को नौकरी ठगी गोरखपुर का शिकार बना चुका था। उसके कब्जे से पुलिस वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड, कार और अन्य सामान बरामद किया गया। एसपी साउथ दिनेश कुमार पूरी ने बताया कि आरोपी ने नौकरी दिलाने के बहाने से लाखों रुपये ठगे हैं।
जनसुनवाई में शिकायत: 6 लाख की ठगी से खुली पोल
मंगलवार को सिकरीगंज थाने में आयोजित जनसुनवाई के दौरान नीरज शर्मा नामक पीड़ित ने प्रार्थना पत्र सौंपा। उसने बताया कि एक वर्दी पहने व्यक्ति, जो खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बता रहा था, ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगी गोरखपुर का यह केस सुनते ही एसएसआई के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई और आरोपी को उसके ही वाहन में वर्दी पहने मिला। पूछताछ में वह टूट गया और फर्जी इंस्पेक्टर बनने का राज खोल दिया। नीरज के अलावा कई अन्य पीड़ितों के नाम भी सामने आए, जिनसे 5 लाख, 55 हजार और 25 हजार तक वसूले गए।
बरामद सामान: फर्जी पुलिस वर्दी से लेकर कार तक
सिकरीगंज पुलिस गिरफ्तारी के दौरान आरोपी दिग्विजय नाथ गिरफ्तार के पास से भारी मात्रा में फर्जी सामान बरामद हुआ। इसमें एक चार पहिया कार (जिसमें वह घूम-फिर रहा था), पुलिस यूनिफॉर्म, नेम प्लेट मय बैज, पीकैप, फर्जी पुलिस आईकार्ड, कैप बेल्ट, मोनोग्राम, स्टार और अन्य वर्दी संबंधी सामग्री शामिल है। जांच में सारा सामान नकली पाया गया। आरोपी ग्रामीण इलाके से था, लेकिन शहर में इंस्पेक्टर बनकर ठगी करता था। फर्जी पुलिस वर्दी बरामद होने से पुलिस ने उसके अन्य जुर्म का भी पता लगाना शुरू कर दिया है। एसपी साउथ ने चेतावनी दी कि ऐसे शातिरों को बख्शा नहीं जाएगा।
आरोपी का बैकग्राउंड और modus operandi
दिग्विजय नाथ लंबे समय से इस धंधे में लिप्त था। वह गांव लखवापाकड़ से आता है, लेकिन गोरखपुर शहर में सक्रिय हो गया। फर्जी इंस्पेक्टर गोरखपुर बनकर वह बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता। नौकरी का लालच देकर पहले छोटी रकम लेता, फिर बहाने बनाकर पूरी ठग लेता। पीड़ित नीरज से 6 लाख लिए, तो किसी से 5 लाख। कुल मिलाकर लाखों का खेल चल रहा था। पुलिस ने उसके फोन और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है, ताकि अन्य पीड़ितों का पता लगे। एसपी साउथ दिनेश कुमार पूरी ने कहा, “जनसुनवाई जैसे कार्यक्रमों से आमजन की आवाज मजबूत हो रही है। ऐसी ठगियों पर लगाम लगेगी।”
पुलिस कार्रवाई और आगे की विधिक प्रक्रिया
सिकरीगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 419, 420 समेत कई IPC धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। उसे जेल भेज दिया गया है। दिग्विजय नाथ गिरफ्तार के बाद अन्य पीड़ितों से अपील की गई है कि वे थाने पहुंचें। गोरखपुर पुलिस ने सतर्कता बरतने की सलाह दी- किसी अजनबी को नौकरी का झांसा न दें। यह घटना ठगी गोरखपुर के बढ़ते मामलों पर सवाल खड़े करती है। एसपी साउथ ने टीम को बधाई दी और कहा कि अपराधी कितना भी शातिर हो, कानून का पंजा लंबा है।
गोरखपुर जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस निरंतर प्रयासरत है। फर्जी इंस्पेक्टर जैसे अपराधियों से सावधान रहें। अधिक जानकारी के लिए सिकरीगंज थाना से संपर्क करें।