नई दिल्ली | 1 अक्टूबर 2026
परिचय
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स के अनियंत्रित, बार-बार या लंबे समय तक इस्तेमाल को लेकर महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। संगठन ने ऐसे इस्तेमाल को क्रॉनिक किडनी डिजीज के जोखिम से जोड़ा है।
मुख्य खबर
दर्द या संक्रमण होने पर लोग कई बार बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेना शुरू कर देते हैं। इसी तरह की आदत को लेकर CDSCO ने सितंबर 2026 में एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें विशेष रूप से NSAIDs यानी कई सामान्य पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स के अनियंत्रित इस्तेमाल तथा क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के जोखिम को लेकर सावधानी बरतने को कहा गया है।
डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक दवा लेने से बचें
CDSCO के अनुसार NSAIDs और एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के बार-बार या लंबे समय तक नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा है कि इन दवाओं का उपयोग तभी किया जाना चाहिए जब चिकित्सकीय रूप से इसकी जरूरत हो, सही खुराक में और उचित अवधि तक किया जाए।
इस चेतावनी का मतलब यह नहीं है कि हर पेनकिलर या एंटीबायोटिक किडनी को नुकसान पहुंचाएगा। जोखिम दवा के प्रकार, खुराक, इस्तेमाल की अवधि और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति सहित कई कारकों पर निर्भर कर सकता है। इसलिए डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवा को अपने स्तर पर बंद या बदलने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
एंटीबायोटिक का खुद से इस्तेमाल न करें
CDSCO ने एंटीबायोटिक्स के मामले में विशेष सावधानी बरतने को कहा है। सर्कुलर के अनुसार एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल स्वयं दवा लेने के रूप में नहीं किया जाना चाहिए और इन्हें उचित चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही लिया जाना चाहिए।
अधिकांश एंटीबायोटिक्स को ड्रग्स रूल्स के तहत Schedule H1 में रखा गया है
उनके लेबल पर चिकित्सकीय सलाह के बिना इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी का प्रावधान है।
एंटीबायोटिक की जरूरत वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
इसलिए केवल बुखार, सर्दी या सामान्य बीमारी होने पर अपने आप एंटीबायोटिक शुरू करना उचित नहीं है।
पेनकिलर के इस्तेमाल में भी सावधानी जरूरी
CDSCO ने बताया है कि अधिकांश NSAIDs Schedule H के अंतर्गत आते हैं।
इन्हें पंजीकृत चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन के बिना खुद से लेने से बचना चाहिए।
सर्कुलर में इन दवाओं के अनियंत्रित, बार-बार और लंबे समय तक इस्तेमाल से जुड़े किडनी जोखिम पर ध्यान दिलाया गया है।
अगर किसी व्यक्ति को लगातार दर्द रहता है और वह लंबे समय तक पेनकिलर नहीं लेना चाहिए।
केवल दवा जारी रखने के बजाय दर्द के कारण की चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
खासकर पहले से किडनी संबंधी समस्या या अन्य जोखिम वाले लोगों में दवा का चुनाव डॉक्टर की निगरानी में होना चाहिए।
बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेने पर CDSCO की चेतावनी
एंटीबायोटिक और पेनकिलर के इस्तेमाल में सावधानी
किडनी की सेहत को लेकर क्यों जरूरी है सतर्कता?
Facts/Details
CDSCO ने सितंबर 2026 में NSAIDs, पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स के अनियंत्रित इस्तेमाल को लेकर सर्कुलर जारी किया।
सर्कुलर में ऐसे इस्तेमाल को क्रॉनिक किडनी डिजीज के जोखिम से जोड़ा गया है।
अधिकांश NSAIDs Schedule H में आते हैं।
अधिकांश एंटीबायोटिक्स Schedule H1 में शामिल हैं।
दवाओं का इस्तेमाल चिकित्सकीय जरूरत, सही खुराक और उचित अवधि के अनुसार करने की सलाह दी गई है।
CDSCOलंबे समय तक दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है।
विस्तार
CDSCO ने आम लोगों, स्वास्थ्यकर्मियों, फार्मासिस्टों, खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों समेत संबंधित पक्षों को दवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल को सुनिश्चित करने की सलाह दी है।संगठन के अनुसार NSAIDs और एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के मनमाने ढंग से, बार-बार या लंबे समय तक नहीं किया जाना चाहिए।
FAQ
सवाल 1: क्या हर पेनकिलर किडनी को नुकसान पहुंचाता है?
नहीं। जोखिम दवा, खुराक, इस्तेमाल की अवधि और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेना सुरक्षित इस्तेमाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सवाल 2: क्या एंटीबायोटिक खुद से लिया जा सकता है?
CDSCO ने एंटीबायोटिक्स के स्वयं इस्तेमाल से बचने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही लेने की बात कही है।
सवाल 3: क्या लंबे समय तक पेनकिलर लेना सही है?
बिना चिकित्सकीय निगरानी के लंबे समय तक NSAIDs या पेनकिलर लेने से बचना चाहिए। लगातार दर्द होने पर डॉक्टर से कारण की जांच करानी चाहिए
।सवाल 4: क्या डॉक्टर की लिखी दवा तुरंत बंद कर देनी चाहिए?
नहीं। डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवा को बंद करने या बदलने से पहले उसी डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्यकर्मी से सलाह लें।
CDSCO की ताजा चेतावनी दवाओं के जिम्मेदार इस्तेमाल की जरूरत को रेखांकित करती है।
पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स को बिना सलाह लंबे समय तक लेने से बचें और लगातार बीमारी या दर्द की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लें।