उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए एक झटका लगने वाला है। राज्य सरकार ने यूपी बीएड शुल्क बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जिसमें बीएड ऑनलाइन काउंसलिंग पंजीकरण शुल्क को आवेदन प्रक्रिया के साथ जोड़कर 700 रुपये बढ़ा दिया जाएगा। यह फैसला उत्तर प्रदेश बीएड फीस वृद्धि के तहत लिया गया है, जो 2026 सत्र से लागू होगा। शिक्षा विभाग के नवीनतम नोटिफिकेशन के अनुसार, अब छात्रों को काउंसलिंग के लिए अलग से पंजीकरण शुल्क जमा करना पड़ेगा, जो पहले शामिल था। इस बदलाव से बीएड कोर्स की कुल फीस में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका असर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों पर पड़ेगा।
बीएड शुल्क बढ़ोतरी का नया स्ट्रक्चर: क्या बदला, क्या नहीं?
यूपी बीएड शुल्क बढ़ोतरी के तहत मुख्य बदलाव बीएड ऑनलाइन काउंसलिंग पंजीकरण शुल्क में है। पहले आवेदन फॉर्म भरते समय काउंसलिंग शुल्क शामिल होता था, लेकिन अब इसे अलग कर 700 रुपये निर्धारित किया गया है। आइए विस्तार से समझें:
आवेदन शुल्क: सामान्यतः 1000-1500 रुपये (श्रेणी के अनुसार), अब इसमें काउंसलिंग शुल्क अतिरिक्त।
काउंसलिंग पंजीकरण शुल्क: नया 700 रुपये (जनरल/OBC के लिए), SC/ST के लिए 500 रुपये संभावित।
कुल अनुमानित फीस: पहले 2500-3000 रुपये अब 3500-4500 रुपये तक पहुंच सकती है।
सीट आवंटन शुल्क: चॉइस फिलिंग पर अतिरिक्त 500 रुपये प्रति राउंड।
यह उत्तर प्रदेश बीएड फीस वृद्धि शिक्षा की गुणवत्ता सुधार और ऑनलाइन प्रक्रिया के रखरखाव के लिए बताई जा रही है। अभीतक जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, काउंसलिंग upbed.nta.nic.in पोर्टल पर होगी, जहां पंजीकरण अनिवार्य होगा। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित चेक करें।
क्यों हुई यूपी में बीएड फीस वृद्धि? कारण और प्रभाव
बीएड ऑनलाइन काउंसलिंग पंजीकरण शुल्क बढ़ाने का प्रमुख कारण ऑनलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। महामारी के बाद डिजिटल काउंसलिंग को स्थायी बनाने के लिए NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने खर्च बढ़ने का हवाला दिया है। इसके अलावा:
इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड: सर्वर, सॉफ्टवेयर और हेल्पलाइन के लिए फंडिंग।
मेरिट आधारित पारदर्शिता: फीस से AI-बेस्ड सीट अलॉटमेंट सिस्टम विकसित।
छात्रों पर प्रभाव: ग्रामीण इलाकों जैसे गोरखपुर, आजमगढ़ के छात्रों के लिए बोझ, जहां फैमिली इनकम कम है।
विपक्षी दलों ने यूपी बीएड शुल्क बढ़ोतरी की आलोचना की है, इसे ‘शिक्षा का व्यापारीकरण’ बताते हुए। पूर्व शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर कहा, “लाखों गरीब छात्रों का सपना तोड़ने वाली नीति!” हालांकि, सरकार का दावा है कि स्कॉलरशिप स्कीम्स से राहत मिलेगी।
बीएड आवेदन 2026: स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश बीएड फीस वृद्धि के बावजूद आवेदन प्रक्रिया सरल रखी गई है। यहां पूरी गाइड
पोर्टल विजिट: upbed.nta.nic.in पर जाएं।
रजिस्ट्रेशन: ईमेल/मोबाइल से नया अकाउंट बनाएं।
फॉर्म भरें: पर्सनल डिटेल्स, योग्यता (ग्रेजुएशन 50%+) अपलोड करें।
शुल्क जमा: बीएड ऑनलाइन काउंसलिंग पंजीकरण शुल्क सहित नेट बैंकिंग/कार्ड से पेमेंट।
एडमिट कार्ड डाउनलोड: एग्जाम से 10 दिन पहले।
एंट्रेंस एग्जाम अप्रैल-मई 2026 में संभावित, जिसमें GK, रीजनिंग, हिंदी/इंग्लिश शामिल। कटऑफ पिछले वर्ष की तरह 200-250 मार्क्स रह सकती है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी, डीएन कॉलेज जैसे संस्थानों में सीटें लिमिटेड
छात्र क्या करें? टिप्स और अपडेट्स
यूपी बीएड शुल्क बढ़ोतरी से परेशान न हों। वैकल्पिक विकल्प:
स्कॉलरशिप अप्लाई: पोस्ट-मैट्रिक योजना से 10,000 तक राहत।
प्राइवेट कॉलेज: कुछ में फीस वही, लेकिन क्वालिटी चेक करें।
मॉक टेस्ट: NTA ऐप से प्रैक्टिस शुरू करें।
सरकार ने हेल्पलाइन 1800-XXX-XXXX जारी की है। बीएड ऑनलाइन काउंसलिंग पंजीकरण शुल्क संबंधी कोई छूट की मांग उठ रही है, जिस पर जल्द फैसला अपेक्षित। फेसबुक, यूट्यूब पर ‘Fisherman World News’ जैसे पेज फॉलो करें लेटेस्ट अपडेट्स के लिए।यह उत्तर प्रदेश बीएड फीस वृद्धि शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगी। छात्र सतर्क रहें और समय पर आवेदन करें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक साइट चेक करें।