कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़े यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर दिल्ली में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महिला मोर्चा ने ‘नारी शक्ति हुंकार आंदोलन’ के तहत कांग्रेस मुख्यालय की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
इस प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुईं। मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। दूसरी ओर, सांसद बिमोल अकोइजम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है।
कांग्रेस मुख्यालय तक निकाला गया मार्च
भाजपा महिला मोर्चा के आंदोलन की शुरुआत दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित आंध्र एजुकेशन सोसाइटी स्कूल के पास से हुई। मार्च का उद्देश्य कांग्रेस मुख्यालय तक पहुंचकर पार्टी नेतृत्व से मामले में जवाब मांगना था।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। भाजपा नेताओं ने कहा कि महिलाओं से जुड़े गंभीर आरोपों के मामले में राजनीतिक दलों को जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
बिमोल अकोइजम पर क्या हैं आरोप?
मणिपुर के इनर मणिपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल
अकोइजम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रोफेसर भी रह चुके हैं। विश्वविद्यालय की
छात्राओं की ओर से उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें की गई थीं।
मामले की जांच विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने की। इसके बाद
9 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय ने अकोइजम को प्रोफेसर के पद से हटाने की कार्रवाई की जानकारी दी।
शिकायतों में छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न से
संबंधित आरोप शामिल हैं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामला विश्वविद्यालय
परिसर से बाहर निकलकर राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि आरोपों और पुलिस जांच की स्थिति को
अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के समान नहीं माना जाना चाहिए।
पुलिस ने भी दर्ज किया मामला
मामले में 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत के
आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। रिपोर्टों के अनुसार, प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की
महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा का अपमान करने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान शिकायतों, विश्वविद्यालय की
आंतरिक समिति के निष्कर्षों और संबंधित पक्षों के बयानों की पड़ताल की जाएगी।
भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से मांगा जवाब
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व से पूछा कि सांसद के
खिलाफ पार्टी स्तर पर क्या कार्रवाई की गई है। भाजपा ने मांग की कि अकोइजम के खिलाफ
अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएं और शिकायत करने वाली छात्राओं को न्याय मिलना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस के
सार्वजनिक रुख का हवाला देते हुए पार्टी से इस मामले में स्पष्ट प्रतिक्रिया देने को कहा।
ये मांगें भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं। कांग्रेस की ओर से इस मामले पर
कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
सांसद ने आरोपों को किया खारिज
अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।
उन्होंने विश्वविद्यालय की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और इसे अपने खिलाफ की गई कार्रवाई बताया।
ऐसे में मामले के सभी पहलुओं को समझने के लिए शिकायतकर्ताओं के आरोप,
विश्वविद्यालय की जांच, सांसद का पक्ष और पुलिस की जांच—सभी को ध्यान में रखना जरूरी है।
अंतिम कानूनी निष्कर्ष सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
निष्कर्ष
दिल्ली में भाजपा महिला मोर्चा का कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च बिमोल अकोइजम से जुड़े
आरोपों को लेकर राजनीतिक टकराव का नया घटनाक्रम है।
भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की है, जबकि सांसद आरोपों से
इनकार कर चुके हैं। विश्वविद्यालय की कार्रवाई के बाद पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
अब इस प्रकरण में आगे की जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
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