दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए बंद किए जाने के फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आपत्ति जताई है। उन्होंने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। दीपके ने आरोप लगाया कि तिरंगा लहराने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दोबारा हिरासत में लिए जाने की आशंका भी जताई।
नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर 2026 को आम जनता के लिए बंद रखने की सूचना जारी की थी। यह फैसला CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम से पहले आया है। <Cite refs={[“turn962610search0″,”turn962610search5”]}/>
सेंट्रल पार्क बंद करने के फैसले पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्क बंद करने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कार्यक्रम को लेकर इस तरह की पाबंदियां क्यों लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर तिरंगा लहराने के लिए एक स्थान पर रोक लगाई जाएगी, तो क्या दूसरे स्थानों को भी बंद कर दिया जाएगा?
दीपके ने अपने बयान में शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लहराने के अधिकार पर जोर दिया। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करना महत्वपूर्ण है। हालांकि, प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थान पर सभा आयोजित करने को लेकर अनुमति और कानून-व्यवस्था संबंधी प्रतिबंधों का हवाला दिया गया है। <Cite refs={[“turn962610search3″,”turn962610search5”]}/>
दोबारा हिरासत में लिए जाने की जताई आशंका
CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने आशंका जताई कि प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है। उन्होंने कहा कि तिरंगा लहराने के लिए जेल जाना पड़े, तो भी वह तैयार हैं।
यह विवाद ऐसे समय बढ़ा है, जब CJP के दो नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पहले हुई कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की खबर सामने आई थी। पार्टी इन नेताओं की रिहाई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। <Cite refs={[“turn962610search5″,”turn962610news32”]}/>
क्या है ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम?
CJP ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया था। पार्टी ने समर्थकों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ शामिल होने की अपील की थी।
इस कार्यक्रम का संबंध पार्टी की ओर से उठाए जा रहे चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों से भी है। CJP का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि पात्र मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम दोबारा दर्ज करा सकते हैं। <Cite refs={[“turn962610news22″,”turn962610news32”]}/>
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है। रिपोर्टों के अनुसार, इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। पुलिस ने कहा है कि बिना जरूरी अनुमति के भीड़ जुटाने या प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने के लिए उपयुक्त स्थान पर सीमित संख्या में लोगों के एकत्र होने की व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है। यानी विवाद का प्रमुख मुद्दा तिरंगे के प्रति सम्मान नहीं, बल्कि निर्धारित स्थान पर प्रस्तावित सभा और लागू प्रतिबंधों का पालन है। <Cite refs={[“turn962610search6″,”turn962610search9”]}/>
सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद
NDMC के नोटिस के अनुसार, कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रहेगा। प्रशासन ने इस कदम के लिए प्रशासनिक कारण बताए हैं। वहीं, CJP ने पार्क में तिरंगा कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की थी।
पार्क बंद होने और प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ CJP इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकारों का सवाल बता रही है, वहीं प्रशासन सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधों को जरूरी बता रहा है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर CJP के प्रस्तावित कार्यक्रम और दिल्ली पुलिस की
आगे की कार्रवाई पर है। कार्यक्रम किस स्थान पर और किस रूप में आयोजित होगा,
यह प्रशासनिक अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित पक्षों के फैसलों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल अभिजीत दीपके ने सेंट्रल पार्क बंद किए जाने पर आपत्ति जताते हुए
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इस विवाद में आगे होने वाले घटनाक्रम से दिल्ली की
राजनीति और सार्वजनिक प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर बहस और तेज हो सकती है।
FAQ: दिल्ली सेंट्रल पार्क और CJP विवाद
1. दिल्ली में सेंट्रल पार्क क्यों बंद किया गया है?
NDMC के नोटिस के अनुसार, कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क 16 और
17 अक्टूबर 2026 को प्रशासनिक कारणों से आम जनता के लिए बंद रखा गया है।
2. CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने क्या आपत्ति जताई?
उन्होंने पार्क बंद करने के फैसले और प्रस्तावित तिरंगा कार्यक्रम को लेकर
प्रतिबंधों पर सवाल उठाए तथा शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लहराने के अधिकार की बात कही।
3. ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम क्या है?
यह CJP की ओर से प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज के साथ एकत्र होने की अपील की गई थी।
4. अभिजीत दीपके ने हिरासत को लेकर क्या कहा?
उन्होंने आशंका जताई कि कार्यक्रम से पहले पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है और
कहा कि तिरंगा लहराने के लिए जेल जाने से भी वह पीछे नहीं हटेंगे।
5. दिल्ली पुलिस ने क्या रुख अपनाया है?
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाई है और प्रतिबंधों के
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उपयुक्त स्थान पर
सीमित समूह को ध्वज फहराने की अनुमति देने पर भी विचार की बात सामने आई है।
6. CJP किन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही है?
पार्टी मतदाता सूची की संशोधन प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है और
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। चुनाव आयोग ने
मतदाता सूची से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया है।
read this post :अष्टमी-नवमी 2026: कब है दुर्गा अष्टमी और महानवमी? जानें कन्या पूजन की तारीख और शुभ मुहूर्त