UGC इक्विटी रेगुलेशन
लखनऊ में UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में निकाले गए मार्च के दौरान सपा नेता पल्लवी पटेल और पुलिस के बीच जोरदार झड़प हो गई। विधानसभा की ओर बढ़ रहे मार्च को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया, जिसके बाद पल्लवी पटेल सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। पुलिस ने मार्च में शामिल कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। यह घटना लखनऊ की सड़कों पर भारी हंगामा और ट्रैफिक जाम का कारण बन गई। पल्लवी पटेल ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा। UGC के नए रेगुलेशन को लेकर विपक्षी पार्टियां पहले से ही विरोध में सक्रिय हैं, और यह मार्च उसी कड़ी का हिस्सा था।
UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026: विवाद का केंद्र
UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 में विश्वविद्यालयों में आरक्षण, प्रवेश प्रक्रिया और शिक्षक भर्ती में इक्विटी (समानता) सुनिश्चित करने के प्रावधान हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह रेगुलेशन पिछड़े वर्गों के आरक्षण को कमजोर करेगा और निजी विश्वविद्यालयों को फायदा पहुंचाएगा। सपा और अन्य दल इसे “आरक्षण विरोधी” बता रहे हैं। पल्लवी पटेल ने कहा, “UGC का यह रेगुलेशन दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक छात्रों के अधिकार छीन रहा है। हम इसे नहीं मानेंगे।”
मार्च और पुलिस के साथ झड़प: क्या हुआ?
सुबह करीब 11 बजे पल्लवी पटेल के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता, छात्र संगठन और महिला संगठन विधानसभा की ओर मार्च निकाल रहे थे। मार्च में सैकड़ों लोग शामिल थे, जो नारे लगा रहे थे- “आरक्षण बचाओ, UGC वापस लो!”। पुलिस ने विधानसभा के पास बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया। पल्लवी पटेल ने बैरिकेड हटाने की मांग की, लेकिन पुलिस ने अनुमति न होने का हवाला दिया।
इस पर पल्लवी पटेल सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। कार्यकर्ताओं ने भी उनका साथ दिया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पल्लवी पटेल ने आरोप लगाया, “पुलिस ने महिलाओं पर हाथ उठाया। यह योगी सरकार की तानाशाही है।” पुलिस का कहना है कि मार्च बिना अनुमति का था और सड़क जाम करने की कोशिश की गई, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी।
पल्लवी पटेल का बयान: “लड़ाई जारी रहेगी”
हिरासत से रिहा होने के बाद पल्लवी पटेल ने मीडिया से कहा, “हम UGC के इस काले
कानून के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। आरक्षण हमारा संवैधानिक अधिकार है,
इसे कोई नहीं छीन सकता। पुलिस की ज्यादती से हम नहीं डरेंगे।”
उन्होंने छात्रों और युवाओं से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट हों।
सपा प्रवक्ता ने भी घटना को “महिला विरोधी” करार दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति
बीजेपी ने पल्लवी पटेल पर आरोप लगाया कि वे सड़क जाम कर राजनीति कर रही हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा,
“UGC रेगुलेशन शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता लाने के लिए है, इसमें आरक्षण पर कोई असर नहीं पड़ता।”
कांग्रेस और अन्य दल भी विपक्ष के साथ हैं।
पल्लवी पटेल ने घोषणा की कि धरना और मार्च जारी रहेंगे। छात्र संगठनों ने भी
12 फरवरी को राज्यव्यापी प्रदर्शन की योजना बनाई है।
यह मुद्दा अब यूपी की राजनीति में गरमागरम बहस का विषय बन गया है।
लखनऊ की सड़कों पर आज की यह झड़प UGC रेगुलेशन के विरोध को और तेज कर सकती है।
स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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