गोरखपुर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र गोलघर इन दिनों गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। अतिक्रमण हटाओ अभियान, ट्रैफिक अव्यवस्था, ई-रिक्शा संचालन और वाहनों की सख्त उठान जैसी कार्रवाइयों ने व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद करने तक की चेतावनी दे दी है। यह मामला अब प्रशासन और व्यापारियों के बीच टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है।
नगर आयुक्त को सौंपा गया ज्ञापन
समस्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नितिन कुमार जायसवाल के नेतृत्व में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम पहुंचा। नगर आयुक्त की अनुपस्थिति में अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखते हुए जल्द समाधान की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
अतिक्रमण अभियान बना परेशानी का कारण
व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान अब अत्यधिक सख्त हो गया है। White Line के अंदर खड़ी गाड़ियों को भी हटाया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है और दुकानदारों की आमदनी लगातार घट रही है। व्यापारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से व्यापारिक माहौल खराब हो रहा है।
ई-रिक्शा और ट्रैफिक से बिगड़ी व्यवस्था
गोलघर क्षेत्र में अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन ने ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक जटिल बना दिया है। व्यापारियों का आरोप है कि पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे ग्राहक बाजार आने से बचने लगे हैं।
ट्रैफिक प्रबंधन की कमी और प्रशासनिक तालमेल के अभाव ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।
चटोरी गली मार्ग खोलने पर भी विरोध
चटोरी गली मार्ग को खोलने के फैसले का भी व्यापारियों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि इस निर्णय से ट्रैफिक दबाव बढ़ गया है और बाजार की व्यवस्था और बिगड़ गई है।
व्यापारियों का मानना है कि बिना समुचित योजना के लिए गए फैसले से व्यापार प्रभावित हो रहा है।
प्रवर्तन दल की कार्यशैली पर सवाल
व्यापारियों ने नगर निगम के प्रवर्तन दल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस पहले से ही अतिक्रमण हटाने में सक्षम हैं, ऐसे में अतिरिक्त प्रवर्तन दल की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने मांग की है कि इस टीम को समाप्त किया जाए या इसकी कार्यशैली में सुधार किया जाए।
बार-बार आश्वासन, लेकिन समाधान नहीं
व्यापारियों का आरोप है कि वे कई बार महापौर और संबंधित अधिकारियों से मिल चुके हैं,
लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है।
किसी भी समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है,
जिससे व्यापारियों में नाराजगी और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
अंडरग्राउंड पार्किंग का सुझाव
समस्या के स्थायी समाधान के लिए व्यापारियों ने इंदिरा बाल विहार से लेकर GDA टॉवर और
कचहरी क्लब तक अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने का सुझाव दिया है।
उनका मानना है कि यदि इस योजना पर काम किया जाए तो पार्किंग और ट्रैफिक की
समस्या काफी हद तक हल हो सकती है और बाजार की स्थिति सुधर सकती है।
प्रमुख व्यापारियों की मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान कई प्रमुख व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इनमें अनूप किशोर अग्रवाल, संजय गर्ग, संतोष गुप्ता, अभिषेक जायसवाल, प्रदीप टेकरीवाल, समीर राय, पुनीत जिंदल, निकुंज टेकरीवाल,
सुनील गुप्ता, रोहित बजाज, करण सर्राफ, राशिद अहमद, मनमोहन मिश्रा, रिजवान खान, मोहम्मद हसन खान,
अशोक टिबरेवाल, अनिल अग्रवाल और इशार अहमद शामिल रहे।
व्यापार बंद करने की चेतावनी
व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया,
तो वे मजबूर होकर गोलघर बाजार की दुकानों को बंद कर देंगे।
इससे न केवल स्थानीय व्यापार प्रभावित होगा बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
गोलघर का यह मामला प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत को दर्शाता है।
यदि समय रहते संतुलित समाधान नहीं निकाला गया, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
ऐसी स्थिति में प्रशासन को चाहिए कि वह व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए
ठोस कदम उठाए, ताकि शहर की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों और सभी के हित सुरक्षित रह सकें।
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