बुलंदशहर, 9 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा देहात क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसे नहर में धकेलने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, किशोरी को दिल्ली छोड़ने का झांसा देकर अपने साथ ले जाया गया था। आरोप है कि रास्ते में उसके साथ यौन हिंसा की गई और बाद में जान लेने की नीयत से उसे नहर में धकेल दिया गया।
किशोरी ने विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत नहीं हारी और पानी में टहनियों तथा झाड़ियों का सहारा लेकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। सूचना मिलने पर ग्रामीणों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुआ।
दिल्ली छोड़ने के बहाने किशोरी को ले जाने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, किशोरी की आरोपियों से पहले से पहचान थी। आरोप है कि उसे दिल्ली में रिश्तेदारी के यहां पहुंचाने और काम दिलाने का भरोसा देकर अपने साथ ले जाया गया।
इसके बाद दोनों आरोपी उसे बाइक से अलग-अलग रास्तों पर घुमाते रहे। पुलिस पूछताछ में सामने आए विवरण के अनुसार, आरोपियों ने मुख्य मार्गों से बचते हुए नहर की पटरियों और ग्रामीण इलाकों के रास्तों का इस्तेमाल किया।
आरोप है कि इसी दौरान किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। जब उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और गला दबाने का प्रयास भी किया गया। घटना के बाद आरोपियों ने उसे नहर में धकेल दिया।
पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। किशोरी की पहचान और उससे संबंधित निजी जानकारी को सार्वजनिक करना उचित नहीं है।
नहर में गिरने के बाद जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष
घटना के बाद किशोरी नहर में फंस गई। उसने पानी में बहने से बचने के लिए टहनियों और आसपास की झाड़ियों का सहारा लिया। वह मदद मिलने तक अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करती रही।
नहर में किशोरी को देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों और डायल 112 की टीम ने बचाव कार्य शुरू किया।
नहर के दूसरी ओर पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करना पड़ा। इसके बाद कुछ ग्रामीण रस्सी की मदद से पानी में उतरे और कड़ी मशक्कत के बाद किशोरी को बाहर निकाला।
ग्रामीणों की तत्परता और पुलिस की सहायता से किशोरी की जान बचाई जा सकी। इस घटना ने महिला सुरक्षा और संकट के समय त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता को फिर से सामने ला दिया है।
*पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की। किशोरी के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की गई।
पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी को पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। दूसरे आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस को उसके खुर्जा देहात क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली।
*पुलिस टीम ने संदिग्ध की घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि इस दौरान आरोपी ने
पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह घायल हो गया।
इसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए भेजा गया।
पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए
आरोपों और मामले से जुड़े साक्ष्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
पीड़िता की चिकित्सा जांच और पुलिस जांच
घटना के बाद किशोरी को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। पुलिस ने
उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया और उसके बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
ऐसे मामलों में चिकित्सकीय साक्ष्य, पीड़िता का बयान, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और
अन्य संबंधित तथ्यों का महत्वपूर्ण स्थान होता है। जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए
पीड़िता की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जाए।
नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में कानून के अनुसार पीड़िता की
पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए। मीडिया और सोशल मीडिया पर भी ऐसी
कोई जानकारी साझा करने से बचना चाहिए जिससे उसकी पहचान सामने आ सकती हो।
महिला और बालिका सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बुलंदशहर की यह घटना महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है।
भरोसे का फायदा उठाकर किसी नाबालिग को अपने साथ ले जाना और उसके साथ हिंसा करना गंभीर अपराध है।
ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए परिवार, समुदाय, पुलिस और
प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। किसी नाबालिग के लापता होने या उसके साथ
किसी प्रकार की जबरदस्ती की आशंका होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देना महत्वपूर्ण है।
इसके साथ ही पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता, कानूनी मदद और मनोवैज्ञानिक सहयोग
उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि वे भय और दबाव के बिना अपनी बात रख सकें।
आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर नजर
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।
अब मामले में साक्ष्यों का संकलन, बयान और अन्य कानूनी औपचारिकताएं महत्वपूर्ण होंगी।
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में
न्याय सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच और अदालत में साक्ष्यों की उचित प्रस्तुति आवश्यक है।
निष्कर्ष: बुलंदशहर के खुर्जा देहात क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के साथ कथित
सामूहिक दुष्कर्म और उसे नहर में धकेलने का मामला बेहद गंभीर है।
ग्रामीणों और पुलिस की तत्परता से किशोरी की जान बचाई जा सकी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब मामले में निष्पक्ष जांच, पीड़िता की
सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से दोष तय होना महत्वपूर्ण है।
read this post :Build-2026: उत्तर प्रदेश के विकास की नई राह पर मंथन, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रॉपर्टी सेक्टर पर रहेगा फोकस