₹4200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बड़ा फैसला, शुरू होने के 22वें दिन टोल वसूली बंद; निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद बड़ा एक्शन

उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उद्घाटन के महज 22वें दिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में निर्माण संबंधी खामियां सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया। अधिकारियों के अनुसार मरम्मत कार्य पूरा होने और सड़क को सुरक्षित घोषित किए जाने तक वाहन चालकों से टोल नहीं लिया जाएगा।

भारी बारिश के बाद सामने आईं सड़क की खामियां

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हाल ही में हुई बारिश के बाद एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में सड़क धंसने, सतह उखड़ने और अन्य तकनीकी खामियों की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद संबंधित एजेंसियों ने मौके का निरीक्षण किया और मरम्मत कार्य शुरू कराया। लगातार दूसरी बार ऐसी शिकायतें मिलने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए टोल वसूली रोक दी गई।

NHAI ने शुरू की सख्त कार्रवाई

निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद NHAI ने संबंधित निर्माण कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार कंपनी को भविष्य की निविदाओं से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा परियोजना से जुड़े वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। मामले की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है, ताकि सड़क में आई खामियों का वास्तविक कारण पता लगाया जा सके।

यात्रियों को फिलहाल टोल से राहत

टोल वसूली बंद होने से फिलहाल एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले वाहन चालकों को राहत मिलेगी। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल मरम्मत कार्य पूरा होने तक ही लागू रहेगी। सड़क पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही दोबारा टोल संग्रह शुरू किया जाएगा।

₹4200 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है एक्सप्रेसवे

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे लगभग ₹4200 करोड़ की लागत से बनाया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यात्रा समय को काफी कम करना और

यातायात को सुगम बनाना था। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से बड़ी संख्या में

यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों को लाभ मिलने की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती दिनों में सामने

आई तकनीकी समस्याओं ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञ करेंगे तकनीकी जांच

NHAI ने मामले की विस्तृत तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञ संस्थान की

मदद लेने का निर्णय लिया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सड़क को

नुकसान भारी बारिश, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, डिजाइन संबंधी समस्या या

किसी अन्य कारण से हुआ। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

निष्कर्ष

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली रोकने का फैसला इस परियोजना से जुड़े निर्माण गुणवत्ता के मुद्दों को

गंभीरता से लेने का संकेत माना जा रहा है। फिलहाल मरम्मत कार्य जारी है और सड़क को पूरी तरह

सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही टोल संग्रह दोबारा शुरू होगा।

इस मामले में अंतिम निष्कर्ष तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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