भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी पर वसीम जाफर का बड़ा बयान, बोले- चयन कोई एहसान नहीं

अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की करीब चार साल बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी ने क्रिकेट जगत में चर्चा तेज कर दी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए 36 वर्षीय भुवनेश्वर को भारतीय टीम में जगह मिली है। उनके चयन पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने खुलकर समर्थन किया है।

वसीम जाफर ने किया भुवनेश्वर के चयन का समर्थन

वसीम जाफर का कहना है कि भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल करना किसी तरह की मेहरबानी नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि खिलाड़ी के चयन का आधार उसकी मौजूदा फॉर्म, फिटनेस और प्रदर्शन होना चाहिए, केवल उम्र नहीं।

जाफर के मुताबिक भुवनेश्वर ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में उनके प्रदर्शन को नजरअंदाज करना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।

चार साल बाद हुई टीम इंडिया में वापसी

भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2022 में खेला था। इसके बाद वह लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के लिए उन्हें दोबारा टीम में शामिल किया गया है।

उनकी वापसी के पीछे पिछले दो आईपीएल सीजन में किया गया प्रदर्शन अहम माना जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कुल 45 विकेट हासिल किए और अपनी टीम की लगातार दो खिताबी सफलताओं में योगदान दिया।

उम्र नहीं, प्रदर्शन होना चाहिए आधार

वसीम जाफर ने चयन प्रक्रिया में उम्र को लेकर भी अपनी राय रखी। उनका मानना है कि अगर कोई खिलाड़ी फिट है और लगातार प्रदर्शन कर रहा है तो केवल उम्र के आधार पर उसे टीम से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।

भुवनेश्वर का अनुभव भारतीय टीम के लिए उपयोगी हो सकता है। खासकर

नई गेंद से स्विंग कराने और शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की उनकी

क्षमता न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभव का संतुलन जरूरी

भारतीय टी20 टीम में इस समय कई युवा तेज गेंदबाज मौजूद हैं। भुवनेश्वर की वापसी से

टीम के गेंदबाजी आक्रमण में अनुभव भी जुड़ गया है।

जाफर का मानना है कि टीम को पूरी तरह युवाओं पर निर्भर रहने के बजाय

अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का सही मिश्रण तैयार करना चाहिए।

दबाव वाले मुकाबलों में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका अहम हो सकती है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होगी। पहला मुकाबला

क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। इसके बाद 24 अक्टूबर को दूसरा मैच क्राइस्टचर्च, 27 अक्टूबर को तीसरा मैच वेलिंगटन,

30 अक्टूबर को चौथा मुकाबला ऑकलैंड और 1 नवंबर को पांचवां मैच हैमिल्टन में निर्धारित है।

इस सीरीज में भुवनेश्वर कुमार के प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी। उनकी वापसी के बाद

यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या वह आगे चलकर भारत की वनडे योजनाओं में भी जगह बना सकते हैं।

हालांकि, फिलहाल उनका चयन न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए हुआ है।

भुवनेश्वर के सामने खुद को साबित करने का मौका

करीब चार साल बाद राष्ट्रीय टीम में लौटे भुवनेश्वर के लिए न्यूजीलैंड सीरीज महत्वपूर्ण होगी।

आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी वापसी का इंतजार है।

अगर वह अपनी स्विंग, नियंत्रण और फिटनेस के साथ प्रभावी प्रदर्शन करते हैं तो टीम में

उनकी भूमिका और मजबूत हो सकती है। फिलहाल भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें

न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज पर टिकी हैं।

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