भागलपुर में कर्मा-धर्मा पर्व पर बड़ा हादसा, गहरे पानी में डूबे छह बच्चे; इलाके में पसरा मातम

बिहार के भागलपुर जिले में कर्मा-धर्मा पर्व के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के नारायणपुर बहियार इलाके में स्नान करने गए छह बच्चों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों में तीन लड़के और तीन लड़कियां शामिल बताए गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।

कर्मा-धर्मा पर्व पर स्नान करने गए थे बच्चे

जानकारी के मुताबिक, बच्चे कर्मा-धर्मा पर्व की तैयारियों के सिलसिले में नारायणपुर बहियार क्षेत्र में पानी में स्नान करने गए थे। हाल की बारिश और गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण खेतों और आसपास के हिस्सों में काफी पानी जमा था।

स्नान के दौरान एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में दूसरे बच्चे भी पानी में उतर गए। देखते ही देखते छह बच्चे गहरे पानी की चपेट में आ गए।

स्थानीय लोगों ने बच्चों को पानी से बाहर निकाला

हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय युवकों ने पानी में उतरकर बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने छह बच्चों को मृत घोषित कर दिया।

एक साथ छह बच्चों की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। जिन घरों में पर्व को लेकर उत्साह था, वहां अचानक मातम छा गया।

मृतकों में तीन लड़के और तीन लड़कियां

ताजा जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान पूजा कुमारी (13), राहुल कुमार (14), विकास कुमार

(13), आयुष कुमार (12), मीनाक्षी कुमारी उर्फ मिंकी (12) और ज्योति कुमारी (14) के रूप में हुई है।

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इनमें पांच बच्चे सुल्तानगंज के

विष्णु टोला क्षेत्र से और एक बच्ची रजंदीपुर की रहने वाली थी।

बारिश और बढ़े जलस्तर के बीच हुआ हादसा

स्थानीय जानकारी के अनुसार हाल की बारिश और गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण नारायणपुर बहियार के

आसपास पानी जमा था। पानी की वास्तविक गहराई और नीचे मौजूद गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल था।

प्रारंभिक जानकारी में यही सामने आया है कि एक बच्चे के गहरे पानी में जाने के

बाद उसे बचाने की कोशिश में अन्य बच्चे भी पानी में चले गए और हादसा हो गया।

पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने घटनास्थल की जानकारी ली और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई है।

पर्व की खुशियां मातम में बदलीं

कर्मा-धर्मा पर्व को लेकर इलाके में सुबह से उत्साह था, लेकिन छह बच्चों की मौत की खबर के

बाद माहौल पूरी तरह बदल गया। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की स्थिति है।

यह हादसा एक बार फिर जलभराव वाले क्षेत्रों और गहरे पानी के आसपास बच्चों की सुरक्षा को

लेकर सावधानी की जरूरत को सामने लाता है। खासकर बारिश और बाढ़ के दौरान पानी से भरे खेतों,

गड्ढों और तालाबों की वास्तविक गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है।

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