आधार में जन्मतिथि बदलने के नियम होंगे और सख्त, 15 अक्टूबर से नई व्यवस्था की उम्मीद

लखनऊ, 2 अक्टूबर 2026। आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने से जुड़े नियमों को और सख्त किए जाने की तैयारी है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मौजूदा नियमों के अनुसार आधार में जन्मतिथि सामान्य प्रक्रिया के तहत एक बार अपडेट की जा सकती है। इसके बाद दोबारा बदलाव के लिए विशेष प्रक्रिया और अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत होती है।

बताया जा रहा है कि दूसरी या उसके बाद की बार जन्मतिथि बदलने से संबंधित आवेदनों के लिए नई प्रक्रिया तैयार की जा रही है और 15 अक्टूबर 2026 से नई व्यवस्था शुरू होने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य गलत दस्तावेजों के आधार पर बार-बार जन्मतिथि बदलने की संभावनाओं को रोकना है।

पहली बार जन्मतिथि बदलने के बाद क्या नियम है?

UIDAI के आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक आधार में जन्मतिथि को सामान्य प्रक्रिया में एक बार अपडेट किया जा सकता है। इसके बाद यदि किसी व्यक्ति को जन्मतिथि में सुधार की वास्तविक जरूरत पड़ती है तो उसे निर्धारित अपवाद प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होता है।

जन्मतिथि में बदलाव के लिए वैध प्रमाण प्रस्तुत करना जरूरी है। UIDAI की प्रक्रिया में जन्म प्रमाणपत्र सहित स्वीकार्य दस्तावेजों के आधार पर जानकारी का सत्यापन किया जाता है।

दूसरी बार बदलाव के लिए ज्यादा सख्त सत्यापन

दूसरी बार जन्मतिथि में बदलाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। UIDAI के नियमों में इसके लिए विशेष प्रक्रिया निर्धारित है। ऐसे मामलों में आवेदक को संबंधित दस्तावेजों के साथ यह स्पष्ट करना पड़ सकता है कि पहले दर्ज जन्मतिथि में सुधार की आवश्यकता क्यों है।

UIDAI के मानकों के अनुसार जन्म प्रमाणपत्र जन्मतिथि का महत्वपूर्ण कानूनी प्रमाण माना जाता है। यदि पहले जन्म प्रमाणपत्र को आधार में जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जा चुका है, तो आगे सुधार के लिए संबंधित परिस्थितियों में संशोधित जन्म प्रमाणपत्र की आवश्यकता हो सकती है।

बार-बार बदलाव रोकने की तैयारी क्यों?

रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन सामने आते हैं जिनमें आधार में एक से अधिक बार जन्मतिथि बदलने का अनुरोध किया जाता है। खासकर नौकरी या उम्र से जुड़ी पात्रता वाले मामलों में जन्मतिथि में बदलाव की कोशिशों को लेकर सत्यापन को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

इसी वजह से UIDAI की ओर से दूसरी या उसके बाद की बार जन्मतिथि संशोधन की प्रक्रिया में अतिरिक्त जांच और दस्तावेजों के सत्यापन पर जोर दिया जा रहा है।

जन्मतिथि ऑनलाइन बदल सकते हैं?

वर्तमान UIDAI FAQ के अनुसार जन्मतिथि अपडेट करने की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। इसके लिए आधार सेवा केंद्र जाना होता है और जन्मतिथि से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करना होता है।

इसलिए जिन लोगों को आधार में जन्मतिथि में सुधार कराना है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत आधार सेवा केंद्र पर आवेदन करना चाहिए।

किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?

जन्मतिथि में बदलाव के मामले में स्वीकार्य प्रमाण परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकते हैं। UIDAI के नियमों में जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट और अन्य स्वीकृत जन्मतिथि प्रमाण दस्तावेजों का प्रावधान है। पहले कौन-सा दस्तावेज दिया गया था, इसके आधार पर आगे के आवेदन में भी अलग दस्तावेज की आवश्यकता हो सकती है।

नई व्यवस्था लागू होने पर क्या बदलेगा?

नई व्यवस्था लागू होने पर आधार में दूसरी या उसके बाद की बार जन्मतिथि बदलने वाले आवेदनों की जांच पहले की तुलना में अधिक कड़ी हो सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य सही दस्तावेजों और वास्तविक कारणों के आधार पर ही संशोधन की अनुमति देना है।

हालांकि, 15 अक्टूबर से नई प्रक्रिया लागू होने की बात अभी उम्मीद के तौर पर बताई गई है,

इसलिए अंतिम प्रक्रिया और आधिकारिक निर्देश आने पर ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

आधार में जन्मतिथि बदलने वालों के लिए जरूरी बात

आधार में जन्मतिथि बदलने से पहले अपने सभी मूल दस्तावेजों में जन्मतिथि की जांच कर लेना बेहतर है।

आवेदन में गलत या असंगत जानकारी देने से सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

यदि पहले ही जन्मतिथि अपडेट की जा चुकी है और दोबारा सुधार की जरूरत है, तो

UIDAI की विशेष प्रक्रिया के तहत उचित दस्तावेज और कारण के साथ आवेदन करना होगा।

निष्कर्ष

आधार में जन्मतिथि के बार-बार बदलाव को रोकने के लिए नियमों को और

कड़ा करने की तैयारी है। मौजूदा व्यवस्था में पहली बार जन्मतिथि

अपडेट के बाद आगे के बदलाव के लिए विशेष प्रक्रिया लागू है। प्रस्तावित

नई व्यवस्था में सत्यापन और दस्तावेजों की जांच को और मजबूत किया जा सकता है।

नई प्रक्रिया लागू होने की अपेक्षित तारीख 15 अक्टूबर 2026 बताई जा रही है,

लेकिन अंतिम निर्देश UIDAI की आधिकारिक सूचना के आधार पर ही माने जाने चाहिए

FAQ

1. आधार में जन्मतिथि कितनी बार बदली जा सकती है?
UIDAI के मौजूदा नियमों के अनुसार जन्मतिथि सामान्य प्रक्रिया में एक बार

अपडेट की जा सकती है। इसके बाद बदलाव के लिए विशेष प्रक्रिया लागू होती है।

2. क्या आधार में जन्मतिथि ऑनलाइन बदली जा सकती है?
वर्तमान में जन्मतिथि अपडेट के लिए आधार सेवा केंद्र जाना होता है।

3. दूसरी बार जन्मतिथि बदलने के लिए क्या करना होगा?
दूसरी या आगे की बार बदलाव के लिए UIDAI की निर्धारित अपवाद प्रक्रिया के तहत

वैध दस्तावेज और आवश्यक कारण प्रस्तुत करना होता है।

4. जन्मतिथि के लिए कौन-सा दस्तावेज महत्वपूर्ण है?
जन्म प्रमाणपत्र जन्मतिथि का महत्वपूर्ण कानूनी प्रमाण है। इसके अला

वा UIDAI द्वारा स्वीकार किए गए अन्य दस्तावेज भी परिस्थितियों के अनुसार मान्य हो सकते हैं।

5. नई व्यवस्था कब से लागू होने की उम्मीद है?
रिपोर्ट के अनुसार दूसरी बार जन्मतिथि बदलने की प्रक्रिया के लिए नई व्यवस्था

15 अक्टूबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। अंतिम पुष्टि UIDAI की आधिकारिक सूचना से होगी।

6. नियम सख्त करने का उद्देश्य क्या है?
मुख्य उद्देश्य जन्मतिथि में गलत या अनुचित बदलाव को रोकना और

वास्तविक दस्तावेजों के आधार पर ही संशोधन सुनिश्चित करना है।

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