उत्तर भारत में शीतलहर का कहर: MP के 25 शहरों में 10°C से कम तापमान – यूपी में शिमला से ज्यादा सर्दी, दिल्ली में 500 फ्लाइट लेट

उत्तर भारत में सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मध्य प्रदेश के 25 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में कई जगह शिमला से भी ज्यादा ठंड पड़ रही है – पारा 4.5 डिग्री तक गिर गया। दिल्ली में घने कोहरे ने हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है, जहां 500 फ्लाइट्स लेट हो गईं और 14 कैंसिल कर दी गईं। 23 दिसंबर 2025 को मौसम विभाग ने पूरे उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का अलर्ट जारी किया है। ठंड और कम विजिबिलिटी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

सड़कों पर हादसे बढ़े हैं, ट्रेनें लेट चल रही हैं और लोग घरों में कैद हो गए हैं। यूपी के कई जिलों में तापमान सामान्य से 5-7 डिग्री कम है। दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। यह सर्दी स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले कुछ दिनों तक राहत नहीं मिलेगी। यह मौसम फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इस ब्लॉग में हम उत्तर भारत की ठंड की पूरी स्थिति, MP-यूपी-दिल्ली अपडेट, फ्लाइट लेट, स्वास्थ्य जोखिम और बचाव के टिप्स बताएंगे। यदि आप इन इलाकों में हैं, तो यह अपडेट आपके लिए जरूरी है।

MP में 25 शहरों में 10°C से कम तापमान

मध्य प्रदेश में सर्दी ने कहर बरपाया है। मुख्य अपडेट:

  • 25 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे।
  • कुछ जगह 5-7 डिग्री।
  • भोपाल, इंदौर, ग्वालियर प्रभावित।
  • रात में सबसे ज्यादा ठंड।
  • कोहरा घना।
  • शीतलहर अलर्ट।

लोग ठंड से परेशान हैं।

यूपी में शिमला से ज्यादा सर्दी

उत्तर प्रदेश में ठंड रिकॉर्ड तोड़:

  • कई जगह पारा 4.5 डिग्री।
  • शिमला से ज्यादा सर्दी।
  • पूर्वांचल और तराई क्षेत्र।
  • गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी।
  • घना कोहरा।
  • विजिबिलिटी कम।

यूपी में शीतलहर जारी है।

दिल्ली में फ्लाइट्स प्रभावित: 500 लेट, 14 कैंसिल

दिल्ली एयरपोर्ट पर कोहरा का असर:

  • 500 फ्लाइट्स लेट।
  • 14 फ्लाइट्स कैंसिल।
  • विजिबिलिटी 50 मीटर।
  • लैंडिंग-टेकऑफ मुश्किल।
  • यात्री घंटों इंतजार।
  • कनेक्टिंग फ्लाइट मिस।

एयरलाइंस ने अल्टरनेटिव व्यवस्था की।

जनजीवन पर असर: हादसे और स्वास्थ्य

ठंड से:

  • सड़क हादसे बढ़े।
  • ट्रेनें लेट।
  • स्कूलों में कम उपस्थिति।
  • फसलें प्रभावित।
  • सांस और जोड़ों की समस्या।
  • अस्पतालों में मरीज।

जनजीवन धीमा हो गया है।