SDM का स्टेनो बाबू बनकर ठग लिए 1.10 लाख
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। एक ठग ने खुद को SDM का स्टेनो बाबू बताकर संतकबीरनगर के एक बिल्डर से 1.10 लाख रुपये ठग लिए। अमर उजाला और दैनिक जागरण की 10 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार, ठग ने बिल्डर से रिसॉर्ट बनाने के लिए ‘कॉमर्शियल फीस’ के नाम पर पैसे मांगे और फर्जी दस्तावेज दिखाकर विश्वास जीता। बिल्डर ने पैसे देने के बाद जब जांच की तो पता चला कि कोई भी सरकारी आदेश नहीं है। पुलिस ने ठग को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग और फर्जी पहचान के खतरे को उजागर करती है। इस ब्लॉग में हम इस फर्जीवाड़े की पूरी कहानी, ठग की चालाकी, पुलिस कार्रवाई और ऐसे धोखाधड़ी से बचाव के टिप्स बताएंगे। यदि आप रियल एस्टेट या सरकारी दस्तावेजों से जुड़े हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए चेतावनी हैं।
फर्जीवाड़े की पूरी कहानी: SDM स्टेनो बाबू बनकर ठगा
संतकबीरनगर के एक बिल्डर ने संतकबीरनगर में रिसॉर्ट बनाने की योजना बनाई। उसने SDM ऑफिस से कॉमर्शियल परमिशन के लिए आवेदन किया। इसी बीच एक ठग ने खुद को SDM का स्टेनो बाबू बताया और बिल्डर से संपर्क किया। ठग ने कहा:
- “आपका रिसॉर्ट अप्रूवल हो जाएगा, बस 1.10 लाख रुपये फीस जमा करवाएं।”
- फर्जी लेटरहेड, स्टैंप और सरकारी मुहर दिखाई।
- फर्जी बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाए।
बिल्डर ने 1.10 लाख रुपये UPI से ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब SDM ऑफिस गया तो पता चला कि कोई फाइल ही नहीं है। ठग ने पैसे लेकर फोन बंद कर लिया।
ठग की चालाकी: फर्जी दस्तावेज और सरकारी मुहर का इस्तेमाल
ठग ने इस्तेमाल किया:
- फर्जी SDM लेटरहेड।
- नकली स्टैंप और मुहर।
- फर्जी बैंक अकाउंट।
- बिल्डर को बार-बार फोन करके विश्वास दिलाया कि “पेमेंट कर दो, 2 दिन में अप्रूवल मिल जाएगा।”
पुलिस ने कहा, “ठग ने पहले भी ऐसे कई मामलों में ठगी की है।”
पुलिस कार्रवाई: गिरफ्तारी और जांच
संतकबीरनगर पुलिस ने बिल्डर की शिकायत पर FIR दर्ज की। IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (फर्जी दस्तावेज) और 471 (फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल) में मुकदमा दर्ज। पुलिस ने ठग को गिरफ्तार कर लिया। उसका नाम रामकुमार यादव बताया गया। पूछताछ में ठग ने कबूल किया कि उसने 5-6 बिल्डरों से 8 लाख रुपये ठगे हैं।
रियल एस्टेट में बढ़ते फर्जीवाड़े: यूपी में 2025 में 300+ केस
- यूपी में 2025 में 300+ फर्जी दस्तावेज से जुड़े केस।
- मुख्य कारण: सरकारी दस्तावेजों का दुरुपयोग।
- बिल्डरों को सलाह: SDM ऑफिस से सीधे संपर्क करें।
