फ्लाइट इंतजार में हार्ट अटैक से यात्री की मौत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अमौसी एयरपोर्ट पर चल रही उड़ान कैंसलेशन की अफरातफरी ने एक दर्दनाक मोड़ ले लिया है। 7 दिसंबर 2025 की रात को कानपुर के 46 वर्षीय अनूप कुमार पांडेय की फ्लाइट इंतजार करते हुए हार्ट अटैक से मौत हो गई। आजतक और न्यूज18 की रिपोर्ट्स के अनुसार, अनूप बेंगलुरु वापस लौटने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन लगातार कैंसलेशन की खबरों से तनावग्रस्त हो गए। परिवार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी पर गंभीर आरोप लगाया है कि तुरंत मेडिकल सुविधा न मिलने से उनकी जान चली गई। यह घटना देशव्यापी इंडिगो संकट के बीच हुई, जहां अमौसी पर 33 फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं। इस ब्लॉग में हम इस दुखद घटना की पूरी टाइमलाइन, परिवार के आरोप, एयरपोर्ट की प्रतिक्रिया और यात्रियों की सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। यदि आप अमौसी या अन्य एयरपोर्ट्स से ट्रैवल करते हैं, तो ये अपडेट्स और टिप्स आपके लिए जरूरी हैं।
घटना की पूरी टाइमलाइन: इंतजार से मौत तक का सफर
अनूप कुमार पांडेय कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। वे निजी कंपनी में फाइनेंस एग्जीक्यूटिव थे। रिश्तेदार की तेरहवीं में शामिल होने के बाद 7 दिसंबर रात 10:30 बजे बेंगलुरु जाने वाली एयर इंडिया फ्लाइट AI-1821 पकड़ने अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे। लेकिन फ्लाइट कैंसल हो गई। अनूप पत्नी पूजा, बेटी श्रेया (14) और बेटे पारस (10) के साथ इंतजार करने लगे।
- रात 11 बजे: कैंसलेशन की खबर से अनूप तनावग्रस्त हो गए। परिवार ने बताया कि वे घंटों काउंटर पर चक्कर काटते रहे।
- मध्यरात्रि 12:30 बजे: अचानक अनूप को सीने में दर्द हुआ। वे लाउंज में बैठे थे।
- 12:45 बजे: एयरपोर्ट स्टाफ ने लोकबंधु अस्पताल की एंबुलेंस बुलाई, लेकिन इलाज में देरी।
- 1:15 बजे: अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया।
परिवार बेंगलुरु से टैक्सी से कानपुर लौट आया। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपा गया।
परिवार के गंभीर आरोप: तुरंत मदद न मिलने से जान गई
अनूप के बड़े भाई अधिवक्ता अनिल पांडेय ने एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस पर आरोप लगाया:
- “फ्लाइट कैंसलेशन की अफरा-तफरी में तनाव बढ़ा। एयरपोर्ट पर मेडिकल हेल्प डेस्क पर कोई डॉक्टर नहीं था।”
- “CCTV फुटेज मांगा तो सहयोग नहीं मिला। यदि तुरंत CPR या डिफिब्रिलेटर मिल जाता, तो जान बच सकती थी।”
- “इंडिगो और अन्य एयरलाइंस की मनमानी से 4,000 यात्री फंसे, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं।”
परिवार ने DGCA और स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की है। अनिल ने कहा, “यह यात्रियों के साथ अन्याय है।”
एयरपोर्ट और एयरलाइंस की प्रतिक्रिया: जांच के आदेश
अमौसी एयरपोर्ट डायरेक्टर ने कहा, “मेडिकल टीम मौजूद थी, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल भेजा गया। कैंसलेशन अपरिहार्य कारणों से हुई।” इंडिगो ने रिफंड का भरोसा दिया, लेकिन परिवार संतुष्ट नहीं। DGCA ने जांच शुरू की है। अमौसी पर रविवार को 33 फ्लाइट्स रद्द हुईं, जिसमें 4,000 यात्री फंसे।
यात्रियों पर असर: तनाव से हेल्थ रिस्क बढ़ा
इंडिगो संकट से अमौसी पर हाहाकार मचा है। अनूप जैसी घटना ने सवाल खड़े किए:
- तनाव से हार्ट अटैक का खतरा 30% बढ़ा।
- महिलाएं-बच्चे सबसे प्रभावित।
- वैकल्पिक फ्लाइट्स महंगी (45,000 रुपये तक)।
विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट्स पर 24/7 मेडिकल यूनिट जरूरी।
एयरपोर्ट इमरजेंसी से कैसे बचें? 5 जरूरी टिप्स
- मेडिकल किट कैरी: दवा, CPR गाइड रखें।
- तनाव मैनेज: कैंसलेशन पर हेल्पलाइन 1800-209-3344 कॉल करें।
- हेल्थ चेक: हाई BP वाले यात्रा से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
- शिकायत: DGCA ऐप पर तुरंत रिपोर्ट।
- इंश्योरेंस: ट्रैवल पॉलिसी लें, मेडिकल कवर शामिल। ये टिप्स अपनाकर 70% रिस्क कम हो सकता है।