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गोरखपुर में प्रशासनिक पुनर्गठन की बड़ी कार्रवाई आज से शुरू हो गई है। कई साल पुराने और जर्जर हो चुके नलकूप विभाग के आवासीय परिसर को ध्वस्त करने का काम आज से शुरू किया जा रहा है। यह पूरा परिसर लंबे समय से असुरक्षित स्थिति में था, जिसके कारण गोरखपुर प्रशासन ने इसे गिराने का निर्णय लिया है। विभाग का मुख्य कार्यालय अब गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) टॉवर में स्थानांतरित किया जा रहा है।
नलकूप विभाग का पुराना परिसर अब इतिहास बनेगा
गोरखपुर शहर का यह नलकूप परिसर कई दशक पुराना है और अब इसकी स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी थी। लोक निर्माण विभाग और नगर निगम की संयुक्त रिपोर्ट में इसे ‘डेंजर जोन’ में माना गया। आज से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसके लिए भारी मशीनरी और श्रमिकों की टीम तैनात कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहेगा।
जीडीए टॉवर बनेगा नया प्रशासनिक केंद्र
नलकूप विभाग के सभी दफ्तर अब जीडीए टॉवर में शिफ्ट हो जाएंगे। यह आधुनिक इमारत विजय चौक के पास है और इसमें ऑनलाइन रिकॉर्ड सिस्टम, मीटिंग हॉल, और विभागीय शाखाओं के संचालन के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। गोरखपुर शहर में अब अधिकांश सरकारी कार्यालयों को चरणबद्ध ढंग से इसी तरह के स्मार्ट भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
कर्मचारियों और नागरिकों के लिए नई सुविधा
नलकूप विभाग के कर्मचारियों के पुराने आवास खाली कराए जा चुके हैं। जिन अधिकारियों को अस्थायी रूप से आवास की आवश्यकता थी, उन्हें वैकल्पिक सरकारी आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, नए दफ्तर में आम नागरिकों को आवेदन, नलकूप अनुमति, और जल स्तर से जुड़े कार्यों के लिए आसान सेवाएं मिलेंगी। डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम से पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी।
भविष्य की योजना और संभावित निर्माण
GDA की योजना है कि पुराने नलकूप परिसर की जगह को किसी नए सार्वजनिक उपयोग वाले प्रोजेक्ट के लिए विकसित किया जाए। इसमें पार्किंग, हरित क्षेत्र या किसी सामुदायिक भवन का प्रस्ताव शामिल हो सकता है। यह कदम गोरखपुर को स्मार्ट सिटी ढांचे के और करीब लाने वाला माना जा रहा है।
प्रशासन की कार्रवाई और सुरक्षा इंतज़ाम
ध्वस्तीकरण से पहले बिजली और पानी के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। प्रशासन ने कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह सुरक्षित और नियोजित तरीके से संपन्न होगी, जिससे किसी प्रकार का नुकसान न हो।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष ने बताया कि शहर को आधुनिक शहरी ढांचे में ढालने की दिशा में यह अहम कदम है। पुराने जर्जर भवनों को हटाकर नए स्मार्ट ऑफिस और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जगह बनाना गोरखपुर के विकास की बड़ी योजना का हिस्सा है।
