मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी तेज़ी से काम पूरा करने की हिदायतउत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में राज्य की राजधानी लखनऊ में विशेष सुरक्षा बल यानी यूपी एसएसएफ (UP Special Security Force) के लिए तैयार किया जा रहा नया भवन अब अपने लक्ष्य से चार माह पहले ही पूरा होने की ओर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को इस निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जून के बाद मानसूनी बारिश का असर परियोजना की गति पर न पड़े, इसलिए सभी निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर तेजी से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी एसएसएफ राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का प्रमुख स्तंभ बनेगा। यह बल न केवल महत्वपूर्ण संस्थानों, अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों और सचिवालय भवनों की सुरक्षा में कार्य करेगा, बल्कि आने वाले समय में वीआईपी सुरक्षा और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि सुरक्षा बल को अत्याधुनिक संसाधनों और उन्नत प्रशिक्षण से लैस किया जाएगा ताकि वह हर चुनौती का सामना कर सके।सीएम योगी ने समीक्षा बैठक में उपस्थित पुलिस और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। परियोजना से जुड़े अभियंताओं ने बताया कि मुख्य प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण ब्लॉक, आवासीय परिसर और फायरिंग रेंज का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
वर्तमान प्रगति को देखते हुए संभावना व्यक्त की गई है कि मार्च 2026 तक संपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार हो जाएगा, जबकि निर्धारित लक्ष्य जुलाई 2026 का था। इस गति से काम जारी रहा तो प्रदेश को निर्धारित समय से चार महीने पहले ही यह महत्वपूर्ण परियोजना मिल जाएगी।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सरकार कानून व्यवस्था को लेकर शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि विशेष सुरक्षा बल की स्थापना का उद्देश्य प्रदेश में स्थायी और समर्पित सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना है। इससे प्रदेश में बड़े धार्मिक आयोजनों, सरकारी संस्थानों, न्यायालयों तथा पर्यटक स्थलों की सुरक्षा को एक नया आयाम मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भवन निर्माण में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सभी सामग्री का प्रयोग मानक गुणवत्ता के अनुसार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि बारिश से पहले भवन के बाहरी कार्य, जैसे कि सड़कों का निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम और लैंडस्केपिंग का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि मानसून के मौसम में निर्माण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) और हाउसिंग डिपार्टमेंट के इंजीनियरों से कहा कि दैनिक आधार पर कार्य की समीक्षा करें और प्रगति रिपोर्ट हर सप्ताह प्रस्तुत करें।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में एसएसएफ के प्रशिक्षण के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरण और सिमुलेशन बेस्ड ट्रेनिंग सिस्टम तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल को साइबर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, विस्फोटक निष्क्रिय करने की तकनीक और आतंकी खतरों से निपटने की नवीन तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा, महिला सुरक्षा बल की तर्ज पर इस इकाई में महिला कर्मियों की भी पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एसएसएफ कार्यालय और परिसर को हरित भवन (Green Building) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें सौर ऊर्जा पैनल, वर्षा जल संचयन प्रणाली और ऊर्जा दक्ष लाइटिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे न केवल ऊर्जा की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
परिसर में 5 एकड़ का हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जहां अलग-अलग प्रकार के वृक्ष लगाए जाएंगे।परियोजना के दौरान सुरक्षा बल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहला बैच पहले से ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है और आने वाले महीनों में दूसरा बैच भी शामिल होने वाला है। प्रशिक्षण में ड्रिल, शारीरिक फिटनेस, आपातकालीन प्रतिक्रिया, संचार कौशल और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं है, बल्कि एक ऐसी सुरक्षा इकाई तैयार करना है जो अनुशासन, निष्ठा और दक्षता का प्रतीक बने।
उन्होंने कहा कि एसएसएफ के शुरू होने से महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बल का दबाव कम होगा और सुरक्षा व्यवस्था और भी रणनीतिक रूप से प्रबंधित की जा सकेगी।उन्होंने वार्ता के दौरान यह भी कहा कि 2024-25 में प्रदेश में विकास परियोजनाएं अभूतपूर्व गति से चल रही हैं, और इसी क्रम में यूपी एसएसएफ भवन का समय से पहले निर्माण प्रदेश की प्रगति का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि परियोजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों पर ध्यान दिया गया है।बैठक के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि यह केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा और गौरव से जुड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने हर स्तर पर सतर्कता और समन्वय बनाकर काम करने का आह्वान किया ताकि जून तक अधिकांश कार्य पूरे हो सकें और बारिश के मौसम में किसी प्रकार की चुनौती न आए।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश का सुरक्षा ढांचा और मजबूत होगा। साथ ही यह केंद्र सरकार के “स्मार्ट और सुरक्षित सिटी” विजन को भी और बल प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति देखकर जल्द ही प्रदेश को एक अत्याधुनिक और आत्मनिर्भर सुरक्षा बल का मुख्यालय समर्पित किया जा सकेगा, जो आने वाले दशकों तक प्रदेश की शांति और सुरक्षा का आधार बनेगा।
