पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 17 नवंबर 2025 को मानवता के खिलाफ अपराधों और छात्रों की हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। इस फैसले के तहत शेख हसीना पर कुल पांच मामलों में आरोप थे, जिनमें जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, प्रदर्शनकारियों को क्रूरता से दबाने, निहत्थे छात्रों की गोली मारकर हत्या करने और भड़काऊ टिप्पणियां करने के आरोप शामिल हैं।
अदालत ने कहा कि शेख हसीना ने प्रदर्शनकारियों पर घातक हथियारों और ड्रोन-हेलीकॉप्टर से हमले करने के आदेश दिए थे, जिनसे लगभग 1400 लोगों की हत्या और हजारों के घायल होने की पुष्टि हुई। साथ ही उन्होंने ढाका विश्वविद्यालय के कुलपति को धमकी दी कि प्रदर्शनकारियों को रजाकारों की तरह मौत दी जाएगी।
गृहमंत्री असदुज्जमान खान कमाल और पुलिस प्रमुख अब्दुल्ला अल-मामून को भी इसी मामले में दोषी पाया गया और गृहमंत्री को भी मौत की सजा सुनाई गई जबकि पुलिस प्रमुख को कम सजा मिली क्योंकि वह सरकारी गवाह बने थे। इस मामले की सुनवाई 28 कार्य दिवसों और 54 गवाहों की गवाही के बाद पूरी हुई।
न्यायाधिकरण ने यह भी पाया कि हसीना सरकार ने जांच रिपोर्टों को दबाने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलवाने की कोशिश की। उनके आदेश और निर्देशन के कारण छात्र आंदोलन को बुरी तरह कुचला गया और निर्दोष छात्र, महिलाएं तथा बच्चे भी हिंसा का शिकार बने। शेख हसीना ने प्रदर्शनकारियों को “साफ” करने के आदेश दिए और पुलिस एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों को गिरफ्तारियां, हमले और हत्या के लिए प्रेरित किया।
फैसले के बाद बांग्लादेश में तनाव फैला हुआ है और इस विपक्षी फैसले को लेकर राजनीतिक सफेद झोंका गहराया है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस फैसले की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। शेख हसीना इस फैसले को राजनीतिक साजिश और पक्षपातपूर्ण बताते हुए खारिज कर चुकी हैं।इस फैसले के परिणामस्वरूप बांग्लादेश में वर्तमान राजनीतिक स्थिति में बदलाव की संभावना और हिंसा की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि यह मामला एक बड़े छात्र आंदोलन और राजनीतिक संघर्ष का प्रतिबिंब है जिसमें हजारों लोग प्रभावित हुए थे।
छात्रों की हत्या के लिए शेख हसीना को दोषी मानना उनके राजनैतिक करियर और बांग्लादेश की राजनीति दोनों के लिए एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
इस पूरे मामले में शेख हसीना के खिलाफ लगाए गए प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं:जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर घातक हथियारों और ड्रोन से हमले का आदेश1400 लोगों की हत्या और लगभग 25000 लोगों के घायल होने में भूमिकाप्रदर्शनकारियों को “साफ” करने और हत्याओं के आदेश देने की जिम्मेदारीढाका विश्वविद्यालय के छात्रों और अन्य निहत्थे प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्याजांच रिपोर्टों को दबाने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलवाने के प्रयासबांग्लादेश की
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने कहा कि ये अपराध मानवता के खिलाफ गम्भीर अपराध हैं और शेख हसीना के कड़े प्रशासनिक आदेशों के तहत हुए। इस फैसले से बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा में बड़े बदलाव आने की संभावना है और देश में सुरक्षा एवं स्थिरता की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
