पराग डेयरी प्लांट को फरवरी 2026 तक फिर से शुरू करने का फैसला लिया गया है।
उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने इस बात की जानकारी मीडिया से साझा की है। उन्होंने बताया कि यह डेयरी प्लांट, जो दो साल से बंद था, अब राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) द्वारा संचालित होगा। प्लांट की क्षमता लगभग एक लाख लीटर दूध प्रतिदिन की है।
इस डेयरी के बंद होने का कारण पिछले समाजवादी पार्टी शासनकाल की उपेक्षा रही, जिसके चलते यह आर्थिक और परिचालन समस्याओं के कारण बंद हो गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब इस प्लांट को पुनः संचालित कर स्थानीय दूध उत्पादकों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
तकनीकी मूल्यांकन और आवश्यक सुधार कार्य पहले ही शुरू हो चुके हैं ताकि अगले वित्तीय वर्ष के पहले दूध की खरीद शुरू हो सके।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने यह भी बताया कि पशु तस्करों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई हो रही है, जिससे गोरखपुर में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा जिला में पशुओं के लिए मोबाइल वैन उपलब्ध कराई गई हैं, जो पशुओं का उपचार घर पर ही कर सकेंगी।
इसके चलते पशुपालकों को इलाज और दूध उत्पादन दोनों में सुविधा मिलेगी।पराग डेयरी का पुनः संचालन गोरखपुर के किसानों और दूध उत्पादकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा, जिससे रोजगार के नए अवसर बनेंगे और दुग्ध क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। यह पहल पूर्वांचल के डेयरी उद्योग को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
